भुट्टा होगा 12 इंच लंबा! बस 150 लीटर पानी में मिलाकर डाल दें 2 ML ये लिक्विड खाद, ऐसे करें इस्तेमाल

Maize Farming Tips : किसान भाइयों, जून का महीना लगभग बीत चुका है, और मानसून की बारिश बस आने वाली है और अब मक्के की बुवाई का सही समय है। शाहजहाँपुर और उत्तर प्रदेश के कई गाँवों में पहले साठा धान बोया जाता था, लेकिन पानी की भारी खपत की वजह से अब किसान भाई मक्के की ओर रुख कर रहे हैं। मक्का कम पानी माँगता है, जल्दी तैयार होता है, और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है। लेकिन कई बार पौधों की ग्रोथ रुक जाती है, और मेहनत कम पड़ जाती है। ऐसे में “मैक्स यील्ड” नाम की लिक्विड खाद आपके खेत को लहलहा सकती है, और भुट्टे 12 इंच तक लंबे हो सकते हैं।

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पौधों की ग्रोथ रुकने की वजह

कृषि विशेषज्ञ नरवीर सिंह जी बताते हैं कि जून में गर्मी और मानसून की शुरुआत के साथ मक्के के पौधे तेजी से बढ़ते हैं। लेकिन कई बार मिट्टी में पोषण की कमी, पानी का गलत इस्तेमाल, या सही खाद न मिलने से पौधे कमजोर पड़ जाते हैं। इससे भुट्टे छोटे रह जाते हैं, और पैदावार कम हो जाती है। शाहजहाँपुर के किसान भाइयों को चिंता करने की जरूरत नहीं, क्योंकि मैक्स यील्ड खाद इस समस्या का देसी जुगाड़ है। ये खाद पौधों को अंदर से ताकत देती है, जड़ों को मजबूत करती है, और भुट्टों को बड़ा व भारी बनाती है।

मैक्स यील्ड: खेत के लिए देसी जादू

मैक्स यील्ड एक खास लिक्विड खाद है, जो मक्के की फसल को नई ताकत देती है। इसमें जिंक, मैंगनीज, और बोरॉन जैसे जरूरी तत्व हैं, जो पौधों की ग्रोथ को बढ़ाते हैं। साथ ही, इसमें जिब्रेलिक एसिड होता है, जो पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद करता है। ये खाद पत्तियों को चौड़ा करती है, जड़ों को मजबूत बनाती है, और भुट्टों की लंबाई को 12 इंच तक ले जा सकती है। जून में जब मानसून की बारिश शुरू होती है, तब मैक्स यील्ड का इस्तेमाल करने से मक्के की फसल रोगों से बची रहती है और पैदावार बढ़ जाती है। शाहजहाँपुर के उन किसानों के लिए, जिन्होंने सरसों या मटर के बाद मक्का बोया है, ये खाद किसी वरदान से कम नहीं।

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मैक्स यील्ड का आसान इस्तेमाल

मैक्स यील्ड को खेत में डालना बहुत आसान है। आप इसे दो तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं। पहला तरीका है कि एक एकड़ खेत में 1 लीटर मैक्स यील्ड को 50 किलो गोबर की सड़ी खाद या सूखी मिट्टी में मिलाकर बिखेर दें। फिर खेत की हल्की जुताई करके पाटा चला लें। इससे पौधों को जमीन से पूरा पोषण मिलेगा। दूसरा तरीका और भी सस्ता है। 2 मिलीलीटर मैक्स यील्ड को 1 लीटर पानी में मिलाएँ, और 150 लीटर पानी का घोल बनाकर पूरे खेत में छिड़काव करें। छिड़काव सुबह या शाम को करें, ताकि गर्मी से खाद का असर कम न हो। जून में मानसून की बारिश के साथ ये खाद पौधों को लहलहा देगी।

कीमत और फायदा

मैक्स यील्ड की कीमत बाजार में करीब 550 रुपये प्रति लीटर है। एक एकड़ के लिए सिर्फ 1 लीटर काफी है, यानी कम खर्च में बड़ा फायदा। ये खाद मक्के को वो सारे तत्व देती है, जो अच्छी फसल के लिए जरूरी हैं। शाहजहाँपुर के किसान भाइयों के लिए जून का महीना मक्के की बुवाई का सुनहरा मौका है। अगर पौधों की ग्रोथ धीमी दिखे, तो मैक्स यील्ड का इस्तेमाल करें। इससे न सिर्फ भुट्टे बड़े और भारी होंगे, बल्कि बाजार में मक्का बेचकर आपकी जेब में ज्यादा पैसा आएगा।

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  • Rahul Maurya

    मेरा नाम राहुल है। मैं उत्तर प्रदेश से हूं और मैंने संभावना इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में शिक्षा प्राप्त की है। मैं Krishitak.com का संस्थापक और प्रमुख लेखक हूं। पिछले 3 वर्षों से मैं खेती-किसानी, कृषि योजनाएं, और ग्रामीण भारत से जुड़े विषयों पर लेखन कर रहा हूं।

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