दुनिया का खाना, सिर्फ नौ फसलों के भरोसे, फसलों की घटती विविधता, क्या हमारा भविष्य सुरक्षित है?

Agriculture News : हाल ही में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने एक ऐसी बात सामने रखी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। उनकी रिपोर्ट, “थर्ड रिपोर्ट ऑन द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज फॉर फूड एंड एग्रीकल्चर”, में बताया गया कि दुनिया में 6,000 से ज्यादा फसल प्रजातियां उगाई जाती हैं। लेकिन फिर भी, हमारा 60% खाद्य उत्पादन सिर्फ नौ फसलों पर टिका है। ये हैं – गन्ना, मक्का, चावल, गेहूं, आलू, सोयाबीन, ताड़, चुकंदर और कसावा। ये आंकड़े 128 देशों और कई बड़े रिसर्च सेंटरों से मिली जानकारी पर आधारित हैं। सोचिए, अगर इनमें से किसी एक फसल को जलवायु परिवर्तन, बीमारी या कोई और संकट नुकसान पहुंचाए, तो क्या होगा? हमारी खाद्य सुरक्षा पर इसका कितना बड़ा असर पड़ेगा! भारत जैसे देश में, जहां खेती हमारी अर्थव्यवस्था और संस्कृति का आधार है, ये स्थिति और भी चिंताजनक है। मुझे लगता है, हमें अब अपनी पारंपरिक फसलों, जैसे बाजरा, ज्वार और रागी, को फिर से अपनाने की जरूरत है। ये फसलें न सिर्फ पौष्टिक हैं, बल्कि सूखे और बाढ़ जैसे हालात में भी टिक सकती हैं।

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फसलों की विविधता पर गहराता संकट

रिपोर्ट में एक और बात सामने आई, जो हमें सोचने पर मजबूर करती है। दुनिया भर में उगाई जाने वाली फसलों की 6% प्रजातियां अब खत्म होने के कगार पर हैं। 18 क्षेत्रों में से आधे में तो हालात और खराब हैं, यहां 18% से ज्यादा फसल प्रजातियां खतरे में हैं। ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हमारी थाली का भविष्य हैं। अगर ये विविधता खत्म हुई, तो न सिर्फ खाना कम होगा, बल्कि किसानों की कमाई और पर्यावरण का संतुलन भी डगमगा सकता है। भारत में कई इलाकों में पहले दर्जनों तरह की धान की प्रजातियां उगाई जाती थीं, लेकिन अब ज्यादातर जगहों पर बस कुछ ही किस्में बची हैं। मेरे हिसाब से अब समय है कि हम कुछ ठोस कदम उठाएं। बीज बैंक बनाना, छोटे किसानों को देसी बीजों के लिए प्रोत्साहन देना, और स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को खेती की विविधता के बारे में सिखाना जरूरी है। अगर हम अभी नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियों को शायद वो स्वाद और पोषण न मिले, जो हमें अपनी मिट्टी से मिला है।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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