अगले सप्ताह के अंत तक हो सकती है दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई, उत्तर-पूर्वी मानसून को लेकर ये पूर्वानुमान

Updated: 11 Oct 2025, 06:05 PM

Monsoon Update: भारतीय मौसम विभाग ने देश भर के किसानों और आम लोगों के लिए एक अहम खबर दी है। अगले सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों से विदाई ले सकता है। इसके साथ ही, उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत होने की संभावना है, जो दक्षिण भारत में बारिश का नया दौर लाएगा। यह जानकारी चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है।

मानसून की वापसी का समय

चेन्नई मौसम केंद्र की विस्तारित अवधि की भविष्यवाणी के अनुसार, 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल हो सकता है। इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में उत्तर-पूर्वी हवाएं चलने लगेंगी, जो उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत का संकेत देती हैं। ये हवाएं दक्षिणी प्रायद्वीप और बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय होंगी। किसानों को इस बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि इससे खेती और फसलों की सिंचाई पर असर पड़ सकता है।

निम्न दबाव क्षेत्र की संभावना

रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 से 16 अक्टूबर के बीच बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में एक चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है। यह परिसंचरण कोमोरिन क्षेत्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व अरब सागर की ओर बढ़ेगा। 17 से 23 अक्टूबर के बीच केरल के नजदीक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में एक निम्न दबाव क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके बाद सप्ताह के मध्य तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो तमिलनाडु के तट की ओर बढ़ेगा। ये मौसमी बदलाव बारिश को और बढ़ा सकते हैं।

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कहां होगी बारिश

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 10 से 16 अक्टूबर के बीच उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में सामान्य से कुछ अधिक बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण तमिलनाडु में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। अगले सप्ताह, यानी 17 से 23 अक्टूबर के बीच, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, दक्षिण महाराष्ट्र और उत्तरी कर्नाटक में भी अच्छी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा।

वैश्विक मौसम एजेंसियों की राय

यूरोपीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने भी इसकी पुष्टि की है कि 23 अक्टूबर के आसपास तमिलनाडु के तट पर चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है। यह तट की ओर बढ़ेगा और बारिश को तेज करेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रीय पर्यावरण पूर्वानुमान केंद्र का कहना है कि 21 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो तमिलनाडु की ओर बढ़ेगा। ये सभी संकेत दक्षिण भारत में बारिश के एक नए दौर की शुरुआत की ओर इशारा करते हैं।

मानसून की विदाई का दायरा

भारतीय मौसम विभाग के नई दिल्ली कार्यालय ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पहले ही गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से वापस जा चुका है। अभी वापसी की रेखा रक्सौल, वाराणसी, जबलपुर, अकोला, अहिल्यानगर और अलीबाग से होकर गुजर रही है। अगले 3-4 दिनों में यह प्रक्रिया तेज हो सकती है, और महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और तेलंगाना के बाकी हिस्सों से भी मानसून की विदाई हो सकती है।

किसान भाइयों, इस बदलते मौसम में खेतों की देखभाल के लिए तैयार रहें। बारिश की संभावना को देखते हुए फसलों की सिंचाई और जल निकासी की व्यवस्था पहले से कर लें। स्थानीय मौसम केंद्रों से ताजा अपडेट लेते रहें ताकि नुकसान से बचा जा सके।

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