PM Kisan सम्मान निधि के नाम पर फोन हुआ हैक, अकाउंट से निकाले 96 हजार रुपये

किसान भाइयों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को साइबर ठगों ने निशाना बनाया है। राजस्थान के अलवर में एक ऐसा मामला सामने आया, जहाँ एक फर्जी ePF फाइल ने किसान के बैंक खाते से 96,000 रुपये उड़ा दिए। ठगों ने झारखंड से 1,150 किलोमीटर दूर बैठकर ये साइबर जाल बिछाया। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने दो ठगों को पकड़ लिया। ये घटना हमें बताती है कि डिजिटल दुनिया में सावधानी कितनी ज़रूरी है। आइए, जानें इस ठगी का पूरा मामला और इससे बचने के आसान उपाय।

अलवर में साइबर ठगी का जाल

पिछले साल, 3 अक्टूबर 2024 को अलवर के एक किसान के मोबाइल पर एक ePF फाइल आई, जो कथित तौर पर PM किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी थी। किसान ने भरोसा करके फाइल डाउनलोड की, और उसका फोन हैक हो गया। तीन महीने बाद, 7 जनवरी 2025 को जब वो बैंक गया, तो उसके खाते में सिर्फ़ 90 रुपये बचे थे। ठगों ने 95,700 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। ये कोई पहला मामला नहीं है। साइबर ठग फर्जी लिंक, मैसेज, और APK फाइल्स के ज़रिए पहले भी कई किसानों को ठग चुके हैं।

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झारखंड से पकड़े गए ठग

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल और बैंक खातों की जाँच से पता चला कि ये साइबर ठगी झारखंड के पलामू जिले से ऑपरेट हो रही थी। अलवर पुलिस ने झारखंड पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की और दो आरोपियों, 24 साल के कुमार गौरव और 22 साल के ओमप्रकाश यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में है। ये गिरफ्तारी साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कामयाबी है।

ठगों का नया हथियार, फर्जी फाइल्स और लिंक

साइबर ठगों ने PM किसान सम्मान निधि योजना को हथियार बनाया है। ये फर्जी ePF फाइल्स, APK लिंक, या व्हाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को लुभाते हैं। जैसे ही आप इन लिंक या फाइल्स पर क्लिक करते हैं, आपका फोन हैक हो जाता है। ठग आपके बैंक खाते, OTP, और पर्सनल जानकारी चुरा लेते हैं। अलवर के अलावा, जोधपुर और पलामू जैसे इलाकों में भी ऐसी ठगी की खबरें आई हैं। कई बार ठग फ्री गिफ्ट, कैशबैक, या योजना की किस्त का लालच देकर जाल बिछाते हैं।

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किसान भाइयों, इस साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएँ। कोई भी अनजान लिंक, ePF फाइल, या APK डाउनलोड न करें। PM किसान योजना की जानकारी सिर्फ़ आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या Google Play Store के PM Kisan ऐप से लें। अगर कोई मैसेज या कॉल आए, तो पहले अपने बैंक या नज़दीकी पुलिस स्टेशन में सत्यापन करें। फोन में एंटी-वायरस ऐप जैसे Avast या Quick Heal इंस्टॉल करें। बैंक खाते को UPI या मोबाइल बैंकिंग से जोड़ते समय दो-स्तरीय सत्यापन (2FA) चालू करें। अगर ठगी हो जाए, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

किसानों का हक, डिजिटल सावधानी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना हमारे खेतों की मेहनत को सम्मान देती है, मगर साइबर ठग इसे नुकसान पहुँचा रहे हैं। अलवर की घटना और झारखंड से गिरफ्तारी हमें सिखाती है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता बहुत ज़रूरी है। अपने बैंक खाते की जानकारी गोपनीय रखें और अनजान लिंक से बचें। अगर कोई शक हो, तो अपने जिला कृषि अधिकारी या PM Kisan हेल्पलाइन 155261 पर संपर्क करें। अपनी कहानी साझा करें और साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहें।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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