लाल भिंडी की सबसे उन्नत बीज मात्र 40 रुपये में! यहां से सस्ते दाम में करें ऑर्डर

Red ladyfinger Kashi Lalima Variety : भिंडी की सब्जी तो हर घर में बनती है। कोई भुजिया पसंद करता है, तो कोई भरवां भिंडी का मज़ा लेता है। लेकिन ज्यादातर लोगों के दिमाग में भिंडी का नाम सुनते ही हरी भिंडी की तस्वीर आती है। मगर भाई, क्या आपने लाल भिंडी के बारे में सुना है? अगर नहीं, तो आज जान लीजिए। ये लाल भिंडी न सिर्फ देखने में खूबसूरत है, बल्कि सेहत के लिए भी कमाल की है। आजकल किसान इसकी खेती करके तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। खासकर इसकी उन्नत वैरायटी ‘काशी लालिमा’ की खेती से जेब भर रही है। चलिए, आपको बताते हैं कि इसे कैसे उगाएँ, बीज कहाँ से लें, और इसके फायदे क्या हैं।

काशी लालिमा बीज कहाँ से मंगवाएँ

गर्मी का मौसम आते ही बाज़ार में भिंडी की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) किसानों के लिए ‘काशी लालिमा’ के बीज ऑनलाइन बेच रहा है। आप इसे ओएनडीसी (ONDC) के ऑनलाइन स्टोर shop.mystore.in से मंगवा सकते हैं। यहाँ 100 ग्राम का पैकेट 18% छूट के साथ सिर्फ 40 रुपये में मिल रहा है। ऑर्डर करें, और घर बैठे डिलीवरी पाएँ। यहाँ दूसरी फसलों के बीज भी मिलते हैं। इतने सस्ते में बीज लेकर आप लाल भिंडी की खेती शुरू कर सकते हैं और बंपर कमाई कर सकते हैं।

काशी लालिमा की खासियत

काशी लालिमा वैरायटी की खेती रबी और खरीफ, दोनों मौसम में हो सकती है। बस बीज लेते वक्त चेक करें कि वो किस सीजन के लिए है। ये फसल 45-50 दिन में तैयार हो जाती है, और 6 महीने तक फल देती रहती है। यानी एक बार लगाओ, और महीनों तक कमाई करो। हरी भिंडी से जल्दी हार्वेस्टिंग और लंबे वक्त तक फल देने की खूबी इसे खास बनाती है। एक पौधे से 20-22 भिंडी मिलती हैं, और प्रति हेक्टेयर 150-180 क्विंटल तक पैदावार होती है। ये वैरायटी वाराणसी के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने बनाई है, जो पोषण और स्वाद में कमाल है।

लाल भिंडी के फायदे

लाल भिंडी की कीमत हरी भिंडी से ज्यादा मिलती है—100 से 500 रुपये प्रति किलो तक। ये सेहत का खजाना है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, आयरन, जिंक, और कैल्शियम भरपूर होते हैं। डायबिटीज और दिल के मरीजों के लिए ये रामबाण है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि ये फोलिक एसिड देती है, जो बच्चे के दिमाग के विकास में मदद करता है। स्वाद में भी हरी भिंडी से अलग और मज़ेदार है। बाज़ार में इसकी डिमांड बढ़ रही है, तो किसानों के लिए कमाई का शानदार मौका है।

लाल भिंडी की खेती कैसे करें

लाल भिंडी की खेती आसान है। खेत को तैयार करने के लिए पहले हल चलाएँ, फिर 15-20 क्विंटल गोबर की खाद डालें। मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए, और पानी रुकने की जगह न हो—वरना पौधे सड़ सकते हैं। बीज को 8-10 घंटे पानी में भिगोएँ, फिर छाया में सुखाकर लाइन में बो दें। लाइन से लाइन की दूरी 45-60 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 25-30 सेमी रखें। गर्मी में 4-5 दिन, और बरसात में जरूरत पड़ने पर पानी दें। नीम तेल से कीटों को भगाएँ। 45 दिन बाद पहली तुड़ाई शुरू हो जाएगी।

मुनाफे का हिसाब

मान लीजिए, आप 1 हेक्टेयर में खेती करते हैं। 2-3 किलो बीज और खेती का खर्च मिलाकर 2 लाख रुपये लगेंगे। 150 क्विंटल पैदावार हुई, और 300 रुपये प्रति किलो औसत रेट मिला, तो 45 लाख की कमाई। खर्च निकालकर भी 40 लाख से ज्यादा मुनाफा। तो देर किस बात की? काशी लालिमा लगाएँ, और कमाई की बरसात करें!

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  • Rahul Maurya

    मेरा नाम राहुल है। मैं उत्तर प्रदेश से हूं और मैंने संभावना इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में शिक्षा प्राप्त की है। मैं Krishitak.com का संस्थापक और प्रमुख लेखक हूं। पिछले 3 वर्षों से मैं खेती-किसानी, कृषि योजनाएं, और ग्रामीण भारत से जुड़े विषयों पर लेखन कर रहा हूं।

    Krishitak.com के माध्यम से मेरा उद्देश्य है कि देशभर के किसानों तक सटीक, व्यावहारिक और नई कृषि जानकारी आसान भाषा में पहुँचे। मेरी कोशिश रहती है कि हर लेख पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हो, जिससे वे खेती में आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें।

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