किसानों को मिलेगा मुफ्त तिलहन बीज मिनीकिट, इस वेबसाइट पर करें आवेदन, जानें अंतिम तारीख

उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र लंबे समय से खेती में कई मुश्किलों का सामना कर रहा है। यहाँ पानी की कमी, मिट्टी की घटती ताकत और संसाधनों की कमी ने किसानों को परेशान किया है। लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार और कृषि विभाग मिलकर इस इलाके के किसानों की तकदीर बदलने में जुट गए हैं। चित्रकूट जिले में एक खास योजना शुरू की गई है, जिसके तहत किसानों को तिलहन फसलों के लिए मुफ्त बीज मिनीकिट दिए जा रहे हैं। यह योजना न सिर्फ खेती को आसान बनाएगी, बल्कि किसानों की जेब भी भरेगी।

मुफ्त तोरिया बीज मिनीकिट का मौका

कृषि विभाग ने चित्रकूट के किसानों के लिए “राज्य सहायतित निःशुल्क तिलहन बीज मिनीकिट वितरण, प्रदर्शन एवं प्रसार कार्यक्रम” शुरू किया है। इस योजना के तहत किसानों को तोरिया यानी लाही फसल के दो किलोग्राम बीज मुफ्त में मिलेंगे। तोरिया एक ऐसी तिलहन फसल है, जो कम पानी और कम मेहनत में अच्छी पैदावार देती है। यह फसल न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त इलाकों में खेती को नया रास्ता दिखाएगी। इस योजना से किसान आधुनिक खेती की तकनीकों से भी जुड़ सकेंगे।

कैसे मिलेगा योजना का लाभ

चित्रकूट के उप कृषि निदेशक राज कुमार ने बताया कि यह योजना केवल उन किसानों के लिए है, जो कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। अगर आपने अभी तक पंजीकरण नहीं किया है, तो जल्दी से कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर करें। मिनीकिट पाने के लिए 15 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय आपको आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की कॉपी, और खेत के कागजात जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इन दस्तावेजों की जाँच के बाद आपको मुफ्त में तोरिया के बीज मिल जाएँगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, ताकि हर जरूरतमंद किसान को फायदा मिले।

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तिलहन खेती से बढ़ेगी कमाई

इस योजना का सबसे बड़ा मकसद चित्रकूट के किसानों को तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना है। तोरिया की खेती से न सिर्फ खेतों में उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा। यह फसल कम समय में पककर तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी अच्छी माँग है। बुंदेलखंड जैसे इलाकों में, जहाँ पानी की कमी रहती है, तोरिया जैसी फसलें किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं। साथ ही, यह योजना किसानों को नई तकनीकों और बेहतर बीजों से जोड़कर उनकी खेती को और मजबूत करेगी।

अगर आप चित्रकूट या बुंदेलखंड के आसपास के किसान हैं, तो इस योजना का फायदा जरूर उठाएँ। सबसे पहले कृषि विभाग के पोर्टल www.dbtuphorticulture.in पर जाकर पंजीकरण करें। आवेदन करने से पहले अपने दस्तावेज तैयार रखें ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो। तोरिया की खेती शुरू करने से पहले अपने खेत की मिट्टी की जाँच करवाएँ और पानी निकासी का इंतजाम करें। अगर आपको कोई दिक्कत हो, तो नजदीकी कृषि केंद्र या उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क करें। अपने गाँव के दूसरे किसानों को भी इस योजना के बारे में बताएँ ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।

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  • Shashikant

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