मेथी की खेती न सिर्फ मसाले और औषधियों के लिए बल्कि किसानों की कमाई के लिए भी एक शानदार मौका है। सर्दियों में मेथी के दाने और पत्तों की बढ़ती माँग को देखते हुए CT-114 जैसी उन्नत किस्म किसानों के लिए वरदान बन रही है। यह किस्म कम समय में ज्यादा पैदावार देती है और इसे जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत में बोकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) इस किस्म के बीज सस्ते दामों पर ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है, जिसे किसान घर बैठे मंगवा सकते हैं।
CT-114 की खासियत
CT-114 मेथी की एक खास किस्म है, जो अपनी चौड़ी पत्तियों और छोटे लेकिन गुणवत्तापूर्ण दानों के लिए जानी जाती है। इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक बार बुवाई करने पर तीन बार कटाई की जा सकती है। प्रति एकड़ इससे 8 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है, जो पारंपरिक किस्मों से कहीं ज्यादा है। मथुरा के एक किसान, रमेश चौरसिया, ने बताया कि CT-114 की खेती शुरू करने के बाद उनकी कमाई दोगुनी हो गई, क्योंकि इसकी पत्तियाँ और दाने बाजार में अच्छी कीमत पर बिकते हैं। यह किस्म रोगों और कीटों से लड़ने में भी मजबूत है, जिससे नुकसान कम होता है।
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सस्ते में बीज
राष्ट्रीय बीज निगम ने किसानों की सुविधा के लिए CT-114 मेथी के बीज को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। किसान इसे ओएनडीसी (ONDC) के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं। 60 ग्राम का पैकेट सिर्फ 80 रुपये में मिल रहा है, जो बाजार की कीमत से 22 प्रतिशत सस्ता है। इस प्लेटफॉर्म पर मेथी के अलावा दूसरी फसलों के बीज और पौधे भी आसानी से मिल जाते हैं। ऑर्डर करने पर बीज सीधे आपके घर पहुँचाए जाते हैं। यह सुविधा छोटे और मझोले किसानों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, क्योंकि इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
Grow Fresh Methi in your garden with best quality TL seeds of NSC-CT-114 variety.
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— National Seeds Corporation Limited (@NSCLIMITED) July 27, 2025
बुवाई का सही तरीका
मेथी की बुवाई ज्यादातर छिड़काव विधि से की जाती है, लेकिन CT-114 की अच्छी पैदावार के लिए कतारों में बुवाई ज्यादा बेहतर है। कतारों में बीज लगाने से निराई-गुड़ाई और खरपतवार प्रबंधन आसान हो जाता है। पंक्तियों के बीच 20 से 25 सेंटीमीटर की दूरी रखनी चाहिए। प्रति हेक्टेयर 20 से 25 किलोग्राम बीज काफी हैं। बुवाई से पहले बीज को ट्राइकोडर्मा या थायरम से उपचारित करने से रोगों से बचाव होता है। खेत में 10 से 15 टन गोबर खाद और 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 20 किलोग्राम फॉस्फोरस डालने से फसल स्वस्थ रहती है। दो से तीन सिंचाइयाँ काफी हैं, खासकर फूल आने और दाना बनने के समय।
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कीट और रोगों से बचाव
CT-114 किस्म रोगों के प्रति सहनशील है, लेकिन कुछ सावधानियाँ जरूरी हैं। खरपतवार के लिए बुवाई के तुरंत बाद पेंडीमेथालिन का छिड़काव किया जा सकता है। अगर तेला जैसे कीट दिखें, तो इमिडाक्लोप्रिड का इस्तेमाल करें। पत्ती झुलसा रोग से बचने के लिए मैनकोजेब का छिड़काव हर 10-12 दिन पर करना चाहिए। इन तरीकों से फसल का नुकसान कम होता है और पैदावार बढ़ती है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. अनिल मेहता का कहना है कि CT-114 की खेती छोटे किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का रास्ता खोलती है।
मुनाफे का गणित
CT-114 से प्रति एकड़ 8 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है। बाजार में मेथी के दाने और पत्तियों का दाम 6,000 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलता है। इस हिसाब से एक एकड़ से 48,000 से 64,000 रुपये की कमाई हो सकती है। खेती की लागत 15,000 से 20,000 रुपये प्रति एकड़ आती है, यानी शुद्ध मुनाफा 30,000 से 44,000 रुपये तक हो सकता है। मेथी की पत्तियों की माँग सर्दियों में बढ़ जाती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त कमाई होती है। अगर आप इस किस्म की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर जाकर बीज ऑर्डर करें और अपने नजदीकी कृषि केंद्र से सलाह लें।
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