केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर राजस्थान की कंपनी HPM केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। कंपनी के हर्बिसाइड ‘बायोक्लोर’ के उपयोग से मध्य प्रदेश के सागर, रायसेन, और विदिशा जिलों में सोयाबीन की फसलें बर्बाद हो गईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। किसानों की शिकायतों पर मंत्री ने खेतों का दौरा किया और पाया कि नकली हर्बिसाइड ने फसलों को जला दिया, जबकि खरपतवार बचे रहे। इस मामले में FIR दर्ज की गई, और कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
नकली हर्बिसाइड से फसल बर्बाद
मध्य प्रदेश के सागर जिले के गाँवों चकेरी, विनिका, पिपरिया चमारी, गोडाई पिपरिया, इलई, कनेरा, धमोनी, पहलादपुर, और नैनधारा में किसानों ने HPM के हर्बिसाइड बायोक्लोर के उपयोग के बाद सोयाबीन फसलों के नष्ट होने की शिकायत की। जाँच में पाया गया कि यह हर्बिसाइड नकली था, जिसे सागर के सुप्रीम एग्रो ओवरसीज (प्रोप्राइटर: मनीष जैन) ने बेचा था। जाँच दल, जिसमें बांदा के उप-विभागीय कृषि अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शामिल थे, ने पुष्टि की कि हर्बिसाइड से फसलें सूख गईं, जबकि खरपतवार बचे रहे। इसके बाद सागर के बांदा थाने में HPM और डीलर के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
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शिवराज का कड़ा रुख
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 अगस्त को रायसेन के चिरखेड़ा गाँव में प्रभावित खेतों का दौरा किया। उन्होंने देखा कि सोयाबीन की फसल पूरी तरह जली हुई थी, और खरपतवार हरे-भरे थे। “किसान की फसल उसका जीवन है। इसे बर्बाद करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा,” उन्होंने कहा। मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) को तुरंत एक जाँच समिति गठित करने का निर्देश दिया, जिसका नेतृत्व जबलपुर के वीड रिसर्च निदेशालय के निदेशक डॉ. जेएस मिश्रा कर रहे हैं। समिति में ATARI जोन 9 के निदेशक डॉ. एसआरके सिंह और रायसेन-विदिशा के कृषि अधिकारी शामिल हैं।
राष्ट्रव्यापी अभियान
18 अगस्त को नई दिल्ली में कृषि भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में चौहान ने नकली खाद, बीज, और कीटनाशकों को “किसानों के लिए अभिशाप” बताया। उन्होंने राज्यों के साथ समन्वय में छापेमारी, नमूने जाँच, और दोषी कंपनियों के कारखानों व दुकानों को सील करने के निर्देश दिए। किसानों से शिकायतें टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर दर्ज करने की अपील की गई। Rajasthan सरकार ने HPM का लाइसेंस निलंबित कर दिया, क्योंकि कंपनी का रजिस्ट्रेशन वहीं था।
किसानों की सुरक्षा पर जोर
चौहान ने कहा कि नकली कृषि निवेशों के खिलाफ कठोर कानून लाया जाएगा, जिसमें भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान होगा। दिल्ली की बैठक में ICAR और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने जाँच तेज करने और किसानों को जागरूक करने की रणनीति बनाई। मंत्री ने राज्यों से आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी और नियमित नमूना जाँच करने को कहा।
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