उत्तर प्रदेश के किसान भाइयों के लिए एक बहुत बड़ी खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को और मजबूत बनाया है। अब खेती-किसानी के दौरान या खेत में काम करते समय कोई दुर्घटना होती है तो किसान या उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। ये राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से आएगी। योजना का मकसद किसानों की आर्थिक सुरक्षा करना है, ताकि कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने पर परिवार बेसहारा न हो जाए।
ये योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए है जो खेत में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर या अन्य कृषि यंत्रों से काम करते समय चोटिल हो जाते हैं या दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। पहले योजना में मुआवजा कम था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 लाख तक किया गया है। कई किसान परिवारों ने बताया कि इस मदद से उनका परिवार संभल गया और बच्चे पढ़ाई जारी रख सके।
योजना में कितना और किसको मिलेगा मुआवजा
योजना के तहत मौत की स्थिति में 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। स्थायी अक्षमता होने पर भी पूरी राशि या आंशिक मुआवजा मिलता है। अगर किसान गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो इलाज के लिए अलग से सहायता दी जाती है। ये मदद सिर्फ किसान को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी मिलती है। पात्रता के लिए किसान के पास कृषि भूमि का रिकॉर्ड होना चाहिए और दुर्घटना कृषि कार्य से जुड़ी होनी चाहिए।
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। अब किसान या परिवार के सदस्य घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। नजदीकी तहसील या ब्लॉक कार्यालय में भी फॉर्म उपलब्ध हैं। आवेदन के साथ मौत प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बैंक पासबुक और कृषि भूमि के कागजात लगाने होते हैं। आवेदन मिलने के बाद जांच के बाद 30-60 दिनों में मुआवजा खाते में आ जाता है।
कैसे करें आवेदन और किन बातों का ध्यान रखें
आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना पोर्टल पर जाएं। वहां रजिस्ट्रेशन करें, फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। अगर इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में जाकर मदद लें। अधिकारी बताते हैं कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर आवेदन की जांच की जाती है, ताकि सही हकदार को ही लाभ मिले।
किसान भाइयों, ये योजना आपकी आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच है। अगर आपके परिवार में कभी ऐसी दुर्घटना हुई है तो तुरंत आवेदन करें। ज्यादा जानकारी के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क करें।