देशी गाय-भैंस पालने वालों के लिए बड़ी खबर, 14 जनवरी को मिलेगा ICAR सम्मान

ICAR Animal Breed Award: 14 जनवरी 2026 का दिन भारत के पशुपालकों और किसानों के लिए बहुत खास होने वाला है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाणपत्र और नस्ल संरक्षण पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी उपस्थित रहेंगे। समारोह ए.पी. शिडे सभागार, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में होगा।

देशी पशु नस्लों का संरक्षण और सम्मान

भारत में देशी पशु नस्लें हमारी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। गाय, भैंस, बकरी, भेड़, घोड़ा, ऊंट, मुर्गी जैसी कई नस्लें सदियों से हमारे साथ हैं। ये नस्लें स्थानीय जलवायु, मिट्टी और परिस्थितियों में अनुकूलित हैं, कम संसाधनों में अच्छा उत्पादन देती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर होती हैं। ICAR के अंतर्गत नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेज (NBAGR) इन नस्लों का पंजीकरण, संरक्षण और सुधार का काम करता है।

इस समारोह में उन किसानों, पशुपालकों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने देशी नस्लों के संरक्षण, सुधार और पंजीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाणपत्र उन नस्लों को आधिकारिक मान्यता देता है जो अद्वितीय हैं और संरक्षण की जरूरत रखती हैं। ये पुरस्कार न सिर्फ प्रोत्साहन हैं, बल्कि देशी नस्लों को बचाने और बढ़ावा देने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक भी हैं।

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क्यों महत्वपूर्ण है ये समारोह

देशी पशु नस्लें आज चुनौतियों का सामना कर रही हैं। आधुनिक विदेशी नस्लों की ओर रुझान, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक दबाव के कारण कई नस्लें विलुप्ति के कगार पर हैं। ICAR-NBAGR ने अब तक सैकड़ों नस्लों का पंजीकरण किया है, जैसे गाय की 53, भैंस की 20, बकरी की 39, भेड़ की 45, मुर्गी की 20 नस्लें और अन्य। ये पुरस्कार उन किसानों और संस्थाओं को दिए जाते हैं जो घर-घर जाकर, गांव-गांव में इन नस्लों को संभालते और बढ़ाते हैं।

श्री शिवराज सिंह चौहान जी जैसे अनुभवी नेता, जो खुद किसान परिवार से हैं और लंबे समय तक पशुपालन-कृषि से जुड़े रहे हैं, इस समारोह में शामिल होकर देशी नस्लों के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेंगे। ये कार्यक्रम न सिर्फ सम्मान का अवसर है, बल्कि देशी पशुधन की संरक्षण की दिशा में नई ऊर्जा भरने वाला है।

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किसानों के लिए संदेश और फायदा

ये समारोह बताता है कि सरकार और ICAR देशी नस्लों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पुरस्कार पाने वाले किसान भाइयों को आर्थिक मदद, मान्यता और आगे बढ़ने का मौका मिलता है। बाकी पशुपालकों को प्रेरणा मिलती है कि देशी नस्लों की खेती-पशुपालन से अच्छी कमाई और स्थिरता संभव है।

देशी नस्लों में दूध, मांस, खाल और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होती है। ये कम फीड पर ज्यादा उत्पादन देती हैं और स्थानीय बाजारों में अच्छा दाम मिलता है। अगर आप भी देशी गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी पालते हैं, तो NBAGR से संपर्क कर अपनी नस्ल का पंजीकरण करवाएं। इससे नस्ल की पहचान बनी रहेगी और भविष्य में पुरस्कार या योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

भाइयो, 14 जनवरी 2026 का ये दिन देशी पशुधन के संरक्षण का उत्सव है। श्री शिवराज सिंह चौहान जी के नेतृत्व में ये कार्यक्रम लाखों पशुपालक परिवारों को नई उम्मीद देगा।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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