सितंबर की शुरुआत में बो दें ये पत्तेदार सब्जी, मंडियों में मिलेगी तगड़ी कीमत

सितंबर का महीना हरी पत्तेदार सब्जियों की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय मौसम ठंडा होने लगता है, जो मेथी की बुवाई के लिए आदर्श है। किसान यदि सितंबर के पहले सप्ताह में मेथी की बुवाई करें तो उन्हें अच्छी पैदावार और बढ़िया मुनाफा मिल सकता है। मेथी की पत्तियों का इस्तेमाल सब्जी और साग बनाने में होता है, जबकि इसके दानों का उपयोग मसालों के साथ-साथ औषधीय कामों में भी किया जाता है।

मेथी के औषधीय गुण

मेथी एक औषधीय फसल है, जिसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहते हैं। महिलाओं के लिए यह खासतौर पर फायदेमंद है, क्योंकि यह मासिक धर्म के दर्द को कम करने में मदद करती है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए दूध की मात्रा बढ़ाने में सहायक है। इसके बीजों से बना पेस्ट बालों के लिए प्राकृतिक कंडीशनर का काम करता है। यही कारण है कि मेथी की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का साधन बन सकती है।

बुवाई का सही समय और किस्म का चयन

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक के अनुसार मेथी की बुवाई सितंबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए। किसानों को रोग प्रतिरोधी किस्म का चुनाव करना चाहिए ताकि कम खर्च में अधिक उत्पादन मिल सके। बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह से जुताई करें और बीज का उपचार जरूर करें। खेत का चयन करते समय यह ध्यान रखें कि पानी की निकासी अच्छी हो, ताकि बारिश का पानी खड़ा होकर फसल को नुकसान न पहुंचा सके।

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खेत की तैयारी और बीज की मात्रा

मेथी की अच्छी पैदावार के लिए खेत को तैयार करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले खेत की गहरी जुताई करें और पाटा चलाकर मिट्टी को समतल करें। इसके बाद छोटी-छोटी क्यारियां बना लें। बीज को बुवाई से पहले पानी में भिगोकर फफूंदनाशक दवा से उपचारित करें। इससे फसल में रोग नहीं लगते और अंकुरण भी अच्छा होता है। एक हेक्टेयर में मेथी की खेती के लिए लगभग 12 से 15 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। खरपतवारों को समय-समय पर हटाने के लिए निराई-गुड़ाई करना जरूरी है, जिससे पौधों की बढ़वार अच्छी हो सके।

किसानों के लिए लाभकारी फसल

मेथी की खेती करना किसानों के लिए आसान और किफायती है। यह फसल कम समय और कम लागत में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। हरी पत्तियों और बीज दोनों की बिक्री से किसान दोगुना मुनाफा कमा सकते हैं। औषधीय महत्व और घरेलू उपयोग के कारण मेथी की खेती को आय का अच्छा साधन माना जाता है।

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  • Shashikant

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