किसान भाईयों, मक्का की खेती तो हम सालों से करते आ रहे हैं, लेकिन अब वक्त है इसे और बेहतर करने का। बाजार में महंगी खाद और कम पैदावार की चिंता को छोड़ दो। आरएमपीसीएल कंपनी का महावीरा जिरोन पावर प्लस ऐसा देसी नुस्खा है, जो आपकी मक्का की फसल को लहलहा देगा। ये खाद मक्का की जड़ों को मजबूत करेगी, पत्तियों को हरा-भरा बनाएगी, और दानों को इतना भरेगी कि देखकर मन खुश हो जाएगा। आइए, जानते हैं कि इस खरीफ सीजन में महावीरा जिरोन पावर प्लस से मक्का की खेती कैसे चमकाएं।
महावीरा जिरोन पावर प्लस की खासियत
ये कोई साधारण खाद नहीं, भाई। महावीरा जिरोन पावर प्लस में फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक, बोरॉन, कैल्शियम, और मैंगनीज जैसे पोषक तत्व सही मात्रा में मिले हुए हैं। ये तत्व मक्का की फसल को हर कदम पर ताकत देते हैं। जड़ें गहरी होती हैं, पत्तियाँ चमकती हैं, और दाने मोटे-मोटे भरते हैं। आरएमपीसीएल के बड़े कृषि विशेषज्ञ श्री पी. के. पांडेय जी बताते हैं कि इस खाद से मक्का की फसल की ताकत बढ़ती है, जिससे पैदावार में गजब का फर्क पड़ता है। चाहे खेत छोटा हो या बड़ा, ये खाद हर किसान के लिए वरदान है।
बुवाई के समय खाद का सही इस्तेमाल
मक्का की खेती की शुरुआत ही इसकी कामयाबी की नींव होती है। बुवाई के वक्त खेत में महावीरा जिरोन पावर प्लस डालें। प्रति एकड़ 200 किलो इस खाद के साथ 26 किलो एमओपी, 40 किलो यूरिया, और 4 किलो सिमट्रोन मिलाकर डालें। ये मिश्रण मक्का की जड़ों को मजबूत करेगा और शुरुआत से ही फसल को तेजी देगा। खेत में नमी का ध्यान रखें, क्योंकि खरीफ सीजन में बारिश का साथ तो मिलता ही है। सही समय पर सही खाद डालने से फसल की नींव पक्की हो जाती है।
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जब मक्का की फसल 25-30 दिन की हो जाए, तब उसे और पोषण चाहिए। इस वक्त प्रति एकड़ 70 किलो यूरिया और 250 मिलीलीटर बलेको डालें। ये खाद फसल की पत्तियों को हरा-भरा रखेगी और तने को मजबूत करेगी। गाँव के किसान भाई जानते हैं कि मक्का की बढ़वार का समय बहुत जरूरी होता है। अगर इस दौरान फसल को सही खुराक मिले, तो दाने अच्छे भरेंगे और पैदावार बढ़ेगी।
फूल और दाने बनने की अवस्था में खुराक
जब फसल में फूल और दाने बनने लगें, यानी 40-45 दिन बाद, तब प्रति एकड़ 50 किलो यूरिया और 250 ग्राम बोरॉन (20%) डालें। बोरॉन दानों को मोटा और चमकदार बनाता है। ये वो समय है जब मक्का की फसल को सबसे ज्यादा देखभाल चाहिए। सही खाद डालने से दाने अच्छे भरेंगे, और फसल देखकर गाँव में आपकी तारीफ होगी।
दाने भरने के समय, यानी 45-50 दिन बाद, प्रति एकड़ 200 मिलीलीटर बोरट्री और 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 12:61:00 मिलाकर छिड़काव करें। जब फसल 50-55 दिन की हो जाए, तब 250 मिलीलीटर एमिट्रोन-जेड और 200 मिलीलीटर जिंटाविक डालें। आखिरी पड़ाव, यानी 70-75 दिन में, 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 00:00:50 का छिड़काव करें। ये सारी खुराक फसल को चमकदार और भारी दाने देगी, जिससे आपका मुनाफा बढ़ेगा।
मुनाफे वाली मक्का की खेती
महावीरा जिरोन पावर प्लस के साथ मक्का की खेती न सिर्फ आसान है, बल्कि मुनाफे का सौदा भी है। गाँव के किसान भाईयों, इस खरीफ सीजन में इस देसी खाद को आजमाएं। ये खाद आपकी मेहनत को दोगुना रंग देगी। खेत लहलहाएगा, और बाजार में आपकी फसल की कीमत देखकर मन खुश हो जाएगा। आरएमपीसीएल के इस उत्पाद ने कई किसानों की तकदीर बदली है, अब बारी आपकी है।
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