Gardening Tips : किसान भाइयों, अंडा हमारी सेहत का दोस्त है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका छिलका आपके पौधों का सबसे बड़ा यार है? जिस छिलके को हम कूड़े में फेंक देते हैं, वही पौधों के लिए अमृत बन सकता है। अंडे के छिलके में 95 प्रतिशत कैल्शियम कार्बोनेट होता है, जो मिट्टी को ताकत देता है और पौधों को तेजी से बढ़ाता है। चाहे आपका किचन गार्डन हो, गमले हों, या खेत, इस देसी नुस्खे से फूलों और फलों की बरसात होगी। आइए, जानते हैं कि अंडे के छिलके से खाद कैसे बनाएँ और इसे कैसे इस्तेमाल करें।
छिलकों को बनाएँ खजाना- Eggshell fertilizer
अंडे के छिलके को फेंकने की बजाय संभालकर रखें। सबसे पहले इन्हें पानी से अच्छे से धो लें, ताकि कोई गंदगी या बैक्टीरिया न रहे। यह पौधों को बीमारियों से बचाएगा। धोने के बाद छिलकों को किसी रकाब में डालकर धूप में रख दें। तीन से पाँच दिन की धूप में ये पूरी तरह सूख जाएंगे। सूखे छिलके आसानी से टूटते हैं और इन्हें पीसना आसान हो जाता है। यह छोटा सा कदम आपके बगीचे को हरा-भरा बनाने की पहली सीढ़ी है। अपने गाँव के उन बागवानों से टिप्स लें, जो इस नुस्खे को आजमा चुके हैं।
पाउडर बनाएँ
जब छिलके अच्छे से सूख जाएँ, तो इन्हें मूसल या मिक्सर ग्राइंडर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। यह पाउडर आपके गमलों और क्यारियों के लिए जादू का पिटारा है। पीसते वक्त मुँह और नाक को रुमाल या मास्क से ढक लें, क्योंकि कुछ लोगों को इसके धूल से छींक या खाँसी हो सकती है। यह पाउडर इतना ताकतवर है कि गुलाब, टमाटर, या तुलसी जैसे पौधों को हरा-भरा और फूलों से लदने में मदद करता है। एक बार बनाकर इसे किसी डिब्बे में रख लें, ताकि जरूरत पड़ने पर काम आए।
पौधों को खिलाएँ, फूलों को बुलाएँ
इस पाउडर को इस्तेमाल करना बच्चों का खेल है। इसे सीधे पौधों की जड़ों के पास मिट्टी में मिला दें। अगर आप चाहें, तो पाउडर को पानी में घोलकर स्प्रे भी कर सकते हैं। दोनों तरीकों से पौधे इसका कैल्शियम चटपट सोख लेते हैं। यह कैल्शियम पौधों की कोशिकाओं को मज़बूत करता है, जिससे उनकी बढ़त तेज होती है और फल-फूल खूब आते हैं। यूपी के एक बागवान ने बताया कि उसने इस खाद से अपने नींबू के पौधे को इतना लहलहा दिया कि अब फल टोकरी में नहीं समाते। किचन गार्डन हो या खेत, यह नुस्खा हर जगह कमाल करता है।
मिट्टी की सेहत, पौधों की ताकत
अंडे के छिलके का पाउडर मिट्टी को नई जिंदगी देता है। इसका कैल्शियम कार्बोनेट मिट्टी को ढीला करता है, जिससे जड़ें आसानी से फैलती हैं। यह पौधों को ज्यादा खुराक बनाने में मदद करता है, ताकि वे मज़बूत और चमकदार बनें। खासकर फूलों वाले पौधों—जैसे गेंदा, चमेली, या रजनीगंधा—में यह खाद जादू की तरह काम करती है। यह इतना सस्ता और आसान है कि आपको बाज़ार की महँगी खाद की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हर हफ्ते थोड़ा-सा पाउडर डालें, और देखें कि आपका बगीचा कैसे रंग बिखेरता है।
खेतों में भी कमाल
यह खाद सिर्फ गमलों तक सीमित नहीं है। अगर आपके पास खेत है, तो वहाँ भी इसका इस्तेमाल करें। टमाटर, मिर्च, या बैंगन की फसल में यह पाउडर डालने से पैदावार बढ़ती है। कैल्शियम की ताकत से पौधे कीटों और बीमारियों से भी लड़ पाते हैं। बिहार के एक किसान ने अपने खेत में इस खाद को आजमाया और उसकी मिर्च की फसल ने मंडी में दाम दोगुने कर दिए। यह देसी नुस्खा आपके खेतों को हरा और जेब को भरा रखेगा। बस इतना ध्यान रखें कि इसे ज्यादा न डालें, वरना मिट्टी का संतुलन बिगड़ सकता है।
बगीचे की शान, जेब में दान
किसान भाइयों, अंडे का छिलका फेंकना बंद करें और इसे पौधों का खजाना बनाएँ। धोकर, सुखाकर, और पीसकर बनाई गई यह खाद आपके बगीचे को फूलों और फलों से भर देगी। चाहे गमले हों, क्यारियाँ हों, या खेत, यह देसी नुस्खा हर जगह कमाल करता है। लागत शून्य, मेहनत कम, और फायदा बेशुमार। जब आपके पौधे लहलहाएंगे और फूलों की खुशबू बिखरेगी, तो मेहनत का असली मज़ा आएगा। तो आज से ही छिलके इकट्ठा करें और अपने बगीचे को चमकाएँ।
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