हरियाणा के पंचकूला में कृषि विभाग द्वारा मुफ्त ड्रोन पायलट ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की डिप्टी कमिश्नर मोनिका गुप्ता ने बताया कि इच्छुक किसान और बेरोजगार युवा 10 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। यह ट्रेनिंग कस्टम हायरिंग सेंटर या एफपीओ से जुड़े आवेदकों के लिए उपलब्ध होगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस ट्रेनिंग में वही लोग आवेदन कर सकते हैं जो हरियाणा के पंचकूला जिले के निवासी हैं और निम्नलिखित योग्यताएं पूरी करते हैं। आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। उसने मैट्रिक (10वीं) पास कर रखी हो। वह किसी कस्टम हायरिंग सेंटर या एफपीओ का सदस्य हो।
यह ट्रेनिंग बेरोजगार किसानों और युवाओं के लिए बहुत फायदेमंद होगी क्योंकि इससे वे ड्रोन टेक्नोलॉजी में दक्ष हो सकेंगे। उन्हें नई नौकरियों और व्यवसायों के अवसर मिलेंगे। वे खेती में ड्रोन का उपयोग कर कम मेहनत में अधिक उत्पादन कर सकेंगे।
सरकार की योजना क्या है?
हरियाणा सरकार ने पूरे राज्य में 500 किसानों को ड्रोन पायलट ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है। पहले और दूसरे चरण में 267 किसानों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अब बाकी बचे किसानों और युवाओं से आवेदन मांगे गए हैं ताकि वे इस ट्रेनिंग का लाभ उठा सकें।
ड्रोन पायलट ट्रेनिंग के लिए www.agriharyana.gov.in पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई विशेष कमेटी आवेदन की जांच करेगी। किसान पंचकूला के असिस्टेंट एग्रीकल्चरल इंजीनियर के दफ्तर में जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
केंद्र और राज्य सरकारें खेती में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को भी ड्रोन पायलट बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने किसानों को मुफ्त ड्रोन ट्रेनिंग देने की यह योजना शुरू की है, जिससे वे आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बन सकें।
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