Chilli Cultivation Tips: किसान भाइयों, मिर्च की खेती हमारी मेहनत और कमाई का बड़ा जरिया है, लेकिन इन दिनों निमेटोड कीट का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ये कीट मिर्च के पौधों की जड़ों को नुकसान पहुँचाता है, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं और बढ़त रुक जाती है। इससे फसल सूखने लगती है, और किसानों की चिंता बढ़ जाती है। मार्च का महीना चल रहा है, और अभी मिर्च की फसल को बचाने का सही वक्त है। कृषि विभाग ने इसके लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर हम निमेटोड से छुटकारा पा सकते हैं। तो चलिए, अपनी सहज भाषा में समझते हैं कि ये कीट क्या है और इससे कैसे निपटें।
निमेटोड कीट: जड़ों का दुश्मन
निमेटोड एक छोटा सा कीट है, जिसे नंगी आँखों से देखना मुश्किल है। माइक्रोस्कोप से इसकी पहचान होती है। ये कीट मिर्च के पौधों की जड़ों पर हमला करता है और उनका रस चूस लेता है। इससे पौधे पीले पड़ने लगते हैं, पत्तियाँ मुरझा जाती हैं, और पूरा पौधा सूखा-सूखा दिखता है। अगर समय पर ध्यान न दें तो फसल बर्बाद हो सकती है। हमारे यहाँ कई किसान मिर्च से अच्छी कमाई कर रहे हैं, लेकिन निमेटोड की वजह से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। कृषि वैज्ञानिक कहते हैं कि नियमित निगरानी और सही उपाय से इसे काबू में किया जा सकता है।
कीट की पहचान और शुरुआती कदम
निमेटोड का प्रकोप समझने के लिए पौधों को देखें। अगर जड़ें भूरी हो रही हैं, पौधा कमजोर लग रहा है, या फल कम लग रहे हैं, तो ये निमेटोड का संकेत हो सकता है। खेत की मिट्टी की जाँच करवाएँ या पौधे की जड़ें निकालकर देखें अगर छोटी-छोटी गांठें दिखें तो समझ जाएँ कि निमेटोड ने हमला कर दिया है। हमारे यहाँ कई बार मिट्टी में नमी या पुरानी फसल के अवशेषों से ये कीट पनपता है। शुरू में ही इसे रोकना जरूरी है, वरना फसल को बचाना मुश्किल हो जाता है।
दवाओं से निमेटोड पर वार
कृषि विभाग ने निमेटोड से लड़ने के लिए कुछ दवाएँ सुझाई हैं। पहला उपाय है वेलम प्राइम (फ्लुओपाइरम 34.48% एससी)। इसे 400-425 मिलीलीटर लेकर 400 लीटर पानी में मिलाएँ और खेत में छिड़काव करें। ये दवा निमेटोड को जड़ से खत्म करती है और पौधों को ताकत देती है। दूसरी दवा है मोवेन्टो, जो भी बढ़िया काम करती है। वेलम प्राइम और मोवेन्टो का जोड़ा बनाकर इस्तेमाल करें तो फसल की पैदावार बढ़ती है और कीट का प्रबंधन आसानी से हो जाता है। छिड़काव सुबह या शाम को करें, ताकि दवा अच्छे से काम करे। हमारे यहाँ ये दवाएँ बाजार में मिल जाती हैं, बस सही मात्रा का ध्यान रखें।
मिट्टी को गर्म करें, कीट को भगाएँ
दवाओं के साथ-साथ एक देसी नुस्खा भी है मिट्टी को गर्म करना। खेत को अच्छे से जोतें और कुछ दिन धूप में खुला छोड़ दें। गर्मी से निमेटोड के अंडे और कीट मर जाते हैं। इसके बाद मिर्च की रोपाई करें। नीम की खली या गोबर की सड़ी खाद भी डाल सकते हैं, जो मिट्टी को ताकत देती है और कीटों को दूर रखती है। हमारे यहाँ ये तरीका सस्ता और कारगर है। अगर खेत में पानी का जमाव हो तो उसे ठीक करें, क्यूँकि नमी निमेटोड को बढ़ावा देती है।
फायदा और मेहनत का हिसाब
इन उपायों से मिर्च की फसल को निमेटोड से बचाया जा सकता है। वेलम प्राइम और मोवेन्टो का खर्च प्रति बीघा 1,500-2,000 रुपये तक आता है, लेकिन इससे फसल की पैदावार 20-25% बढ़ सकती है। एक बीघे से 10-15 क्विंटल मिर्च मिले तो 20-30 रुपये किलो के हिसाब से 20,000-30,000 रुपये की कमाई हो सकती है। बिना उपाय के फसल आधी रह जाए तो नुकसान बड़ा होगा। मिट्टी को गर्म करने और देसी खाद का खर्च बहुत कम है। तो किसान भाइयों, निमेटोड से परेशान न हों। दवाएँ और देसी तरीके आजमाएँ, फसल बचाएँ और मेहनत का फल पाएँ। खेत हरा-भरा रहेगा!
ये भी पढ़ें- कटहल के फूल झड़ने से हैं परेशान, करें ये देसी उपाय फलों से लद जाएँगी डालियाँ