गर्मी में मूली की खेती आमतौर पर कम होती है, क्योंकि मूली को ठंडा मौसम पसंद है। मगर सही किस्म और देसी तरीकों से गर्मी में भी मूली उगाई जा सकती है। मार्च से जून तक, जब तापमान 25-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, मूली की खेती से 20-25 दिन में फसल तैयार हो जाती है। ये छोटे किसानों के लिए बढ़िया है, क्योंकि कम लागत में जल्दी मुनाफा मिलता है। प्रति हेक्टेयर 25-30 टन तक पैदावार हो सकती है। गर्मी में मूली की खेती से बाजार में सस्ती सब्जियों के बीच अच्छा दाम भी मिलता है। आइए, इसे देसी अंदाज़ में समझें।
गर्मी में मूली की खेती क्यों खास?
मूली की फसल आमतौर पर सर्दियों की होती है, लेकिन गर्मी में इसकी माँग बनी रहती है। गर्मी में मूली की खेती का फायदा ये है कि कम समय में फसल तैयार होती है और खेत जल्दी खाली हो जाता है। गर्मी में मूली की किस्में जैसे पंजाब सफेद और जापानी सफेद तेज़ी से बढ़ती हैं। ये तरीका सूखे और गर्म इलाकों में भी कारगर है। सही देखभाल से मूली रसीली और स्वादिष्ट बनती है, जो बाजार में अच्छा भाव लाती है।
खेत की तैयारी और मिट्टी
गर्मी में मूली की खेती के लिए खेत को अच्छे से तैयार करें। खेत को हल से 2-3 बार जोतकर मिट्टी को भुरभुरा बनाएँ। दोमट या बलुई मिट्टी सबसे अच्छी है, जिसमें पानी का निकास अच्छा हो। मिट्टी का pH 6-7 के बीच होना चाहिए। प्रति हेक्टेयर 10-15 टन गोबर की सड़ी खाद डालें। खेत को समतल करके 30 सेमी चौड़ी क्यारियाँ बनाएँ, ताकि गर्मी में पानी का प्रबंधन आसान हो। मिट्टी को हल्का नम रखने के लिए गन्ने की पत्तियों से मल्चिंग करें। इससे जड़ें अच्छी बनती हैं।
सही किस्मों का चुनाव
गर्मी में मूली की खेती के लिए ऐसी किस्में चुनें जो गर्मी सहन कर सकें। कुछ बढ़िया किस्में हैं:
- पंजाब सफेद: 25-30 दिन में तैयार, रसीली और कम तीखी।
- जापानी सफेद: बड़ी और मीठी, 30-35 दिन में तैयार।
- पूनम: गर्मी में तेज़ बढ़त, 25-28 दिन में फसल।
- अर्ली मिनो: छोटी और जल्दी तैयार, 20-25 दिन में।
इन किस्मों को अपने इलाके के मौसम के हिसाब से चुनें। सही बीज से पैदावार और स्वाद दोनों बढ़िया मिलते हैं।
बुवाई और दूरी
मूली की बुवाई मार्च से जून में करें। बीज को 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलो से उपचारित करें, ताकि फंगस न लगे। क्यारियों में 20-30 सेमी की दूरी पर पंक्तियाँ बनाएँ और बीज को 2-3 सेमी गहराई पर बोएँ। पौधों के बीच 5-7 सेमी की दूरी रखें। प्रति हेक्टेयर 5-6 किलो बीज काफी है। बुवाई के बाद हल्की मिट्टी से ढक दें। गर्मी में मूली की खेती में सही दूरी से जड़ें अच्छी बनती हैं और फसल जल्दी तैयार होती है।
पानी और खाद का प्रबंधन
गर्मी में मूली की खेती में पानी का खास ध्यान रखें। बुवाई के बाद तुरंत हल्की सिंचाई करें। पहले 10 दिन तक हर 2-3 दिन में पानी दें, ताकि अंकुरण अच्छा हो। इसके बाद 5-7 दिन में एक बार 2-3 सेमी पानी दें। ड्रिप सिस्टम से पानी की बचत होती है। खाद के लिए 10 टन गोबर के साथ 50 किलो नीम की खली प्रति हेक्टेयर डालें। बुवाई के 15 दिन बाद 20 किलो यूरिया छिड़कें। गोमूत्र का घोल हर 10 दिन में डालें। पानी और खाद का सही तालमेल मूली को रसीला बनाता है।
कीट और रोग नियंत्रण
गर्मी में मूली को एफिड्स और पत्ती खाने वाले कीट परेशान करते हैं। नीम का तेल (5 मिली प्रति लीटर) या गोमूत्र का छिड़काव करें। जड़ सड़न से बचने के लिए ट्राइकोडर्मा 5 किलो प्रति हेक्टेयर मिट्टी में मिलाएँ। पत्तियों पर भूरे धब्बे दिखें, तो 2 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड प्रति लीटर पानी में डालें। प्राकृतिक तरीकों से कीट और रोग काबू में रहते हैं।
फसल की देखभाल और कटाई
गर्मी में मूली की खेती में पौधों की बढ़त पर नज़र रखें। 10-15 दिन बाद हल्की गुड़ाई करें, ताकि नींदा हटे और मिट्टी ढीली रहे। मूली की जड़ें 5-7 सेमी लंबी और नरम हों, तो कटाई शुरू करें। ये 20-35 दिन में तैयार हो जाती है। कटाई सुबह करें और जड़ों को पानी से धोकर बंडल बनाएँ। सही समय पर कटाई से मूली का स्वाद और बाजार में दाम बढ़ता है।
पैदावार और मुनाफा
मूली की खेती से प्रति हेक्टेयर 25-30 टन पैदावार मिल सकती है। 1 एकड़ में 10-12 टन मूली होती है। बाजार में गर्मी में इसका भाव 20-30 रुपये प्रति किलो रहता है, यानी 2-3 लाख रुपये की कमाई। लागत 20-25 हज़ार रुपये आती है, तो 1.5-2.5 लाख मुनाफा बचता है। जल्दी तैयार होने से खेत दूसरी फसल के लिए खाली हो जाता है। मेहनत का फल जल्दी और अच्छा मिलता है।
फायदे और सावधानियाँ
गर्मी में मूली की खेती के कई फायदे हैं। ये कम समय लेती है, पानी कम चाहिए, और पोषक तत्वों से भरपूर है। मगर गर्मी में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाए, तो पौधे झुलस सकते हैं। छाया या मल्चिंग से बचाव करें। पानी का जमाव न होने दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। सही देखभाल से ये खेती मुनाफे का सौदा बनती है।
ये भी पढ़ें- लाल मुली किस्म की ये वैरायटी देगी कम खर्च में बम्पर पैदावार, घर बैठे यहाँ से मंगवाएं ऑनलाइन बीज