अगस्त में तापमान के उतार-चढ़ाव ने धान की फसल पर नई मुसीबत ला दी है। उत्तर भारत के खेतों में धान अब बाली निकालने की अवस्था में है, लेकिन तना छेदक कीट तेजी से फसल को निशाना बना रहा है। यह कीट तनों को खोखला कर देता है, जिससे पौधे सूख जाते हैं और पैदावार घट सकती है। कृषि विशेषज्ञ नरवीर सिंह ने चेतावनी दी है कि 60-65 दिन पुरानी फसल वाले किसानों को अब खास सावधानी बरतनी होगी। अच्छी खबर यह है कि वारंट नामक जैविक कीटनाशक से इस कीट को आसानी से काबू किया जा सकता है।
तना छेदक कीट
तना छेदक कीट धान की फसल का पुराना दुश्मन है। यह पौधे के तने में छेद करके उसे खाता है, जिससे तना पीला पड़ जाता है और पत्तियां सूखने लगती हैं। बाली निकलने की प्रक्रिया रुक जाती है, और कई बार पूरा पौधा बर्बाद हो जाता है। खासकर अगस्त में नमी और गर्मी की वजह से यह कीट तेजी से फैलता है। अगर खेत में 10-15% पौधों में तने पीले दिखें, तो यह खतरे की घंटी है। यह कीट पूरे खेत को चपेट में ले सकता है, जिससे पैदावार 20-30% तक कम हो सकती है। किसानों को खेत में रोज टहलकर तनों की जांच करनी चाहिए, ताकि शुरुआती लक्षण पकड़ में आएं।
वारंट कीटनाशक
कृषि विशेषज्ञ नरवीर सिंह के मुताबिक, तना छेदक कीट से निपटने के लिए वारंट (Warrant) जैविक कीटनाशक सबसे अच्छा है। यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता और फसल को कीटों से बचाता है। किसान 100 मिलीलीटर वारंट को 125-130 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ खेत में छिड़काव करें। सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद छिड़काव करें, क्योंकि इस समय दवा का असर ज्यादा होता है। एक बार छिड़काव से फसल 20-25 दिनों तक सुरक्षित रहती है। यह कीट को शुरुआती अवस्था में खत्म करता है, जिससे बाली निकलने और दाने भरने में कोई दिक्कत नहीं आती। सही अनुपात और समय का ध्यान रखें, ताकि छिड़काव का पूरा फायदा मिले।
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फसल बचाने के लिए जरूरी कदम
किसानों को खेत में संतुलित खाद डालनी चाहिए। ज्यादा यूरिया पौधों को रसीला बनाता है, जो कीटों को बुलाता है। समय पर सिंचाई करें, लेकिन पानी जमा न होने दें। खरपतवारों को नियमित साफ करें, क्योंकि ये कीटों के लिए ठिकाना बनते हैं। खेत की रोज जांच करें और अगर तने पीले या पत्तियां सूख रही हों, तो तुरंत वारंट का छिड़काव करें। अपने नजदीकी कृषि केंद्र से सलाह लें और दवा की सही मात्रा इस्तेमाल करें। बाली निकालने का समय पैदावार के लिए सबसे जरूरी है, इसलिए इस दौरान लापरवाही न बरतें।
किसान भाइयों, धान की फसल आपकी मेहनत का नतीजा है। तना छेदक कीट इस मेहनत को बर्बाद कर सकता है। खेत में रोज नजर रखें और शुरुआती लक्षण दिखते ही वारंट का छिड़काव करें। सही खाद और पानी का ध्यान रखें। अपने कृषि पर्यवेक्षक से सलाह लें और फसल को कीटमुक्त रखें। सही देखभाल से आपकी फसल लहलहाएगी और बाजार में अच्छा दाम मिलेगा।
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