Sex Sorted Semen : किसान भाइयों, आज हम बात करेंगे एक ऐसी नई तकनीक की, जो पशुपालन को आसान और फायदेमंद बना रही है। ये है सेक्स सॉर्टड सीमेन तकनीक। इसे समझने के लिए पहले ये जान लीजिए कि हमारे देश में पशुओं की संख्या तो बहुत है, लेकिन हर पशु से दूध उतना नहीं मिलता जितना मिलना चाहिए। साल 2022-23 में देश में 231 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ, पर प्रति पशु दूध उत्पादन में हम पीछे हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए साल 2019-20 से सेक्स सॉर्टड सीमेन तकनीक शुरू की गई, जो अब सस्ते दामों में पशुपालकों तक पहुँच रही है।
क्या है सेक्स सॉर्टड सीमेन?
ये एक खास तकनीक है, जिससे गाय-भैंस के बच्चे में बछिया पैदा होने की गारंटी 90% तक होती है। NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह बताते हैं कि ये डोज पूरी तरह भारत में बनी है। मंत्री जोराराम कुमावत कहते हैं कि इससे ज्यादा बछिया होंगी, दूध बढ़ेगा, और बैल कम पैदा होंगे। बैल को सड़कों पर छोड़ने की परेशानी भी खत्म होगी। सरकार इसे सस्ता करने के लिए 75% सब्सिडी दे रही है, ताकि हर पशुपालक इसका फायदा उठा सके।
पहले महंगा, अब सस्ता क्यों?
डॉ. मीनेश शाह बताते हैं कि पहले अमेरिका की दो कंपनियाँ इस तकनीक की मशीन बनाती थीं, जो बहुत महंगी थीं। बाजार में एक डोज 1,000 से 1,400 रुपये की पड़ती थी। अगर गाय को दो-तीन डोज लगानी पड़ें, तो खर्चा बढ़ जाता था। कई बार पशु की हीट का पता न लगने से भी नुकसान होता था। अब NDDB ने स्वदेशी तकनीक बनाई है, जो सस्ती है। 75% छूट के साथ ये डोज अब हर पशुपालक की जेब में फिट होगी। पहले 50% सब्सिडी या 750 रुपये गर्भधारण पर मिलते थे, लेकिन अब इसे और किफायती बनाया जा रहा है।
चार साल में 72 लाख बछिया
पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मुताबिक, 2019-20 से अब तक 89 लाख डोज तैयार हुईं। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत ये काम चल रहा है। इनमें से 90% सफलता के साथ 72 लाख बछिया पैदा हो चुकी हैं। ये बछिया अब दूध दे रही हैं और पशुपालकों की कमाई बढ़ा रही हैं। राजस्थान में इसकी शुरुआत से गाँवों में डेयरी को बड़ा फायदा होगा।
कैसे काम करती है ये तकनीक?
इसमें मशीन से सीमेन को छाँटा जाता है। बछिया पैदा करने वाले तत्व रखे जाते हैं, और बैल वाले हटा दिए जाते हैं। फिर इस डोज को पशु को दिया जाता है। ये डोज गाय या भैंस को गाभिन बनाती है, और ज्यादातर बछिया ही पैदा होती है। इसे देने का सही वक्त पशु की हीट का पता लगाकर तय करना होता है।
पशुपालकों के लिए सलाह
किसान भाइयों और बहनों, ये तकनीक आपके लिए कमाल की है। सस्ती डोज से बछिया पैदा करें, दूध बढ़ाएँ और छुट्टा बैलों की परेशानी से बचें। अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या डेयरी केंद्र पर जाएँ, वहाँ से GauSort डोज की जानकारी लें और सब्सिडी का फायदा उठाएँ। पशु की हीट का सही समय पता करें, ताकि एक ही डोज में काम बन जाए। इससे आपकी मेहनत और पैसा दोनों बचेंगे।
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