भारत में चीनी उत्पादन ने तोड़ा रिकॉर्ड! 22% की बंपर बढ़ोतरी, रिकवरी रेट में महाराष्ट्र सबसे आगे

देश में चीनी उत्पादन ने इस सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है। चीनी मिल एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में कुल चीनी उत्पादन 330 लाख टन से ऊपर पहुंच गया है, जो पिछले सीजन से करीब 22 प्रतिशत ज्यादा है। ये बढ़ोतरी मुख्य रूप से गन्ने की अच्छी पैदावार, बेहतर रिकवरी रेट और मिलों की समय पर क्रशिंग से आई है। गन्ना किसान भाइयों के लिए ये बहुत अच्छी खबर है क्योंकि ज्यादा उत्पादन से मिलों में गन्ने की डिमांड बढ़ी है और किसानों को बेहतर भाव मिलने की उम्मीद जगी है।

महाराष्ट्र ने इस सीजन में रिकवरी रेट में सबसे आगे रहकर सबको चौंका दिया है। राज्य में औसत रिकवरी रेट 11.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पिछले साल से काफी बेहतर है। महाराष्ट्र ने कुल 110 लाख टन से ज्यादा चीनी उत्पादन किया है, जो देश के कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा है। यूपी दूसरे नंबर पर है जहां रिकवरी रेट 10.8 प्रतिशत रहा और उत्पादन 105 लाख टन से ऊपर पहुंचा। कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्य भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

रिकवरी रेट में महाराष्ट्र का टॉप करना क्यों महत्वपूर्ण

रिकवरी रेट यानी गन्ने से कितनी चीनी निकलती है, ये मिलों और किसानों दोनों के लिए बहुत अहम है। महाराष्ट्र में इस बार रिकवरी रेट 11.5 प्रतिशत तक पहुंचने से मिलों को ज्यादा चीनी मिली और गन्ना किसानों को भी बेहतर रेट मिला। वैज्ञानिकों और मिल मालिकों का कहना है कि उन्नत गन्ना वैरायटी, बेहतर सिंचाई और समय पर कीटनाशक इस्तेमाल से ये संभव हुआ। महाराष्ट्र के कई जिलों में कोयंबटूर और कोल्हापुर जैसी वैरायटी ने कमाल किया है।

उत्तर प्रदेश में भी रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। यूपी में औसत रिकवरी 10.8 प्रतिशत रही, जो पिछले साल से बेहतर है। यहां बिस्मिल, को 0238 और सीओ 1148 जैसी वैरायटी ने अच्छा प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को समय पर भुगतान और बोनस देने का वादा निभाया है।

अन्य राज्यों का हाल और कुल उत्पादन का ब्रेकडाउन

कर्नाटक में उत्पादन 45 लाख टन से ऊपर रहा और रिकवरी रेट 10.5 प्रतिशत के आसपास। गुजरात में 35 लाख टन और तमिलनाडु में 28 लाख टन से ज्यादा चीनी बनी। बिहार, पंजाब और हरियाणा में भी अच्छी पैदावार हुई। कुल मिलाकर देश में चीनी उत्पादन 330 लाख टन से ऊपर पहुंच गया है, जो पिछले साल से 60 लाख टन ज्यादा है।

ये बढ़ोतरी निर्यात के लिए भी अच्छी खबर है। भारत अब चीनी निर्यात में मजबूत स्थिति में है और कीमतें भी स्थिर रहने की उम्मीद है। ये आंकड़े बताते हैं कि गन्ना किसानों की मेहनत रंग ला रही है। अच्छी रिकवरी रेट से मिलों को फायदा हुआ और किसानों को भी बेहतर भाव मिलने की संभावना बढ़ी है। अगर आप गन्ना उगाते हैं तो उन्नत वैरायटी अपनाएं, समय पर सिंचाई और खाद दें ताकि रिकवरी रेट अच्छा रहे।

ये भी पढ़ें- पराली अब समस्या नहीं, कमाई बनेगी! वैज्ञानिकों की नई तकनीक से पराली से बनेंगी सड़कें

Leave a Comment