जिस आम ने दिल जीते, अब वही वाइन बनकर करेगा कमाल! मलिहाबाद की नई उड़ान, किसानों की चमकेगी किस्मत

UP First Wine Factory: किसान भाइयों, अब आपके खेतों के फल न सिर्फ बाजारों में, बल्कि वाइन की बोतलों में भी चमकेंगे! योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के वाइन उद्योग को नई उड़ान देने के लिए लखनऊ के मलिहाबाद में प्रदेश की पहली फ्रूट वाइन यूनिट एम्ब्रोसिया नेचर लिविंग एलएलपी शुरू की है। यह वाइनरी आम, जामुन, लीची, और अमरूद जैसे स्थानीय फलों से वाइन बनाएगी, जिससे न सिर्फ फल बर्बाद होने से बचेंगे, बल्कि किसानों की कमाई भी बढ़ेगी। 15 जून 2025 को इस यूनिट का उद्घाटन मुख्य सचिव और आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने किया, जिसने मलिहाबाद को फ्रूट वाइन का नया हब बनाने की राह खोली। आइए जानें कि यह पहल कैसे किसानों और उद्यमियों के लिए वरदान बनेगी।

मलिहाबाद में वाइनरी की खासियत

मलिहाबाद, जो दशहरी आम के लिए दुनिया भर में मशहूर है, अब फ्रूट वाइन का नया ठिकाना बन रहा है। एम्ब्रोसिया नेचर लिविंग एलएलपी स्थानीय फलों से कम अल्कोहल वाली वाइन और साइडर बनाएगी। यह यूनिट प्रति वर्ष लाखों लीटर वाइन उत्पादन की क्षमता रखती है। योगी सरकार ने इस वाइनरी को 5 साल तक आबकारी शुल्क में पूरी छूट दी है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत पर वाइन उपलब्ध होगी। यह पहल न केवल स्थानीय फलों का उपयोग करेगी, बल्कि ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देगी। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ ने भी इस प्रक्रिया के लिए तकनीकी सहायता दी है।

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योगी सरकार की आबकारी नीति

योगी सरकार ने 2022 से फल-आधारित वाइन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई आबकारी नीति लागू की थी। 2025-26 की नीति में हर जिले में कम से कम एक फ्रूट वाइन की दुकान खोलने का प्रावधान किया गया है। मंडल मुख्यालयों में लाइसेंस शुल्क 50,000 रुपये और अन्य जिलों में 30,000 रुपये रखा गया है। इसके अलावा, सरकार ने वाइन पर आबकारी शुल्क माफ करके और ई-लॉटरी के जरिए दुकानों का आवंटन करके इस उद्योग को पारदर्शी बनाया है। यह नीति सुनिश्चित करती है कि स्थानीय फल उत्पादकों को उनकी उपज का सही दाम मिले और बर्बादी रुके।

किसानों के लिए बंपर फायदा

उत्तर प्रदेश में आम, जामुन, अमरूद, और लीची जैसे फलों का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है, लेकिन भंडारण की कमी के कारण 30-40% फल बर्बाद हो जाते हैं। मलिहाबाद की वाइनरी इन फलों को खरीदकर किसानों को अतिरिक्त आय देगी। उदाहरण के लिए, एक किसान जो प्रति क्विंटल आम को 1000-1500 रुपये में बेचता है, अब वाइनरी के लिए आपूर्ति कर 2000-2500 रुपये प्रति क्विंटल कमा सकता है। प्रति एकड़ 5-7 टन आम की पैदावार से 1-1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। साथ ही, यह यूनिट 100-150 स्थानीय युवाओं को रोजगार देगी।

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वाइन उद्योग का भविष्य

मलिहाबाद की वाइनरी के बाद मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, और नोएडा में भी ऐसी यूनिट्स शुरू होने की योजना है। योगी सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत हर जिले के स्थानीय फलों को वाइन और साइडर में बदला जाएगा। यह उद्योग न केवल किसानों की आय दोगुनी करेगा, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। मलिहाबाद में पर्यटक अब वाइनरी टूर और टेस्टिंग सेशन्स का आनंद ले सकेंगे।

योगी सरकार की यह पहल मलिहाबाद के किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। अगर आप भी अपने फलों को वाइनरी के लिए बेचना चाहते हैं, तो नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या आबकारी विभाग से संपर्क करें। अपने खेतों को इस क्रांति का हिस्सा बनाएँ और बंपर कमाई के साथ मलिहाबाद को वाइन का नया हब बनाएँ!

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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