कीवी एक ऐसा फल है जो न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी कई फायदे देता है। यह फल कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है और भारत में इसकी मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। कीवी की कीमत बाजार में काफी ज्यादा होने के कारण अब लोग इसे अपने घर के आंगन, छत या बालकनी में गमले में उगाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, कई बार सही जानकारी के अभाव में पौधा खराब हो जाता है या फल उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलते। इस लेख में हम आपको घर पर गमले में कीवी उगाने के कुछ आसान और कारगर तरीके बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपने पौधे से भरपूर फल प्राप्त कर सकते हैं।
कीवी उगाने के लिए सही गमले का चयन
कीवी का पौधा लगाने के लिए गमले का सही चयन बहुत जरूरी है। गमला ऐसा होना चाहिए जो कम से कम 10 से 12 इंच गहरा हो, ताकि पौधे की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। इसके अलावा, गमले के तल में जल निकासी के लिए छेद होना बहुत जरूरी है। अगर पानी गमले में रुक गया, तो पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं, जिससे पौधा खराब हो सकता है। गमले में अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग करें, जिसमें रेत और जैविक खाद मिली हो। इससे पौधे को पोषण मिलेगा और वह स्वस्थ रहेगा।
धूप और पानी का सही संतुलन
कीवी का पौधा स्वस्थ रहने के लिए धूप का बड़ा आश्रय लेता है। इसे रोजाना कम से कम 6 घंटे की हल्की धूप चाहिए। गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की नरम धूप आती हो, लेकिन दोपहर की तेज धूप से पौधा बचा रहे। अगर धूप बहुत तेज हो, तो पौधे की पत्तियां जल सकती हैं। पानी देते समय इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी नम रहे, लेकिन उसमें ज्यादा पानी न भरे। ज्यादा पानी देने से जड़ें खराब हो सकती हैं। गर्मियों में दिन में एक बार और सर्दियों में दो-तीन दिन में एक बार पानी देना काफी होता है।
कीटों से पौधे को बचाने का आसान तरीका
कीवी के पौधे को सबसे ज्यादा नुकसान कीटों से होता है। ये कीट पौधे की पत्तियों और फलों को खराब कर सकते हैं। इससे बचने के लिए आप अपनी रसोई से एक आसान उपाय अपना सकते हैं। थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी लें और इसे पौधे की जड़ के पास मिट्टी में छिड़ककर अच्छे से मिला दें। हल्दी में प्राकृतिक कीट-नियंत्रण गुण होते हैं, जो कीटों को दूर रखने में मदद करते हैं। यह तरीका न केवल प्रभावी है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और किफायती भी है।
प्राकृतिक उपायों से कीट नियंत्रण
हल्दी के अलावा, नीम का तेल भी कीटों से छुटकारा पाने का एक शानदार तरीका है। नीम का तेल पौधे पर छिड़कने से कीटों का प्रकोप कम होता है और पौधा स्वस्थ रहता है। इसके लिए 5 मिलीलीटर नीम तेल को एक लीटर पानी में मिलाकर पौधे की पत्तियों और तने पर छिड़काव करें। यह छिड़काव हर 10-15 दिन में एक बार करें। इसके साथ ही, गमले की मिट्टी को समय-समय पर जांचें और उसमें जमा गंदगी को हटा दें। स्वच्छता बनाए रखने से कीटों की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।
सर्दियों में पौधे की देखभाल
सर्दियों के मौसम में कीवी के पौधे को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। ठंड से पौधे को बचाने के लिए इसे रात के समय कपड़े या प्लास्टिक की चादर से ढंक दें। इससे पौधा ठंडी हवाओं और पाले से सुरक्षित रहेगा। दिन में जब धूप निकले, तो ढकने को हटा दें ताकि पौधे को पर्याप्त रोशनी मिल सके। सर्दियों में पानी देने की मात्रा को और कम कर दें, क्योंकि इस समय मिट्टी ज्यादा समय तक नम रहती है।
कीवी की फसल को बढ़ाने के लिए सुझाव
कीवी का पौधा लगाने के बाद धैर्य रखना बहुत जरूरी है। यह पौधा फल देने में थोड़ा समय लेता है, लेकिन सही देखभाल से आप अच्छी फसल प्राप्त कर सकते हैं। पौधे को नियमित रूप से जैविक खाद, जैसे गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट, दें। इससे पौधे को पोषण मिलेगा और फल ज्यादा स्वादिष्ट होंगे। इसके अलावा, पौधे की नियमित छंटाई करें ताकि वह ज्यादा फैले नहीं और उसकी ऊर्जा फल देने में लगे। इन आसान तरीकों से आप अपने गमले में भरपूर कीवी उगा सकते हैं।
घर पर कीवी उगाना न केवल एक मजेदार अनुभव है, बल्कि यह आपको ताजा और सेहतमंद फल भी देता है। इन उपायों को अपनाकर आप अपने आंगन या छत को हरा-भरा बना सकते हैं।
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