यूपी के 44 जिलों में बन रहा है, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस, सरकार की सब्सिडी से किसान उगाएंगे हर मौसम में सब्जियां

Green House And Polyhouse Scheme In UP: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने 44 जिलों में ग्रीन हाउस और पॉली हाउस स्थापित करने की योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को ऑफ-सीजन में पौष्टिक सब्जियों और अनाज की खेती करने में सक्षम बनाना है। कृषि अवसंरचना निधि योजना (AIF) और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत सरकार 50% तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। लखनऊ, बहराइच, सुल्तानपुर, बाराबंकी, सीतापुर, और अमेठी जैसे जिलों में यह तकनीक किसानों की आय दोगुनी करने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। सरकार के अनुसार, 24 जिलों में पहले से ही ये सुविधाएँ कार्यरत हैं, जबकि 20 जिलों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

ग्रीन हाउस और पॉली हाउस: आधुनिक खेती का भविष्य

ग्रीन हाउस और पॉली हाउस ऐसी संरचनाएँ हैं, जो कांच या पॉलीथिन से बनी होती हैं और पर्यावरणीय कारकों जैसे तापमान, आर्द्रता, और प्रकाश को नियंत्रित करती हैं। यह तकनीक किसानों को मौसम की मार से फसलों को बचाने और साल भर खेती करने की सुविधा देती है। उत्तर प्रदेश की जलवायु, जो गर्मी और सर्दी दोनों में चरम पर होती है, ग्रीन हाउस खेती के लिए आदर्श है। टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, फलियाँ, और गुलाब, गेंदा, जरबेरा जैसे फूल इन संरचनाओं में आसानी से उगाए जा सकते हैं। यह तकनीक पानी और पोषक तत्वों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करती है, जिससे पैदावार 30-40% तक बढ़ सकती है।

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44 जिलों में योगी सरकार की पहल

योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में ग्रीन हाउस और पॉली हाउस को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इनमें से 24 जिलों में 37 ग्रीन हाउस पहले से ही कार्यरत हैं, और 29 और निर्माणाधीन हैं। यह पहल छोटे और सीमांत किसानों, जो राज्य के 93% किसान समुदाय का हिस्सा हैं, के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। ग्रीन हाउस और पॉली हाउस न केवल फसलों को बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, और कीटों से बचाते हैं, बल्कि बाजार में ऑफ-सीजन उत्पादों की ऊँची कीमतों का लाभ भी दिलाते हैं। योगी जी ने कहा कि यह तकनीक उत्तर प्रदेश को देश का कृषि पावरहाउस बनाने की दिशा में एक कदम है।

सब्सिडी और वित्तीय सहायता

कृषि अवसंरचना निधि योजना (AIF) और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत किसानों को ग्रीन हाउस और पॉली हाउस निर्माण के लिए 50% तक सब्सिडी दी जा रही है। सामान्य श्रेणी के किसानों को 50% और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 70% तक अनुदान मिल सकता है। एक एकड़ ग्रीन हाउस की लागत लगभग 20-25 लाख रुपये है, जिसमें सब्सिडी के बाद किसान को केवल आधा खर्च वहन करना पड़ता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) और उत्तर प्रदेश बागवानी विकास प्राधिकरण तकनीकी प्रशिक्षण और ऋण सुविधाएँ प्रदान करते हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक 10 लाख रुपये तक के ऋण 11% ब्याज दर पर उपलब्ध कराते हैं, जिसमें 5 साल की चुकौती अवधि और 1 साल की छूट शामिल है।

लाभ और चुनौतियाँ

ग्रीन हाउस और पॉली हाउस खेती से किसानों को कई लाभ मिलते हैं। यह तकनीक पानी की खपत को 50-70% तक कम करती है, क्योंकि ड्रिप सिंचाई का उपयोग होता है। ऑफ-सीजन सब्जियों और फूलों की खेती से किसानों को बाजार में 2-3 गुना अधिक कीमत मिलती है। उदाहरण के लिए, जरबेरा फूल की खेती से प्रति एकड़ 10-12 लाख रुपये की आय संभव है। हालांकि, चुनौतियाँ भी हैं। शुरुआती निवेश अधिक होने के कारण छोटे किसानों के लिए इसे अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, तकनीकी ज्ञान और रखरखाव की आवश्यकता होती है। सरकार इन समस्याओं का समाधान प्रशिक्षण और जागरूकता शिविरों के माध्यम से कर रही है।

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आवेदन प्रक्रिया और समर्थन

ग्रीन हाउस और पॉली हाउस के लिए सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसानों को उत्तर प्रदेश बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग की वेबसाइट (www.uphorticulture.gov.in) पर आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, खसरा-खतौनी, बैंक खाता विवरण, और सिंचाई स्रोत का प्रमाण शामिल हैं। आवेदन के बाद, बागवानी विभाग की समिति सत्यापन करती है, और अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से किसान के खाते में हस्तांतरित होती है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और 89 KVKs के साथ-साथ 6 कृषि विश्वविद्यालय किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश का कृषि भविष्य

योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश की कृषि को आधुनिक और व्यावसायिक बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। ग्रीन हाउस और पॉली हाउस से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 3-4 वर्षों में कृषि निर्यात को 20,000 करोड़ से बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये करना है। यह तकनीक आजमगढ़, बहराइच, और सुल्तानपुर जैसे जिलों के किसानों को नई दिशा देगी। योगी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की उपजाऊ मिट्टी और प्रचुर जल संसाधनों का उपयोग कर हम कृषि उत्पादकता को 3-4 गुना बढ़ा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में ग्रीन हाउस और पॉली हाउस की स्थापना किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और MIDH की तरह यह पहल भी किसानों को सशक्त बनाएगी। अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या बागवानी विभाग से संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाएँ। ग्रीन हाउस खेती से अपनी आय बढ़ाएँ और उत्तर प्रदेश की कृषि क्रांति का हिस्सा बनें!

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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