भारत के किसानों के लिए मक्का की खेती में खरपतवार हमेशा से एक बड़ी मुसीबत रही है। खासकर जब मक्का का पौधा छोटा होता है, तब खरपतवार उसकी जड़ों से पानी और पोषक तत्व छीन लेते हैं, जिससे फसल की पैदावार कम हो जाती है। इस परेशानी को देखते हुए गोदरेज एग्रोवेट ने जापान की मशहूर कंपनी ISK के साथ मिलकर एक नया हर्बिसाइड “आशिताका” लॉन्च किया है।
यह हर्बिसाइड खास तौर पर मक्का की फसल के लिए बनाया गया है, जो घास और चौड़ी पत्तियों वाले खरपतवारों को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। गोदरेज एग्रोवेट के क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस के मुखिया राजवेलु एन.के. का कहना है कि आशिताका किसानों को उनकी फसल की पैदावार बढ़ाने में बड़ी राहत देगा। यह नया उत्पाद मक्का की खेती को और आसान व फायदेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
किन राज्यों में मिलेगा आशिताका?
गोदरेज एग्रोवेट ने इस हर्बिसाइड को सबसे पहले उन राज्यों में उतारा है, जहाँ मक्का की खेती बड़े पैमाने पर होती है। तमिलनाडु में इसकी सप्लाई इसी महीने से शुरू हो चुकी है, जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह अक्टूबर से उपलब्ध होगा। कर्नाटक के किसानों के लिए भी यह जल्द ही बाजार में आएगा। कंपनी की योजना है कि आने वाले कुछ महीनों में आशिताका को देश के सभी मक्का उत्पादक राज्यों में पहुँचाया जाए। रबी के मौसम से इसकी बिक्री शुरू होगी, लेकिन अगले साल खरीफ के मौसम में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने की उम्मीद है।
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फसल को मिलेगा पूरा पोषण
आशिताका का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह खरपतवारों को शुरुआती दो से चार पत्तियों के चरण में ही खत्म कर देता है। इससे मक्का के पौधों को मिट्टी का पानी और पोषक तत्व पूरी तरह मिल पाते हैं। गोदरेज एग्रोवेट के मार्केटिंग मैनेजर अनिल चौबे बताते हैं कि इस हर्बिसाइड की सही मात्रा, यानी 50 मिलीलीटर प्रति एकड़ और 400 मिलीलीटर प्रति एकड़ सर्फेक्टेंट के साथ, खरपतवारों को जड़ से खत्म करती है। इससे फसल में खरपतवारों की होड़ खत्म हो जाती है, और पौधे फूलने और दाने बनने के समय में स्वस्थ रहते हैं। खासकर बारिश पर निर्भर खेती करने वाले किसानों के लिए यह हर्बिसाइड बंपर पैदावार और अच्छी गुणवत्ता वाले दाने देने में मददगार है।
कम लागत में ज्यादा फायदा
आशिताका न केवल खरपतवारों को नियंत्रित करता है, बल्कि यह किसानों की जेब पर भी भारी नहीं पड़ता। पारंपरिक तरीकों से खरपतवार हटाने में मेहनत और पैसे दोनों ज्यादा लगते हैं। लेकिन आशिताका के इस्तेमाल से किसान कम खर्च में ज्यादा पैदावार पा सकते हैं। यह हर्बिसाइड बारिश की कमी या मौसम की मार झेल रही फसलों के लिए भी कारगर है, क्योंकि यह खरपतवारों की वजह से होने वाले नुकसान को कम करता है। इससे किसानों को न सिर्फ बेहतर उपज मिलेगी, बल्कि उनकी कमाई भी स्थिर रहेगी।
गोदरेज की नई योजनाएँ
गोदरेज एग्रोवेट का इरादा है कि वह हर साल कम से कम एक नया क्रॉप प्रोटेक्शन उत्पाद लाए। कंपनी अगले साल चावल की फसल के लिए एक नया कीटनाशक लॉन्च करने की तैयारी में है, बशर्ते इसे जरूरी मंजूरी मिल जाए। इसके अलावा, कंपनी को उम्मीद है कि आशिताका अगले तीन-चार सालों में करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार करेगा। यह भारतीय किसानों के लिए नई तकनीक और नवाचार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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