अक्टूबर का महीना सरसों की खेती के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान बोई गई फसल न सिर्फ अच्छी पैदावार देती है, बल्कि माहू जैसे कीटों और रोगों से भी दूर रहती है। जानकार किसान और कृषि सलाहकार रविकांत पांडे बताते हैं कि इस मौसम में सही किस्म चुनने से किसान अपनी मेहनत का पूरा फल पा सकते हैं। देशभर के प्रगतिशील किसान इस समय अच्छे बीजों की तलाश में जुट जाते हैं, ताकि रबी सीजन में कमाई अच्छी हो। आइए जानते हैं ऐसी कुछ उन्नत किस्मों के बारे में, जो बंपर उपज देंगी और रोगों का डर भी नहीं छोड़ेंगी।
पूसा बोल्ड: जल्दी तैयार, अच्छी पैदावार
पूसा बोल्ड सरसों की एक विश्वसनीय किस्म है, जो किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। इसकी अवधि 125 से 130 दिनों की होती है, यानी बुआई के चार-पाँच महीने बाद ही कटाई शुरू हो जाती है। प्रति हेक्टेयर 22 से 25 क्विंटल तक उपज आसानी से मिल जाती है। यह किस्म रोग प्रतिरोधी है, इसलिए फसल को ज्यादा दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती। रविकांत पांडे की सलाह है कि अक्टूबर में इसकी बुआई करें, तो फसल मजबूत बनेगी और बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे।
नरेंद्र राई 8501: उच्च उपज का भरोसेमंद विकल्प
नरेंद्र राई 8501 सरसों की एक और शानदार किस्म है, जो उच्च पैदावार के लिए जानी जाती है। इसकी परिपक्वता अवधि भी 125 से 130 दिन ही रहती है। प्रति हेक्टेयर 25 से 30 क्विंटल तक उपज संभव है, जो छोटे किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होती है। यह किस्म मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है और कम पानी में भी अच्छा प्रदर्शन करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी बुआई अक्टूबर के पहले पखवाड़े में करें, तो रोगों से फसल सुरक्षित रहेगी।
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पूसा विजय: बंपर पैदावार का राजा
अगर आप प्रति हेक्टेयर 36 क्विंटल तक उपज चाहते हैं, तो पूसा विजय सरसों की किस्म आपके लिए बेस्ट है। इसकी अवधि थोड़ी ज्यादा 145 दिन है, लेकिन पैदावार इतनी शानदार होती है कि इंतजार की कीमत मिल जाती है। यह किस्म रोगों के खिलाफ मजबूत है और तेल की गुणवत्ता भी ऊँची रखती है। रविकांत पांडे बताते हैं कि प्रमाणित स्रोत से बीज लें, तो यह किस्म आपकी खेती को नई दिशा देगी।
गिरिराज, ब्रजराज और अन्य किस्में: विविध विकल्प
सरसों की खेती में विविधता लाने के लिए गिरिराज, ब्रजराज, आरएच 725, पूसा सरसों 32, झुमका सरसों और सयाजी संकर सरसों 1310 जैसी किस्में भी आजमाई जा सकती हैं। ये सभी अक्टूबर में बुआई के लिए उपयुक्त हैं और अच्छी पैदावार देती हैं। गिरिराज जल्दी पकने वाली है, जबकि ब्रजराज तेल की मात्रा में श्रेष्ठ है। इनमें से कोई भी चुनें, लेकिन हमेशा विश्वसनीय जगह से बीज खरीदें।
बुआई से पहले ये टिप्स अपनाएँ
सरसों की सफल खेती के लिए बुआई से पहले बीज का उपचार जरूर करें। खेत की गहरी जुताई करें और जल निकासी का अच्छा इंतजाम रखें। वैज्ञानिक तरीके से खाद और पानी दें, तो उपज और तेल की गुणवत्ता दोनों बेहतर होंगी। रविकांत पांडे की सलाह है कि अक्टूबर में देरी न करें, क्योंकि सही समय पर बोई गई फसल रोगों से बची रहती है और मुनाफा बढ़ाती है। इन टिप्स को अपनाकर किसान भाई रबी सीजन को यादगार बना सकते हैं।
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