जगह और बाड़े का देसी जुगाड़
ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प मुर्गी पालने के लिए पहले जगह का इंतजाम करें। गाँव में घर के पीछे या खेत के किनारे छोटा सा बाड़ा बना लें। बाँस या लकड़ी से चारों तरफ घेर दें, ताकि मुर्गियाँ सुरक्षित रहें। ऊपर टाट या छप्पर डाल दें, जो बारिश और तेज धूप से बचाए। इनके काले पंख गर्मी जल्दी सोखते हैं, तो छाँव का खास ध्यान रखें। बाड़े में हवा आने की जगह छोड़ें और नीचे भूसा या सूखी घास बिछा दें। गाँव में नीम का पेड़ पास हो, तो उसकी छाँव का फायदा लें। ऐसा करने से मुर्गियाँ आराम से रहेंगी और बढ़िया बढ़ेंगी।
चूजे कहाँ से लें और शुरूआत
शुरुआत के लिए ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प के चूजे या बड़ी मुर्गियाँ लें। गाँव के नजदीकी पोल्ट्री फार्म या हैचरी से 1-2 दिन के चूजे खरीद सकते हैं। अगर चूजों से शुरू करें, तो पहले हफ्ते इन्हें गर्म जगह पर रखें, जैसे भूसे के ढेर के पास या बल्ब की गर्मी दें। बड़ी मुर्गियाँ लेना चाहें, तो ऐसी चुनें जो अंडे देने की उम्र में हों। इनकी चमकदार काली पंख और लाल कलगी से पहचान होती है। गाँव में बड़े लोग कहते हैं कि पहले थोड़े से शुरू करो, ताकि देखभाल का अनुभव हो जाए। 10-15 चूजों से शुरुआत करें, जो बाद में बढ़िया झुंड बन जाएँगे।
चारा और देखभाल
इन मुर्गियों को खिलाना आसान है। शुरू में चूजों को चावल का भात, टूटे दाने या चारा मिलाकर दें। बड़े होने पर बाजार का तैयार दाना या गाँव का हरा चारा जैसे धान की पत्तियाँ, सब्जियों के छिलके और कीड़े-मकोड़े खिलाएँ। दिन में दो बार खाना दें, सुबह और शाम। पानी साफ और ताज़ा रखें, क्यूँकि ये खूब पानी पीती हैं। गाँव में नीम का पानी बाड़े में छिड़कें, इससे बीमारी कम होगी। हफ्ते में एक बार बाड़ा साफ करें और मुर्गियों को नहलाने का इंतजाम करें। ऐसा करने से ये तंदुरुस्त रहेंगी और अंडे भी खूब देंगी।
अंडे और मांस से कमाई
ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प मुर्गियाँ 5-6 महीने में अंडे देना शुरू करती हैं। एक मुर्गी साल में 250-300 हल्के भूरे अंडे दे सकती है। गाँव में अंडे 10-15 रुपये में बिकते हैं, तो 10 मुर्गियों से सालाना 25-30 हज़ार रुपये की कमाई हो सकती है। मांस के लिए भी इनका वजन अच्छा होता है, मुर्गा 3-4 किलो और मुर्गी 2.5-3 किलो तक बढ़ती है। मांस 200-300 रुपये किलो बिके, तो 5 मुर्गियों से 5-7 हज़ार रुपये और मिल सकते हैं। गाँव में ये खेत के कीड़े खाती हैं, तो कीटनाशक का खर्चा भी बचता है। मेहनत करें, तो फायदा डबल होगा।
किसान के लिए फायदा का सौदा
ये मुर्गियाँ गाँव के लिए इसलिए खास हैं, क्यूँकि ये ठंड और गर्मी दोनों में ढल जाती हैं। गर्मी में छाँव दें, तो ये आराम से रहती हैं। इनका गोबर खेत में खाद बन जाता है, जिससे फसल की पैदावार बढ़ती है। गाँव की बहनें अंडों से बढ़िया नाश्ता बनाती हैं, और बच्चे इन्हें देखकर खुश होते हैं। ये शांत होती हैं, तो बाड़े में इन्हें रखना आसान है। तो भाइयों, ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प को अपने बाड़े में लाएँ, अंडे और कमाई दोनों हाथ में होंगे।
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