जानिए शस्य गहनता क्या है? एक साल में गेहूं, मूंग, मक्का या धान से बढ़ाएं कमाई

किसान भाइयों, शस्य गहनता एक ऐसा तरीका है, जो खेत से ज्यादा से ज्यादा फसल लेने की कला सिखाता है। इसे समझें तो, एक साल में एक खेत से जितनी फसलें उगाई जाती हैं, उसी को शस्य गहनता कहते हैं। जैसे, अगर आप साल में एक फसल लेते हैं, तो शस्य गहनता 100% होगी, दो फसलें लें, तो 200%, तीन फसलें लें, तो 300%, और चार फसलें लें, तो 400%। गेहूं, मूंग, मक्का, धान, आलू जैसी फसलों को सही समय पर बोएं, तो खेत कभी खाली नहीं रहेगा, और जेब हमेशा भरी रहेगी। तो चलिए, इसे विस्तार से समझते हैं।

शस्य गहनता क्यों जरूरी है

हमारे देश में ज्यादातर किसान साल में एक या दो फसलें ही लेते हैं, खेत बाकी समय खाली पड़ा रहता है, और कमाई सीमित रहती है। लेकिन शस्य गहनता अपनाएं, तो एक ही खेत से सालभर फसल ले सकते हैं। इससे मिट्टी का पूरा इस्तेमाल होता है, लागत कम लगती है, और मुनाफा बढ़ता है। जैसे, गेहूं के बाद मूंग, फिर मक्का,या धान  और बाद में आलू बोया जा सकता है। ये तरीका न सिर्फ खेत को हरा-भरा रखता है, बल्कि किसान की मेहनत को दोगुना फल देता है।

एक साल में कितनी फसलें ले सकते हैं

शस्य गहनता को बढ़ाने के लिए फसलों का सही चक्र बनाना जरूरी है, मिट्टी और मौसम के हिसाब से फसलें चुनें। एक साल में चार फसलें लेने का प्लान कुछ ऐसा हो सकता है:

  • रबी (अक्टूबर-मार्च): गेहूं या आलू बोएं, ये सर्दी की फसलें हैं, जो मार्च तक तैयार हो जाती हैं।
  • ग्रीष्म (अप्रैल-जून): मूंग या मक्का लगाएं, ये गर्मी में जल्दी तैयार होती हैं, जून तक कटाई हो जाती है।
  • खरीफ (जुलाई-सितंबर): धान या मक्का बोएं, बारिश का मौसम इसके लिए सही है, सितंबर तक फसल हाथ में होगी।
  • दूसरी रबी (अक्टूबर-दिसंबर): आलू या मटर की छोटी फसल लें, दिसंबर तक तैयार हो जाएगी।
    इस तरह एक खेत से 400% शस्य गहनता हासिल हो सकती है, अगर पानी और खाद का इंतजाम हो, तो ये आसान है।

शस्य गहनता बढ़ाने का तरीका

खेत को सालभर हरा रखने के लिए तैयारी जरूरी है, मिट्टी को दो-तीन बार जोतें, प्रति एकड़ 5-6 टन गोबर की खाद डालें। हर फसल के बाद मिट्टी को भुरभुरा करें, ताकि अगली बुआई आसान हो। गेहूं को अक्टूबर में 20-22 सेंटीमीटर दूरी पर बोएं, मार्च में कटाई के बाद मूंग अप्रैल में छिड़क दें। जून में मूंग काटकर मक्का बोएं, 60-70 सेंटीमीटर दूरी रखें। सितंबर में मक्का काटकर धान लगाएं, अक्टूबर तक तैयार हो जाए, तो आलू बो दें। हर फसल के लिए सही बीज, समय पर पानी दें।

देखभाल और सावधानियाँ

शस्य गहनता में मिट्टी की सेहत का ध्यान रखें, हर फसल के बाद गोबर की खाद या नीम की खली डालें, ताकि पोषण बना रहे। पानी का सही इंतजाम करें, गेहूं, धान को ज्यादा पानी चाहिए, मूंग, मक्का कम में चल जाते हैं। कीड़ों से बचाने के लिए नीम का तेल (5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) छिड़कें, रसायन कम डालें। फसलों का चक्र बदलते रहें, जैसे गेहूं के बाद मूंग, फिर धान, ताकि मिट्टी थके नहीं। खरपतवार हटाएं, गुड़ाई समय पर करें।

मुनाफा कैसे बढ़ेगा

चार फसलें लेने से कमाई कई गुना बढ़ती है, गेहूं से 40-50 हजार, मूंग से 20-25 हजार, मक्का से 30-40 हजार, धान से 50-60 हजार प्रति एकड़ मिल सकता है। आलू की फसल जोड़ें, तो 60-80 हजार तक कमाई हो सकती है। सालभर में एक एकड़ से 2-3 लाख का मुनाफा संभव है, लागत निकालकर भी 1.5-2 लाख बचते हैं। गाँव में मंडी दूर हो, तो लोकल मार्केट में बेचें, या मिलकर बड़े शहरों में सप्लाई करें।

शुरू करने के लिए टिप्स

शस्य गहनता शुरू करने से पहले खेत की मिट्टी जाँचें, पानी का स्रोत पक्का करें, ताकि हर मौसम में बुआई हो सके। बीज अच्छी क्वालिटी के लें, गाँव के कृषि केंद्र या ऑनलाइन इंडिया मार्ट से खरीदें। छोटे खेत से शुरू करें, जैसे 200% (दो फसलें) आजमाएं, फिर 300-400% तक बढ़ाएं। गाँव में दूसरों को भी सिखाएं, मिलकर करें, तो फायदा बढ़ेगा।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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