मूली काशी हंस, 51 रुपये में बीज, 30 दिन में फसल और लाखों का मुनाफा, घर बैठे ऑर्डर करें

हमारे किसान भाइयों के लिए मूली की खेती हमेशा से आसान और फायदेमंद रही है। नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन (NSC) की मूली की “काशी हंस” किस्म अब आपके खेतों में स्वाद और सेहत का खजाना ला रही है। यह मूली अपनी सफेद, रसदार, और हल्के मीठे स्वाद वाली जड़ों के लिए जानी जाती है, जो बाजार में खूब पसंद की जाती है। चाहे आप इसे अपने घर के आँगन में उगाएं या बड़े खेत में, यह किस्म कम समय में अच्छी पैदावार देती है। 100 ग्राम का बीज पैक NSC के ऑनलाइन स्टोर से मंगवाकर आप इसकी खेती शुरू कर सकते हैं। यह छोटा निवेश आपके लिए बड़ा मुनाफा ला सकता है।

काशी हंस की खासियत क्या है

काशी हंस मूली (Mooli Kashi Hans Farming) की एक ऐसी किस्म है, जो तेजी से बढ़ती है और 30-35 दिनों में फसल तैयार कर देती है। इसकी जड़ें लंबी, सफेद, और चिकनी होती हैं, जो खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद हैं। यह किस्म कम पानी और देखभाल में भी अच्छी पैदावार देती है, जो इसे छोटे और बड़े किसानों के लिए एकदम सही बनाती है। खास बात यह है कि यह गर्म और ठंडी दोनों जलवायु में उगाई जा सकती है, लेकिन सर्दियों में (अक्टूबर से फरवरी) यह सबसे अच्छा परिणाम देती है। NSC का यह सत्यापित बीज उच्च गुणवत्ता का है, जो आपको भरोसेमंद पैदावार की गारंटी देता है।

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खेत तैयार करने का देसी तरीका

मूली की खेती के लिए खेत की अच्छी तैयारी बहुत जरूरी है। सबसे पहले खेत की गहरी जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बना लें। रेतीली दोमट मिट्टी, जिसमें पानी की अच्छी निकासी हो, इस फसल के लिए सबसे अच्छी है। मिट्टी में 15-20 टन प्रति हेक्टेयर गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाएं, ताकि पौधों को पूरा पोषण मिले। मिट्टी का पीएच 6.0 से 7.0 के बीच होना चाहिए। अगर आपके खेत में जैविक खाद उपलब्ध है, जैसे गोमूत्र या वर्मीकम्पोस्ट, तो उसे भी मिला सकते हैं। बीज को 1-2 सेंटीमीटर की गहराई पर बोएं और पौधों के बीच 10-15 सेंटीमीटर का फासला रखें। इससे जड़ें अच्छे से बढ़ती हैं।

सही समय पर रोपाई और देखभाल

हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और बिहार जैसे राज्यों में सितंबर से नवंबर का समय मूली की बुआई के लिए सबसे अच्छा है। काशी हंस के बीज बोने के बाद हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नम रहे। 5-7 दिनों में अंकुरण शुरू हो जाता है। शुरुआती हफ्तों में हल्की और नियमित सिंचाई करें, लेकिन खेत में पानी जमा न होने दें। खरपतवार को समय-समय पर उखाड़ते रहें, ताकि पौधों को पूरा पोषण मिले। अगर खेत में ज्यादा नमी है, तो पाले से बचाने के लिए पुआल से मल्चिंग करें। यह देसी नुस्खा नमी बनाए रखता है और फसल को सुरक्षित रखता है।

कीटों और रोगों से बचाव के नुस्खे

काशी हंस मूली की फसल को कीटों और रोगों से बचाना आसान है, अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए। लाही और थ्रिप्स जैसे कीट कभी-कभी पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए नीम के तेल का हल्का घोल बनाकर छिड़काव करें। यह प्राकृतिक तरीका फसल को सुरक्षित रखता है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता। अगर पत्तियों पर फफूंदी या सफ़ेद धब्बे दिखें, तो नजदीकी कृषि केंद्र से सलाह लेकर फफूंदनाशक का इस्तेमाल करें। खेत को साफ रखें और पुराने पौधों के अवशेष हटा दें, ताकि रोग न फैलें।

कम लागत में बंपर मुनाफा

मूली की खेती में लागत बहुत कम आती है, और काशी हंस जैसी किस्म इसे और फायदेमंद बनाती है। एक एकड़ में लगभग 5-7 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है। अच्छे प्रबंधन से प्रति एकड़ 10-15 टन मूली की पैदावार मिल सकती है। बाजार में मूली का भाव 20-40 रुपये प्रति किलो तक जाता है, जिससे 2-3 लाख रुपये का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है। अगर आप इसे अपने घर के आँगन में उगाते हैं, तो घरेलू खपत के साथ-साथ स्थानीय बाजार में बेचकर भी कमाई कर सकते हैं।

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बीज कहां से मंगवाएं

काशी हंस मूली के सत्यापित बीज आप आसानी से नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन के ऑनलाइन स्टोर (mystore.in) से मंगवा सकते हैं। 100 ग्राम का पैक सिर्फ 51 रुपये में उपलब्ध है, जो छोटे और बड़े दोनों किसानों के लिए किफायती है। आप अपने नजदीकी NSC डीलर या कृषि केंद्र से भी इन बीजों की जानकारी ले सकते हैं। कई राज्यों में सरकार बीजों पर सब्सिडी देती है, इसलिए अपने स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क करें और सब्सिडी की जानकारी लें। ऑनलाइन ऑर्डर करने से बीज सीधे आपके घर पहुंचेंगे, जिससे आपकी मेहनत और समय बचता है।

कई सरकारी योजनाएं, जैसे राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) और राज्य कृषि योजनाएं, बीज और खेती के उपकरणों पर सब्सिडी देती हैं। अपने नजदीकी कृषि केंद्र या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करके इन योजनाओं का लाभ उठाएं। कुछ जगहों पर मुफ्त बीज वितरण भी होता है। साथ ही, कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों से समय-समय पर ट्रेनिंग लें, ताकि आप नई तकनीकों और देसी नुस्खों से अपनी खेती को और बेहतर बना सकें। काशी हंस मूली की खेती आपके लिए कम लागत में बड़ा मुनाफा ला सकती है।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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