जल्दी करें, 30 अगस्त है आखिरी तारीख, जानें किन फसलों के लिए करा सकते हैं बीमा

किसान भाइयों, हमारे खेतों की मेहनत को बाढ़, सूखा, या कीटों की मार से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एक मज़बूत सहारा है। ये योजना प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता से होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देती है। हाल ही में सरकार ने 35 लाख से ज़्यादा किसानों के खातों में 3900 करोड़ रुपये का मुआवज़ा भेजा है, जो इस योजना की पारदर्शिता और ताकत दिखाता है। अगर आपने अभी तक अपनी खरीफ फसलों का बीमा नहीं कराया, तो 30 अगस्त 2025 तक का समय है। आइए, जानें कि PMFBY कैसे आपके खेतों को सुरक्षित और आपकी जेब को मज़बूत बनाएगी।

खरीफ फसलों की सुरक्षा का मज़बूत कवच

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ फसलों को प्राकृतिक जोखिमों से बचाने का मज़बूत कवच है। इसमें अनाज फसलें जैसे धान, मक्का, ज्वार, और बाजरा शामिल हैं। दलहन फसलें जैसे मूंग, उड़द, अरहर, और चवला भी इस योजना के दायरे में आती हैं। तिलहन फसलों में सोयाबीन, मूंगफली, और तिल का बीमा कराया जा सकता है। इसके अलावा, कपास जैसी नकदी फसलें भी शामिल हैं। अगर बुवाई से कटाई तक बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, चक्रवात, या कीट-रोग से नुकसान होता है, तो आप बीमा कंपनी से मुआवज़ा पा सकते हैं। ये योजना सुनिश्चित करती है कि हमारे खेतों की मेहनत बर्बाद न जाए।

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सस्ता प्रीमियम, सरकार की सब्सिडी

PMFBY की सबसे बड़ी खूबी है इसका किफायती होना। खरीफ फसलों के लिए किसान को सिर्फ़ 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। मिसाल के तौर पर, अगर आपकी फसल का कुल बीमा प्रीमियम 10,000 रुपये है, तो आपको अपनी जेब से सिर्फ़ 200 रुपये देने होंगे। बाकी 9,800 रुपये सरकार सब्सिडी के तौर पर बीमा कंपनी को देती है। ये सस्ता प्रीमियम छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान है। इससे खेती जोखिम भरी नहीं, बल्कि सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनती है। हाल ही में 3900 करोड़ रुपये का मुआवज़ा 35 लाख किसानों तक पहुँचा, जो इस योजना की ताकत और पारदर्शिता का सबूत है।

कौन कर सकता है बीमा, क्या है पात्रता

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हिस्सा लेना आसान है। अगर आपने कृषि ऋण लिया है या आपके पास किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है, तो आपके लिए बीमा अनिवार्य है। लेकिन गैर-ऋणी किसान भी अपनी मर्ज़ी से इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लाखों किसान इस योजना से जुड़कर अपनी फसलों को सुरक्षित कर रहे हैं। चाहे आप छोटे किसान हों या बड़े, ये योजना हर खेत को आर्थिक ढाल देती है। बस ज़रूरी दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, खेत का खसरा नंबर, और बैंक खाता विवरण तैयार रखें।

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बीमा आवेदन का आसान तरीका

फसल बीमा कराना अब पहले से ज़्यादा आसान है। आप अपने नज़दीकी किसान सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। आप PMFBY मोबाइल ऐप डाउनलोड करके भी आवेदन कर सकते हैं। अपने राज्य के कृषि पोर्टल पर भी ये सुविधा उपलब्ध है। आवेदन करते समय खेत का विवरण, फसल का नाम, और बुवाई की तारीख सही-सही भरें। 30 अगस्त 2025 बीमा कराने की आखिरी तारीख है, इसलिए देर न करें। अगर कोई दिक्कत हो, तो नज़दीकी कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करें।

सहायता और शिकायत का रास्ता

Fasal Beema Yojana किसानों को हर कदम पर सहायता देती है। अगर आवेदन, पात्रता, या दस्तावेज़ों में कोई परेशानी हो, तो हेल्पलाइन नंबर 14447 पर कॉल करें। आप व्हाट्सएप चैटबॉट 7065514447 पर ‘Hi’ भेजकर जानकारी पा सकते हैं। अपने ज़िले के कृषि अधिकारी से भी मदद ली जा सकती है। अगर फसल को नुकसान होता है, तो 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित करें। इसके लिए PMFBY ऐप या हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें। सही समय पर शिकायत दर्ज करने से मुआवज़ा जल्दी मिलता है। ये सुविधाएँ सुनिश्चित करती हैं कि किसान भाइयों की आवाज़ सुनी जाए।

प्रैक्टिकल टिप्स, बीमा का अधिकतम फायदा

किसान भाइयों, PMFBY का पूरा फायदा उठाने के लिए कुछ आसान कदम अपनाएँ। बुवाई शुरू करने से पहले ही बीमा करा लें, ताकि पूरी अवधि कवर हो। फसल नुकसान की स्थिति में तुरंत फ़ोटो और सबूत इकट्ठा करें। जैविक कीटनाशक, जैसे नीम का तेल (5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) या गोमूत्र (10 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी), का इस्तेमाल करें, ताकि रासायनिक खर्च कम हो। मिट्टी की जाँच के लिए नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें। e-NAM पोर्टल पर फसल रजिस्टर करें, ताकि नुकसान के बाद भी बाज़ार में सही दाम मिले। ये कदम आपके खेतों को और मज़बूत बनाएँगे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हमारे खेतों की मेहनत को बर्बाद होने से बचाती है। 3900 करोड़ रुपये का मुआवज़ा और सिर्फ़ 2 प्रतिशत प्रीमियम इस योजना को किसानों का सच्चा साथी बनाता है। 30 अगस्त 2025 तक अपनी खरीफ फसलों का बीमा करा लें, ताकि बाढ़, सूखा, या कीटों की मार से आपकी मेहनत सुरक्षित रहे।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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