होली पर किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! MSP रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी, जानें पूरी प्रक्रिया

किसानों के लिए अच्छी खबर है। अगर आप चना, मसूर और सरसों की फसल को सरकारी भाव यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचना चाहते हैं, तो मध्यप्रदेश शासन ने पंजीयन की तारीख बढ़ा दी है। पहले ये तारीख 10 मार्च 2025 तक थी, लेकिन अब इसे 17 मार्च 2025 तक कर दिया गया है। मध्यप्रदेश में मेहनतकश किसानों को अपनी फसल सही दाम पर बेचने का पूरा मौका देने के लिए ये कदम उठाया गया है। इच्छुक किसान नजदीकी पंजीयन केंद्रों पर मुफ्त में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस बार विपणन वर्ष 2025-26 के लिए चना, मसूर और सरसों की खरीद MSP पर होगी। आइए, इसकी पूरी जानकारी समझते हैं ताकि आप समय रहते तैयारी कर सकें।

पंजीयन की नई तारीख और प्रक्रिया

मध्यप्रदेश शासन ने किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 17 मार्च 2025 कर दी है। पहले ये प्रक्रिया 20 फरवरी 2025 से शुरू हुई थी, और 10 मार्च तक चलनी थी। लेकिन अब आपके पास अतिरिक्त समय है। पंजीयन बिल्कुल मुफ्त है, और इसे गेहूँ के लिए बनाए गए पंजीयन केंद्रों पर ही कराया जा सकता है। आपको बस अपने जरूरी दस्तावेज लेकर नजदीकी केंद्र पर जाना है। अगर आपको कोई शक हो या जानकारी चाहिए, तो अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी या पंजीयन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। ये मौका हाथ से न जाने दें, क्योंकि इसके बाद MSP पर फसल बेचने का लाभ नहीं मिल पाएगा।

चना, मसूर और सरसों का समर्थन मूल्य

विपणन वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने अच्छी गुणवत्ता (FAQ) वाली फसलों के लिए MSP तय किया है। चने का समर्थन मूल्य 5650 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 6700 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 5950 रुपये प्रति क्विंटल घोषित हुआ है। ये दाम सुनिश्चित करते हैं कि मेहनत का पूरा फल मिले। खरीद की अवधि 25 मार्च 2025 से 31 मई 2025 तक प्रस्तावित है। यानी इस दौरान आप अपनी फसल को इन तय भावों पर बेच सकेंगे। ये दरें पिछले सालों की तुलना में बेहतर हैं, जिससे किसानों को अच्छी कमाई का भरोसा मिल रहा है। फसल की गुणवत्ता सही रखें, ताकि MSP का पूरा लाभ उठा सकें।

कैसे कराएँ पंजीयन?

पंजीयन कराना बेहद आसान है। आपको गेहूँ के पंजीयन केंद्रों पर ही चना, मसूर और सरसों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर और जमीन के कागजात जैसे जरूरी दस्तावेज साथ ले जाएँ। अगर आपने पहले गेहूँ का पंजीयन कराया है, तो वही केंद्र काम आएगा। पंजीयन के बाद आपकी फसल की जानकारी, जैसे बोया हुआ रकबा और बिक्री योग्य मात्रा, दर्ज की जाएगी। समय पर पंजीयन कराना जरूरी है, वरना 17 मार्च के बाद ये मौका चला जाएगा। अपने क्षेत्र के पटवारी या कृषि अधिकारी से सलाह लेकर सारी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी करें।

क्यों जरूरी है ये योजना?

किसानों की मेहनत को सही कीमत दिलाने के लिए MSP योजना बहुत जरूरी है। चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों की खेती में लागत और मेहनत लगती है, और कई बार बाजार में सही दाम नहीं मिल पाते। MSP से न सिर्फ नुकसान से बचाव होता है, बल्कि अच्छा मुनाफा भी मिलता है। मध्यप्रदेश शासन का ये कदम किसानों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला है। 17 मार्च तक पंजीयन कराकर आप भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। तो देर न करें, आज ही अपने नजदीकी केंद्र पर जाएँ और अपनी फसल को सरकारी भाव पर बेचने की तैयारी करें। मेहनत का पूरा दाम अब आपकी जेब में आएगा।

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  • Shashikant

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