बेमौसम बारिश में फसल भीग गई? एक्सपर्ट बता रहे हैं तुरंत नुकसान से बचने के तरीके

इन दिनों मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। जगह-जगह बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी फसलें पककर तैयार हैं। कई किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, लेकिन ज्यादातर की फसल अभी खेतों में ही है। ऐसे में बारिश और हवा से फसल को नुकसान होने का डर सता रहा है। पके हुए दाने झड़ सकते हैं, खलिहान में रखा अनाज भीग सकता है और मेहनत पर पानी फिर सकता है। भोजपुर जिले के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास सिंह ने कुछ आसान और कारगर उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी फसल को बचा सकते हैं और नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।

फसल को बारिश से होने वाले नुकसान का अंदाजा

अब तक हुई बारिश और हवाओं से गेहूं और सरसों के पौधे झुक गए हैं, कुछ जगह तो गिर भी गए हैं। जहां फसल भीग गई है, वहां दाग पड़ने की आशंका है। खलिहान में रखी फसल की दमौनी अभी बाकी है, और अगर बारिश जारी रही तो नुकसान बड़ा हो सकता है। जिन किसानों ने देर से गेहूं बोया था, उनकी फसल भी एक हफ्ते में कटाई के लिए तैयार हो जाएगी। ऐसे में सही कदम उठाना जरूरी है। मौसम विभाग भी बारिश का अलर्ट दे रहा है, तो पहले से तैयारी कर लेना समझदारी होगी।

कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखने के तरीके

डॉ. विकास सिंह कहते हैं कि कटाई के बाद फसल को ढीला छोड़ने की बजाय अच्छे से बांधकर रखें। इसे ढकने के लिए तिरपाल या किसी मजबूत चीज का इस्तेमाल करें। ऐसा न करने से तेज हवा में फसल इधर-उधर बिखर सकती है। साथ ही, फसल को भंडारण से पहले अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। अगर नमी रह गई और आपने उसे बंद कर दिया, तो फसल सड़ जाएगी और सारी मेहनत बेकार हो जाएगी।

अगर फसल भीग जाए तो क्या करें

अगर बारिश में फसल भीग गई है, तो घबराएं नहीं। इसे जल्दी से काट लें और खुले में या छाया वाली जगह पर सुखाने के लिए फैला दें। नमी से बचाने के लिए सही जगह चुनकर भंडारण करें। जितनी जल्दी हो सके इसे सूखा लें, वरना नुकसान बढ़ सकता है।

खराब हो रही फसल को बचाने का तरीका

जो फसल खराब होने की कगार पर है, उसे धूप में या हवादार जगह पर फैलाकर सुखाएं। इसे बार-बार पलटते रहें, ताकि नमी जल्दी निकल जाए। अगर संभव हो तो कृत्रिम हीटर का इस्तेमाल करें, इससे सुखाने में आसानी होगी। हवा और धूप का सही इस्तेमाल करके फसल को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।

नुकसान की भरपाई के लिए कदम

अगर फसल को नुकसान हो गया है, तो अपने नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क करें। वहां नुकसान की जानकारी दें, ताकि सरकार की ओर से मिलने वाली मदद या राहत पैकेज का फायदा उठा सकें। साथ ही, आसपास के अनुभवी किसानों से सलाह लें कि वे ऐसे हालात से कैसे निपटते हैं। एक-दूसरे के तजुर्बे से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

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  • Rahul Maurya

    मेरा नाम राहुल है। मैं उत्तर प्रदेश से हूं और मैंने संभावना इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में शिक्षा प्राप्त की है। मैं Krishitak.com का संस्थापक और प्रमुख लेखक हूं। पिछले 3 वर्षों से मैं खेती-किसानी, कृषि योजनाएं, और ग्रामीण भारत से जुड़े विषयों पर लेखन कर रहा हूं।

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