Gladiolus Farming in Hindi: सितंबर और अक्टूबर का महीना किसानों के लिए फूलों की खेती का सुनहरा मौका लेकर आता है। कृषि वैज्ञानिकों ने सितंबर से अक्टूबर तक के समय को ग्लैडियोलस की खेती के लिए सबसे बेहतर बताया है। यह फूल न सिर्फ़ देखने में खूबसूरत है, बल्कि इसकी भारी मांग और आसान खेती के चलते किसान कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। शादी-ब्याह, त्योहारों, और समारोहों में ग्लैडियोलस की गुलदस्ते और बुके की मांग आसमान छूती है। अगर आप भी इस मौसम में ग्लैडियोलस की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
ग्लैडियोलस के लिए सही समय
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, सितंबर और अक्टूबर का समय ग्लैडियोलस की बुआई के लिए सबसे उपयुक्त है। इस समय तापमान 25 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहता है, जो इस फूल के लिए अनुकूल है। ग्लैडियोलस मुख्य रूप से सर्दियों की फसल है, लेकिन मध्यम जलवायु वाले क्षेत्रों में इसे लगभग पूरे साल उगाया जा सकता है। सितंबर-अक्टूबर में बुआई करने से पौधे नवंबर-दिसंबर तक फूल देना शुरू कर देते हैं, जब बाजार में इनकी मांग चरम पर होती है। यह फूल भारत में फूलों की खेती में तीसरे स्थान पर है, और इसकी खेती मैदानी इलाकों में आसानी से की जा सकती है। किसान इस मौसम में बुआई शुरू कर मंडी में अच्छा दाम पा सकते हैं।
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बाजार की मांग और रंगों का चयन
ग्लैडियोलस की खेती की खासियत इसकी भारी बाजार मांग है। शादी-ब्याह, त्योहारों, और स्वागत समारोहों में गुलदस्ते और बुके के लिए इस फूल की डिमांड हमेशा बनी रहती है। ग्लैडियोलस की हजारों किस्में उपलब्ध हैं, लेकिन बाजार की मांग के हिसाब से रंगों का चयन करना सबसे जरूरी है। पीले, सफेद, गुलाबी, और लाल रंग के ग्लैडियोलस सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। मैदानी इलाकों के लिए कुछ उन्नत किस्में जैसे स्नो क्वीन, सिल्विया, एपिस ब्लासम, अग्नि, रेखा, पूसा सुहागिन, नजराना, आरती, अप्सरा, शोभा, सपना, और पूनम बेहतरीन हैं। ये किस्में न सिर्फ़ अच्छी पैदावार देती हैं, बल्कि मंडी में अच्छा दाम भी दिलाती हैं।
खेत की तैयारी और उर्वरक
ग्लैडियोलस की खेती के लिए खेत की सही तैयारी बहुत जरूरी है। प्रति एकड़ 5 से 6 टन अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट डालें। इसके साथ, 80 किलो नाइट्रोजन, 160 किलो फास्फोरस, और 80 किलो पोटाश की जरूरत होती है। बुआई से पहले खेत में कंपोस्ट, फास्फोरस, और पोटाश की पूरी मात्रा मिला दें। नाइट्रोजन की मात्रा को तीन हिस्सों में बाँटें। बुआई के समय नाइट्रोजन का एक-तिहाई हिस्सा बेसल डोज के रूप में डालें, और बाकी दो हिस्सों को टॉप ड्रेसिंग के रूप में पौधों की वृद्धि के दौरान दें। अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी इस खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। खेत को समतल कर बेड बनाएँ, ताकि जलभराव की समस्या न हो।
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ग्लैडियोलस से मुनाफा
ग्लैडियोलस की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देती है। इसकी खेती के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती, और छोटे किसान भी इसे आसानी से शुरू कर सकते हैं। एक एकड़ में ग्लैडियोलस की खेती से 2 से 3 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है, अगर सही किस्म और तकनीक का उपयोग किया जाए। फूलों की मांग सर्दियों में बढ़ने की वजह से सितंबर-अक्टूबर में बुआई करने वाले किसान नवंबर-दिसंबर में अच्छा दाम पा सकते हैं। इसके अलावा, ग्लैडियोलस के बल्ब को दोबारा बेचकर भी अतिरिक्त कमाई की जा सकती है।
किसानों के लिए सलाह
किसान भाइयों को सलाह है कि सितंबर-अक्टूबर में ग्लैडियोलस की बुआई शुरू करें। अपने नजदीकी कृषि केंद्र से उन्नत किस्मों के बीज और बल्ब खरीदें। खेत में अच्छी सड़ी खाद और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें। बुआई से पहले मिट्टी की जाँच करा लें, ताकि पोषक तत्वों की कमी का पता चल सके। सही समय पर टॉप ड्रेसिंग करें और खेत में जल निकासी का ध्यान रखें। यह खेती आपके लिए मुनाफे का सुनहरा मौका है।
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