Benefits of Azolla: गर्मी का मौसम हो तो पशुओं के लिए पौष्टिक चारा ढूँढना बड़ी बात है। एजोला ऐसा ही चमत्कारी चारा है, जो दूध देने वाले पशुओं के लिए वरदान है। इसे छोटी सी जगह में तैयार कर सकते हैं और दूध की पैदावार दोगुनी कर सकते हैं। किसान भाइयों, अगर आपके पास जगह कम है और पशुपालन से कमाई बढ़ाना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। कृषि विज्ञान केंद्र बारासिन, सुलतानपुर के पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ. गौरव पांडे ने इसके फायदे बताए। चलिए, एजोला की खासियत और इसे उगाने का आसान तरीका समझते हैं।
एजोला क्या है
एजोला एक जलीय फर्न है, जो पानी में उगता है। ये चारा दुधारू पशुओं के लिए सुपरफूड है। डॉ. गौरव पांडे बताते हैं कि थोड़ा सा बीज पानी में डालें, तो ये पूरी जगह ढक लेता है। इसमें प्रोटीन, वसा, विटामिन और पोषक तत्व भरपूर होते हैं। ये पशुओं में प्रोटीन की कमी दूर करता है, जिससे दूध बढ़ता है। गाय-भैंस के अलावा बकरी और मुर्गियों के लिए भी फायदेमंद है। बकरियाँ और मुर्गियाँ इसे खाएँ, तो मांस बढ़ता है और वो मोटी-तंदुरुस्त होती हैं। सस्ता और असरदार ये है एजोला की ताकत।
दूध और मांस में फायदा
डॉ. पांडे के मुताबिक, एजोला दूध उत्पादन में गुणोत्तर बढ़ोतरी करता है। गाय-भैंस को रोज 1-2 किलो एजोला खिलाएँ, तो दूध 10-20% तक बढ़ सकता है। ये मांस बढ़ाने में भी कमाल है। बकरियों का वजन बढ़ता है और मुर्गियों की ग्रोथ तेज होती है। इसमें 25-30% प्रोटीन, 10-15% खनिज और विटामिन A, B12 व E होते हैं। गर्मी में जब हरा चारा कम हो, तो एजोला पशुओं को ताकत देता है। ये पाचन भी सुधारता है और बीमारियाँ कम करता है।
एजोला उगाने का आसान तरीका
एजोला उगाना बच्चों का खेल है। घर के पास 6×4 फीट का छोटा टैंक बनाएँ। 10-15 सेमी पानी भरें। 1-2 किलो एजोला बीज (नजदीकी कृषि केंद्र से लें) डालें। 5-10 ग्राम सुपर फॉस्फेट और 1-2 किलो गोबर मिलाएँ। 25-35 डिग्री तापमान में 7-10 दिन में टैंक हरा-भरा हो जाएगा। हर 4-5 दिन में 20-25% एजोला निकालकर पशुओं को खिलाएँ और पानी डालते रहें। धूप और छाया का बैलेंस रखें। ये सस्ता तरीका हर किसान भाई आजमा सकता है।
लागत और मुनाफा
एक टैंक बनाने में 500-1000 रुपये और बीज में 200-300 रुपये लगते हैं। महीने में 50-60 किलो एजोला तैयार हो सकता है। 10 गायों को रोज 2 किलो खिलाएँ, तो दूध 1-2 लीटर प्रति गाय बढ़ेगा। 40 रुपये लीटर के हिसाब से महीने में 12-24 हजार की अतिरिक्त कमाई। बाजार में हरा चारा 5-10 रुपये किलो है, लेकिन एजोला लगभग मुफ्त। बकरी-मुर्गी का मांस बढ़े, तो 20-30% ज्यादा दाम। लागत कम, मुनाफा ज्यादा—ये है एजोला का जादू।
किसान भाइयों, एजोला को अपनाएँ। छोटी जगह में तैयार करें और पशुओं को खिलाएँ। दूध बढ़ेगा, मांस बढ़ेगा और जेब भरेगी। गर्मी में ये सस्ता और पौष्टिक चारा आपकी मेहनत को दोगुना फल देगा। टैंक बनाएँ, बीज डालें और फायदा उठाएँ। पशुओं को तंदुरुस्त रखें और कमाई बढ़ाएँ। एजोला के साथ खेती और पशुपालन दोनों चमकें!
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