Cropic Scheme: किसान भाइयों, अब आपके खेतों की फसल की सेहत पर नजर रखना और फसल खराब होने पर समय से मुआवजा पाना आसान होने वाला है। भारत सरकार की नई CROPIC योजना आपके लिए एक ऐसा डिजिटल साथी लेकर आई है, जो खेतों की तस्वीरों और आधुनिक तकनीक के जरिए फसल की देखभाल और बीमा की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा। यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का हिस्सा है, जो देश के 50 जिलों में शुरू हो रही है।
CROPIC योजना क्या है
CROPIC यानी Collection of Real-Time Observations & Photos of Crops एक ऐसी पहल है, जो आपके खेतों की फसलों की सेहत पर नजर रखेगी। इसके तहत खेतों की तस्वीरें ली जाएँगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फसल की हालत का पता लगाया जाएगा। अगर फसल को कोई नुकसान होता है, तो यह तकनीक उसका आकलन करेगी और किसानों को जल्दी मुआवजा दिलाने में मदद करेगी। यह योजना खरीफ 2025 और रबी 2025-26 के मौसम से शुरू होगी। शुरुआत में देश के 50 जिलों में इसे लागू किया जाएगा, जहाँ हर जिले में तीन प्रमुख फसलों पर काम होगा। ये फसलें वही होंगी, जो PMFBY के तहत बीमा में शामिल हैं।
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कैसे काम करेगी यह योजना
CROPIC योजना में किसानों और अधिकारियों को एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करना होगा। इस ऐप के जरिए फसल के चक्र के दौरान 4-5 बार खेतों की तस्वीरें ली जाएँगी। ये तस्वीरें AI-आधारित क्लाउड प्लेटफॉर्म पर जाएँगी, जहाँ कंप्यूटर विजन तकनीक से फसल की सेहत, उसका विकास, और किसी तरह के नुकसान का विश्लेषण होगा। इसके बाद एक वेब-आधारित डैशबोर्ड पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी, जिसे जिला और राज्य स्तर के अधिकारी देख सकेंगे। अगर फसल को मौसम की मार, कीट, या किसी और वजह से नुकसान होता है, तो यह तकनीक उसका सटीक आकलन करेगी। इससे मुआवजे की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
PMFBY के लिए क्यों जरूरी है CROPIC
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का मकसद है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, जैसे बाढ़, सूखा, या कीटों से होने वाले नुकसान से बचाया जाए। लेकिन कई बार फसल के नुकसान का आकलन करने और मुआवजा देने में देरी हो जाती है। CROPIC इस समस्या को हल करने के लिए बनाया गया है। यह योजना फसल की सेहत पर नजर रखने के साथ-साथ नुकसान का स्वचालित आकलन करेगी। इससे किसानों को समय पर और सही मुआवजा मिलेगा। यह तकनीक PMFBY को और मजबूत बनाएगी, ताकि गाँव का हर किसान इसका पूरा फायदा उठा सके।
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50 जिलों में शुरुआत
CROPIC योजना को शुरू में देश के 50 जिलों में लागू किया जाएगा। ये जिले अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में चुने गए हैं, ताकि हर तरह की फसलों और मौसम का अध्ययन हो सके। हर जिले में तीन मुख्य फसलों, जैसे धान, गेहूँ, या मक्का, पर काम होगा। इन फसलों को PMFBY के तहत पहले से बीमा में शामिल किया गया है। सरकार इस योजना के लिए Fund for Innovation and Technology (FIAT) का इस्तेमाल कर रही है, जिसके तहत 825 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह पायलट प्रोजेक्ट 2025-26 तक चलेगा, और 2026 से इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है।
किसानों के लिए फायदेमंद
किसान भाइयों के लिए CROPIC योजना कई तरह से फायदेमंद है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि फसल खराब होने पर आपको मुआवजा पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। AI तकनीक के जरिए नुकसान का सटीक आकलन होगा, जिससे बीमा की रकम जल्दी आपके खाते में आएगी। साथ ही, यह योजना फसल की सेहत पर नजर रखेगी, ताकि समय रहते आपको सलाह मिल सके। इससे आपकी फसल की पैदावार बढ़ सकती है। यह योजना पारदर्शी है, यानी कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।
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