अप्रैल में करें मूंग की खेती, सिर्फ 60-70 दिन में होगी तगड़ी पैदावार और 70 हजार तक कमाई!

अप्रैल में मूंग की खेती भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय है, क्योंकि ये गर्मी की फसल के लिए मुफीद है। मूंग की फसल 60-70 दिन में तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 10-15 क्विंटल दाल दे सकती है। मूंग की खेती के लिए सही समय अप्रैल से जून तक माना जाता है, जब तापमान 25-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

ये फसल कम पानी और कम लागत में उगती है, और मिट्टी को नाइट्रोजन देकर अगली फसल के लिए तैयार करती है। अप्रैल में मूंग की खेती से किसान 50-70 हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर तक कमा सकते हैं। आइए, मूंग की खेती का तरीका और अप्रैल में मूंग की खेती कैसे करें, इसे आसान देसी अंदाज़ में समझें।

मूंग की खेती के लिए सही समय

मूंग की खेती के लिए सही समय गर्मी का मौसम है, खासकर अप्रैल से जून। इस दौरान तापमान 25-35 डिग्री सेल्सियस रहता है, जो मूंग के अंकुरण और बढ़त के लिए बढ़िया है। अगर तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाए, तो फूल और फलियाँ कम लगती हैं। अप्रैल में मूंग की खेती शुरू करने का फायदा ये है कि जून-जुलाई में कटाई के बाद खेत मानसून की फसल (जैसे धान) के लिए तैयार हो जाता है। ये फसल सूखे इलाकों में भी अच्छी तरह उगती है, जिससे छोटे किसानों को जल्दी मुनाफा मिलता है।

अप्रैल में मूंग की खेती
अप्रैल में मूंग की खेती

खेत की तैयारी और मिट्टी

अप्रैल में मूंग की खेती कैसे करें, इसके लिए खेत को अच्छे से तैयार करें। खेत को हल से 2-3 बार जोतकर मिट्टी को भुरभुरा बनाएँ। दोमट, बलुई दोमट या हल्की काली मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी है, जिसमें पानी का निकास ठीक हो। मिट्टी का pH 6.5-7.5 होना चाहिए। प्रति हेक्टेयर 10-15 टन गोबर की सड़ी खाद डालें और अच्छे से मिलाएँ। खेत को समतल करके 30-45 सेमी चौड़ी पंक्तियाँ बनाएँ। गर्मी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग (सूखी घास या पत्तियाँ) का इस्तेमाल करें। सही मिट्टी से मूंग की जड़ें मज़बूत होती हैं।

सही किस्मों का चुनाव

मूंग की खेती का तरीका सही किस्मों से शुरू होता है। अप्रैल में गर्मी सहन करने वाली किस्में चुनें:

  • Pusa Vishal: 60-65 दिन में तैयार, 12-14 क्विंटल/हेक्टेयर।
  • SML-668: गर्मी में मज़बूत, 10-12 क्विंटल/हेक्टेयर।
  • MH-421: जल्दी तैयार (55-60 दिन), सूखे के लिए अच्छी।
  • Pant Moong-5: 65-70 दिन में तैयार, रोग प्रतिरोधी।
    अपने इलाके के मौसम और मिट्टी के हिसाब से बीज चुनें। अच्छी किस्म से पैदावार और दाने की गुणवत्ता बढ़ती है।

बुवाई

अप्रैल में मूंग की खेती कैसे करें, इसके लिए बुवाई अप्रैल के पहले या मध्य हफ्ते में शुरू करें। बीज को 2 ग्राम थायरम या कार्बेन्डाजिम प्रति किलो से उपचारित करें। पंक्तियों में 30-45 सेमी की दूरी रखें और बीज को 3-4 सेमी गहराई पर बोएँ। पौधों के बीच 10-15 सेमी की दूरी रखें। प्रति हेक्टेयर 15-20 किलो बीज काफी है। बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करें। सही दूरी से पौधे अच्छे से बढ़ते हैं और फलियाँ भरपूर लगती हैं।

पानी और खाद का प्रबंधन

मूंग की खेती का तरीका में पानी का सही प्रबंधन ज़रूरी है। बुवाई के बाद तुरंत हल्की सिंचाई करें। पहली सिंचाई के बाद 10-15 दिन में एक बार पानी दें। फूल और फलियाँ बनते समय (25-40 दिन बाद) पानी ज़रूरी है। ड्रिप सिस्टम से पानी की बचत होती है। खाद के लिए 10 टन गोबर खाद के साथ 20 किलो नाइट्रोजन और 40 किलो फॉस्फोरस प्रति हेक्टेयर डालें। राइज़ोबियम कल्चर से बीज उपचार करें, ताकि मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़े। सही पानी और खाद से मूंग की फलियाँ भारी बनती हैं।

कीट और रोग नियंत्रण

अप्रैल में मूंग को एफिड्स, व्हाइट फ्लाई और पॉड बोरर का खतरा रहता है। नीम का तेल (5 मिली प्रति लीटर) या गोमूत्र का छिड़काव करें। पत्तियों पर सफेद धब्बे (पाउडरी मिल्ड्यू) दिखें, तो 2 ग्राम मैन्कोजेब प्रति लीटर पानी में डालें। नींदा से बचने के लिए बुवाई के 20 दिन बाद हल्की गुड़ाई करें। प्राकृतिक उपायों से फसल सुरक्षित और दाने अच्छे रहते हैं।

फसल की देखभाल और कटाई

अप्रैल में मूंग की खेती में पौधों की बढ़त पर नज़र रखें। 20-25 दिन बाद हल्की गुड़ाई करें, ताकि नींदा हटे और मिट्टी ढीली रहे। जब फलियाँ भूरी हो जाएँ और पत्तियाँ पीली पड़ें (60-70 दिन में), कटाई करें। सुबह के समय काटें और फलियों को छाया में सुखाएँ। दानों को अलग करके साफ करें। सही समय पर कटाई से दाल की गुणवत्ता बनी रहती है।

पैदावार और मुनाफा

मूंग की फसल से प्रति हेक्टेयर 10-15 क्विंटल दाल मिलती है। 1 एकड़ में 4-6 क्विंटल पैदावार होती है। बाजार में मूंग का भाव 80-120 रुपये प्रति किलो रहता है, यानी 50-70 हज़ार रुपये की कमाई। लागत 10-15 हज़ार रुपये आती है, तो 40-55 हज़ार मुनाफा बचता है। इसके अलावा, मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ने से अगली फसल को फायदा होता है। जल्दी तैयार होने से खेत दूसरी फसल के लिए खाली हो जाता है।

अप्रैल में मूंग की खेती
मूंग की खेती

फायदे और सावधानियाँ

अप्रैल में मूंग की खेती के कई फायदे हैं। ये कम पानी लेती है, मिट्टी को उपजाऊ बनाती है, और प्रोटीन से भरपूर होती है। मगर तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाए, तो फूल झड़ सकते हैं। छाया या हल्की सिंचाई से बचाव करें। पानी का जमाव न होने दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। सही देखभाल से ये फसल मुनाफे का सौदा बनती है।

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  • Shashikant

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