April Mein Tamatar Ki Kheti : टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जो हर घर की रसोई में अपनी जगह बनाए रखती है। चाहे सब्जी हो, सलाद हो या चटनी, टमाटर हर रूप में स्वाद और सेहत का खजाना है। भारत में टमाटर की खेती साल भर होती है, लेकिन अप्रैल का महीना इसके लिए खास हो सकता है, खासकर जायद (गर्मी) मौसम में। इस समय सही तरीके से खेती करें, तो किसान भाई कम समय में अच्छी पैदावार और मुनाफा कमा सकते हैं। अप्रैल में टमाटर की खेती करने से न सिर्फ बाज़ार की माँग पूरी होती है, बल्कि गर्मी में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है।
आइए जानते हैं कि अप्रैल में टमाटर की खेती कैसे करें, क्या ध्यान रखें और इसके फायदे क्या हैं।
अप्रैल में टमाटर की खेती क्यों खास?
अप्रैल में टमाटर की खेती इसलिए खास है क्योंकि ये गर्मी के मौसम की शुरुआत होती है। इस समय तापमान बढ़ने लगता है, जो टमाटर की तेज़ बढ़वार के लिए ठीक रहता है। रबी फसल की कटाई के बाद खेत खाली हो जाते हैं, और अप्रैल से जून तक टमाटर तैयार हो सकता है। बाज़ार में गर्मी के दिनों में टमाटर की माँग बढ़ जाती है, जिससे अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद रहती है। साथ ही, इस समय जल्दी पकने वाली किस्में चुनकर किसान कम समय में फसल तैयार कर सकते हैं। ये मौसम टमाटर के लिए अनुकूल होता है, बशर्ते सही देखभाल की जाए।
टमाटर की खेती के लिए सही जलवायु और मिट्टी
टमाटर को गर्म और मध्यम नम जलवायु पसंद है। अप्रैल में तापमान 20-30 डिग्री सेल्सियस तक रहता है, जो इसके अंकुरण और फलने के लिए सही है। अगर तापमान 35 डिग्री से ऊपर जाए, तो पौधों को छाया और ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है। मिट्टी की बात करें, तो दोमट या बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी होती है। मिट्टी में पानी का निकास अच्छा होना चाहिए, ताकि जड़ें सड़ें नहीं। मिट्टी का pH 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए। भारी या चिकनी मिट्टी से बचें, क्योंकि इसमें टमाटर की जड़ें ठीक से नहीं बढ़ पातीं।
अप्रैल में बुवाई का सही समय और तरीका
अप्रैल में टमाटर की बुवाई मार्च के अंत से अप्रैल के पहले हफ्ते तक शुरू करना सबसे अच्छा रहता है। इसके लिए पहले नर्सरी तैयार करें, जो मार्च में शुरू हो सकती है। नर्सरी में 25-30 दिन बाद पौधे तैयार हो जाते हैं, जिन्हें अप्रैल में खेत में रोप सकते हैं। खेत की तैयारी के लिए गहरी जुताई करें और पुरानी फसल के अवशेष हटाएँ। प्रति हेक्टेयर 10-12 टन गोबर की खाद डालकर मिट्टी को भुरभुरा बनाएँ। बीज की मात्रा 400-500 ग्राम प्रति हेक्टेयर रखें और पौधों को 60 सेमी की पंक्ति दूरी और 45 सेमी की पौध दूरी पर रोपें। बुवाई से पहले बीज को बाविस्टिन (2 ग्राम प्रति किलो बीज) से उपचारित करें, ताकि फफूंद से बचाव हो।
टमाटर की उन्नत किस्में
अप्रैल में खेती के लिए कुछ उन्नत किस्में हैं, जो गर्मी में अच्छा प्रदर्शन करती हैं और जल्दी तैयार होती हैं। पूसा रूबी, पूसा शीतल, अर्का रक्षक और नामधारी 4266 जैसी किस्में इस मौसम के लिए मुफीद हैं। यहाँ एक टेबल में जानकारी दी गई है:
किस्म का नाम | तैयार होने का समय | औसत पैदावार (क्विंटल/हेक्टेयर) | खासियत |
---|---|---|---|
पूसा रूबी | 60-65 दिन | 300-350 | गर्मी सहनशील |
पूसा शीतल | 65-70 दिन | 320-360 | रोग प्रतिरोधी |
अर्का रक्षक | 70-75 दिन | 750-800 | उच्च पैदावार |
नामधारी 4266 | 65-70 दिन | 1200-1400 | बेहतर गुणवत्ता |
इन किस्मों को मौसम और बाज़ार की माँग के हिसाब से चुनें। अर्का रक्षक और नामधारी 4266 खासतौर पर ज्यादा पैदावार के लिए मशहूर हैं।
खाद और पानी का प्रबंधन
टमाटर की फसल को सही पोषण और पानी चाहिए। बुवाई के समय प्रति हेक्टेयर 100 किलो नाइट्रोजन, 60 किलो फास्फोरस और 60 किलो पोटाश डालें। नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपाई के समय और बाकी दो बार—फूल आने और फल बनते समय—डालें। अप्रैल में गर्मी के कारण पानी की माँग बढ़ती है। पहली सिंचाई रोपाई के तुरंत बाद करें, फिर हर 5-7 दिन में हल्की सिंचाई दें। ड्रिप सिंचाई का इस्तेमाल करें, ताकि पानी की बर्बादी न हो। खरपतवार को काबू करने के लिए रोपाई के 20-25 दिन बाद निराई-गुड़ाई करें। जरूरत हो तो एलैक्लोर (2 किलो प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
कीट और रोग से बचाव
अप्रैल में टमाटर की फसल में कुछ कीट और रोग परेशान कर सकते हैं। फल छेदक और सफेद मक्खी जैसे कीटों से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड (0.3 मिली प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें। झुलस रोग और बैक्टीरियल विल्ट से बचने के लिए मेंकोज़ेब (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का इस्तेमाल करें। समय पर निगरानी करें और रसायनों का प्रयोग जरूरत पड़ने पर ही करें, ताकि फसल की गुणवत्ता बनी रहे।
अप्रैल में टमाटर की खेती के फायदे
अप्रैल में टमाटर की खेती के कई फायदे हैं। ये फसल 60-75 दिन में तैयार हो जाती है, जिससे जल्दी कमाई शुरू हो सकती है। गर्मी में टमाटर की माँग बढ़ती है, और कीमतें भी अच्छी मिलती हैं। इसमें पानी और खाद की जरूरत मध्यम होती है, और सही प्रबंधन से 300-1400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार ली जा सकती है। टमाटर की खेती मिट्टी को ढीला रखती है, जो अगली फसल के लिए फायदेमंद है।
सावधानियाँ
अप्रैल में टमाटर की खेती करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखें। अगर तापमान 35 डिग्री से ऊपर जाए, तो फल छोटे और कम रसीले हो सकते हैं। समय पर सिंचाई न हो, तो पैदावार कम हो सकती है। जलभराव से जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए पानी का निकास अच्छा रखें। कीटों और रोगों की नियमित जाँच करें, ताकि फसल को नुकसान न हो।
मुनाफा
अप्रैल में रोपे गए टमाटर जून के मध्य से कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। जब फल लाल और रसीले हो जाएँ, तो कटाई शुरू करें। औसत पैदावार 300-1400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो सकती है, जो किस्म पर निर्भर करती है। बाज़ार में टमाटर का भाव 10-50 रुपये प्रति किलो तक रहता है, जिससे प्रति हेक्टेयर 3 लाख से 10 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है। सही समय पर कटाई और बिक्री से मुनाफा बढ़ाया जा सकता है।
अप्रैल में टमाटर की खेती किसानों के लिए एक सुनहरा मौका है। सही किस्म, खाद, पानी और देखभाल से कम समय में बंपर पैदावार ली जा सकती है। ये न सिर्फ आपकी जेब भरता है, बल्कि बाज़ार की जरूरत भी पूरी करता है। तो इस बार अप्रैल में टमाटर की खेती का प्लान बनाएँ और अच्छा मुनाफा कमाएँ। अगर कोई सवाल हो, तो अपने नज़दीकी कृषि केंद्र से सलाह जरूर लें।
ये भी पढ़ें- मुनाफे का सौदा है अप्रैल में मूली खेती, जानें सही तरीका, उन्नत किस्में और मुनाफे के टिप्स