मछली पालने वाले किसान अब सिर्फ तालाब तक सीमित नहीं रहेंगे। हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन को बड़ा उद्योग बनाने का फैसला किया है। अभी देश में दूसरे नंबर पर खड़ा राज्य अब पहले पायदान पर कूदने जा रहा है। इसके लिए 25 कोल्ड स्टोर पहले ही तैयार हो चुके हैं, जहां मछली ताजा रखकर बाजार तक पहुंचाई जा रही है। 18 और कोल्ड स्टोरों पर काम चल रहा है, जबकि 10 नए के लिए फंड जारी हो चुका। सबसे बड़ी योजना भिवानी के गरवा गांव में 24.5 एकड़ पर 98.90 करोड़ रुपये का एकीकृत एक्वा पार्क बनेगा।
झींगा और मछली की प्रोसेसिंग यूनिट के साथ ये केंद्र किसानों को नई तकनीक सिखाएगा और निर्यात के रास्ते खोलेगा। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंगलवार को बैठक में साफ कहा, “मत्स्य पालन से किसानों की आय में कम से कम 30 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।” प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत ये सारी योजनाएं चल रही हैं।
कोल्ड स्टोर चेन से मछली बर्बाद होने की समस्या खत्म
मछली पकड़ने के बाद सबसे बड़ी दिक्कत होती थी स्टोरेज की। गर्मी में जल्दी खराब हो जाती थी, दाम कम मिलते थे। अब 25 कोल्ड स्टोरों से ये परेशानी दूर हो गई। किसान अपनी उपज सुरक्षित रखकर सही समय पर बेच सकते हैं। 13 करोड़ रुपये का अनुदान पहले ही वितरित हो चुका, केंद्र से अतिरिक्त 20 करोड़ की मांग की गई है। विभाग के अधिकारी बताते हैं कि कोल्ड चेन से विपणन आसान हो जाएगा। सिरसा के पोहरका गांव में 25 एकड़ पर खारे पानी की जलकृषि परियोजना भी शुरू हो रही है। इससे नमक वाली जमीनें भी उपजाऊ बनेंगी।
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सोलर सिस्टम से बिजली का खर्चा जीरो
तालाब चलाने में बिजली सबसे बड़ा खर्च था। सरकार ने इसे खत्म करने के लिए 45 लाख रुपये का सोलर अनुदान दिया। लंबित पेमेंट तुरंत रिलीज करने के आदेश हैं। इससे एरेशन और पंप बिना बिल के चलेंगे। फरीदाबाद, गुरुग्राम और हिसार में नई मत्स्य मंडियां बनेंगी। स्थानीय स्तर पर ही अच्छे दाम मिलेंगे, दूर जाने की जरूरत नहीं। 15 सरकारी बीज केंद्रों से उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल रहे हैं। कुरुक्षेत्र में सालाना डेढ़ करोड़ बीज स्टॉक होते हैं। प्राइवेट हैचरी जैसे मांधेरी में 10 करोड़ बीज बनते हैं। ये सब किसानों को मुफ्त ट्रेनिंग के साथ मिल रहा है।
भिवानी का एक्वा पार्क झींगा निर्यात का नया हब
गरवा गांव में 98.90 करोड़ का एक्वा पार्क झींगा उत्पादन को नई ऊंचाई देगा। 24.5 एकड़ में प्रोसेसिंग यूनिट, ट्रेनिंग सेंटर और रिसर्च लैब होगी। निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे मूल्य संवर्धन होगा, निर्यात बढ़ेगा। मंत्री राणा ने कहा, “ये उत्कृष्टता केंद्र बनेगा।” सलाइन एरिया डेवलपमेंट से बंजर जमीन हरी-भरी हो जाएगी। यमुनानगर में मोबाइल लैब्स से पानी-पोखर की जांच होगी। बायोफ्लॉक तकनीक से प्रति हेक्टेयर 4.90 लाख मुनाफा संभव है।
किसानों की आय दोगुनी
मत्स्य पालन अब सिर्फ शौक नहीं, बड़ा बिजनेस है। प्रोसेसिंग यूनिट से रोजगार बढ़ेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू ने कहा कि एक्वाकल्चर नेटवर्क मजबूत हो रहा है। PMMSY से सब्सिडी और ट्रेनिंग मिल रही। कुरुक्षेत्र में 5 लाख रुपये की सालाना सब्सिडी वितरित हो रही। नदियों-नहरों में प्राकृतिक संरक्षण पर भी फोकस। मत्स्य पालन हरियाणा की अर्थव्यवस्था का नया इंजन बनेगा। कोल्ड स्टोर, एक्वा पार्क और सब्सिडी से किसान आत्मनिर्भर होंगे।