गन्ने की कटाई के बाद पत्तियों बन जाएँगी मिट्टी के लिए देशी घी, बस डाल दें ये चीज

Ganne ki Patton ka nistaran: फरवरी का महीना चल रहा है, और किसान भाई गन्ने की कटाई में व्यस्त हैं। गन्ने की कटाई के बाद खेत में बचे हुए पत्तों का निस्तारण करना एक बड़ी चुनौती माना जाता है। लेकिन, अगर इन पत्तों का सही तरीके से निस्तारण किया जाए, तो यह मिट्टी के लिए देसी घी से कम नहीं है। इससे न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है, बल्कि अगली फसल में लागत भी कम आती है।

गन्ने की पत्तियों को जलाना क्यों नहीं है सही? 

उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक के अनुसार, गन्ने की पत्तियों को जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह गैरकानूनी भी है। पत्तियों को जलाने से मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं, और मिट्टी की उर्वरता कम होती है। इसके बजाय, अगर पत्तियों का सही तरीके से निस्तारण किया जाए, तो यह मिट्टी के लिए एक प्राकृतिक खाद का काम करती है।

गन्ने की पत्तियों का निस्तारण कैसे करें? 

गन्ने की पत्तियों का निस्तारण करना बहुत आसान है। सबसे पहले, गन्ने की सूखी पत्तियों को खेत में समान रूप से फैला दें। ध्यान रखें कि पत्तियों की परत 7 से 8 सेंटीमीटर से ज्यादा मोटी न हो। इसके बाद, मल्चर मशीन की मदद से पत्तियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इससे न केवल पत्तियां छोटी हो जाएंगी, बल्कि गन्ने के ऊंचे ठूंठ भी सतह के बराबर हो जाएंगे। पत्तियों को काटने के बाद खेत में सिंचाई कर दें। इससे पत्तियां जल्दी सड़ने लगेंगी। सिंचाई के बाद 4 किलोग्राम ऑर्गेनो डी-कंपोजर को 3 क्विंटल गोबर की सड़ी हुई खाद में मिलाकर एक एकड़ खेत में डाल दें। इससे पत्तियां तेजी से खाद में बदल जाएंगी।

गन्ने की पत्तियों के निस्तारण के फायदे 

गन्ने की पत्तियों का सही तरीके से निस्तारण करने से मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ती है। इससे मिट्टी की जल धारण क्षमता में सुधार होता है। साथ ही, अगली फसल में खाद और उर्वरकों की लागत कम होती है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है।

गन्ने की पत्तियों का सही तरीके से निस्तारण करना न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह किसानों के लिए भी एक लाभदायक कदम है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, और अगली फसल में लागत कम होती है। इसलिए, किसान भाइयों को गन्ने की पत्तियों को जलाने के बजाय उनका सही तरीके से निस्तारण करना चाहिए।

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  • Shashikant

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