देश में पशुपालन करने वाले लाखों किसान भाइयों के लिए दूध उत्पादन सबसे महत्वपूर्ण आय का स्रोत है। लेकिन कई बार पशुओं में कैल्शियम की कमी हो जाती है, जिससे दूध की मात्रा कम हो जाती है, दूध पतला हो जाता है और पशु कमजोर पड़ जाते हैं। पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि कैल्शियम न सिर्फ हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी है बल्कि दूध उत्पादन के लिए भी बहुत अहम है। दूध में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने से न सिर्फ दूध ज्यादा निकलता है बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
कैल्शियम की कमी से पशु में मिल्क फीवर (दूध बुखार) जैसी समस्या हो सकती है, खासकर ब्याने के बाद। पशु कमजोर हो जाता है, चलने-फिरने में दिक्कत होती है और दूध उत्पादन काफी गिर जाता है। अगर समय पर कैल्शियम दिया जाए तो ये समस्या दूर हो जाती है और दूध उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
कैल्शियम बढ़ाने के घरेलू और वैज्ञानिक उपाय
विशेषज्ञों की सलाह है कि पशुओं के चारे में कैल्शियम युक्त चीजें मिलाएं। सबसे आसान तरीका है खनिज मिश्रण (मिनरल मिक्सचर) का इस्तेमाल। हर दिन 50-100 ग्राम मिनरल मिक्सचर चारे में मिलाकर दें। इसमें कैल्शियम के साथ फास्फोरस, मैग्नीशियम और विटामिन डी भी होता है, जो कैल्शियम को बॉडी में अब्सॉर्ब करने में मदद करता है।
घरेलू जुगाड़ के तौर पर चूना (लाइमस्टोन पाउडर) या खेत की मिट्टी से निकाला गया चूना भी दिया जा सकता है। एक भैंस या गाय को रोज 50-80 ग्राम चूना पाउडर चारे में मिलाकर दें। साथ ही हरी घास, बरसीम या लूसर्न जैसी फसलें ज्यादा दें क्योंकि इनमें प्राकृतिक कैल्शियम भरपूर होता है। दाना में भी कैल्शियम युक्त फीड मिक्सचर इस्तेमाल करें।
ब्याने के बाद पहले 2-3 दिनों में कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में पशु चिकित्सक से कैल्शियम इंजेक्शन या ओरल कैल्शियम पाउडर लें। ये दूध उत्पादन को तुरंत बढ़ाने में मदद करता है।
दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अन्य जरूरी टिप्स
कैल्शियम के साथ प्रोटीन और एनर्जी का बैलेंस भी जरूरी है। पशुओं को संतुलित आहार दें – हरा चारा, सूखा चारा और दाना सही अनुपात में। पानी हमेशा साफ और ताजा दें। पशुओं को नियमित टीकाकरण और डीवॉर्मिंग करवाएं ताकि बीमारियां न लगें।
अगर पशु दूध कम दे रहा है तो पहले कैल्शियम और विटामिन की कमी चेक करवाएं। कई बार सिर्फ कैल्शियम देने से दूध उत्पादन में 2-4 लीटर तक की बढ़ोतरी हो जाती है।
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