Aaj Ka Mausam: मौसम विभाग से फिर एक गंभीर चेतावनी आई है। 11 जनवरी से अगले पांच दिनों तक शुष्क मौसम के साथ भीषण शीतलहर और घना कोहरा बरकरार रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री नीचे रहने का अनुमान जताया है। कई जगहों पर तापमान 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे पाला जमने का खतरा बढ़ गया है। सुबह और शाम के समय विजिबिलिटी बहुत कम हो रही है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है।
IMD के अनुसार, शीतलहर तब मानी जाती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम हो और अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे हो। राज्य के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान पहले से ही 4-5 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानों में शीतलहर को और तेज कर रही हैं। कोहरा इतना घना है कि कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम दृश्यता रह रही है।
शीतलहर और पाले से रबी फसलों पर बड़ा खतरा
इस ठंड और कोहरे से गेहूं, सरसों, चना, आलू और सब्जियों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। पाला पड़ने से पत्तियां जड़ सकती हैं, कंद विकास रुक सकता है और पैदावार में 20 से 40 फीसदी तक की कमी आ सकती है। घना कोहरा नमी बढ़ाता है, जिससे फफूंद जनित रोग जैसे सफेद रतुआ और तना सड़न फैल सकते हैं। वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान भाई दोपहर के समय हल्की सिंचाई करें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और पाला कम लगे। सरसों और सब्जियों को पुआल या घास से ढक दें।
गेहूं की फसल में अगर पत्तियां पीली पड़ रही हों या किनारे जले हुए दिखें तो तुरंत जांच करें। अर्ली ब्लाइट या लेट ब्लाइट का खतरा है, इसके लिए टेबूकोनाजोल या हेक्साकोनाजोल का छिड़काव करें। पशुपालक भाइयों को भी सलाह है कि पशुओं को रात में घर के अंदर रखें, गर्म पानी दें और सूखा चारा ज्यादा दें।
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मौसम का आगे का अनुमान
IMD का कहना है कि अगले 5 दिनों तक कोई राहत नहीं मिलने वाली। तापमान में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी हो सकती है लेकिन शीतलहर और कोहरा बना रहेगा। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5-7 डिग्री के आसपास रह सकता है। लखनऊ, कानपुर, आगरा और अमृतसर जैसे शहरों में भी यही हाल रहेगा। किसान भाई मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और फसलों की नियमित जांच करें।
अगर बाहर निकलना हो तो गर्म कपड़े पहनें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। कृषि विभाग से समय पर संपर्क करके सही सलाह लें। ये ठंड कुछ दिनों की है, लेकिन सही सावधानियां अपनाकर आप अपनी फसल को बड़ा नुकसान होने से बचा सकते हैं।
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