September Me Ageti Sabji: सितंबर का महीना किसानों के लिए सुनहरा मौका लेकर आता है। इस समय तापमान 25 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहता है और मानसून धीरे-धीरे विदा लेता है, जो अगेती सब्जियों की नर्सरी तैयार करने के लिए सबसे बेहतर समय है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे सितंबर में शिमला मिर्च, बैंगन, लौकी, पत्ता गोभी, और फूलगोभी की नर्सरी शुरू करें। ये फसलें कम लागत में अच्छा मुनाफा दे सकती हैं। खास तकनीकों जैसे लो-कॉस्ट पॉली टनल का इस्तेमाल कर किसान अपनी फसलों को बारिश और नमी से बचा सकते हैं। आइए, इस मौसम में खेती की पूरी जानकारी लेते हैं, ताकि किसान भाई मुनाफे की राह पर बढ़ सकें।
सितंबर अगेती सब्जियों के लिए आदर्श मौसम
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सितंबर का मौसम अगेती सब्जियों की नर्सरी तैयार करने के लिए एकदम सही है। इस समय नमी और तापमान का संतुलन पौधों की शुरुआती वृद्धि के लिए अनुकूल होता है। किसान शिमला मिर्च, बैंगन, लौकी, पत्ता गोभी, और फूलगोभी की बुवाई शुरू कर सकते हैं। नर्सरी तैयार करने से पहले खेत में मिट्टी की सतह से 6 इंच ऊँचा बेड बनाना जरूरी है। इससे जलभराव की समस्या से बचा जा सकता है।
बीज बोने के बाद बांस की संरचना बनाकर उस पर पॉलीथिन लगाएँ। इसे लो-कॉस्ट पॉली टनल तकनीक कहते हैं। यह तकनीक पौधों को अचानक बारिश, ज्यादा नमी, और कीटों से बचाती है। इससे नर्सरी में पौधे मजबूत और स्वस्थ बनते हैं, जो बाद में अच्छी पैदावार देते हैं।
शिमला मिर्च
शिमला मिर्च किसानों के लिए लाभकारी फसल है, जो 70 से 80 दिनों में फल देना शुरू कर देती है। यह लाल, हरे, और पीले जैसे कई रंगों में उपलब्ध होती है और इसमें विटामिन ए, बी, और बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है। सितंबर में शिमला मिर्च की नर्सरी तैयार करने से पौधे नवंबर तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी है। किसान उन्नत किस्मों जैसे कैलिफोर्निया वंडर या भारत शिमला मिर्च चुन सकते हैं। यह फसल कम लागत में उगती है और मंडी में अच्छा दाम दिलाती है, जिससे किसानों को मुनाफा होता है।
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बैंगन
बैंगन भारत और दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। सितंबर में इसकी नर्सरी तैयार कर किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। बैंगन की उन्नत किस्में जैसे काशी प्रकाश, पंत ऋतुराज, पूसा उत्तम, और थार रचित बेहतर उत्पादन देती हैं। ये किस्में रोगों और कीटों के प्रति प्रतिरोधी हैं और 60 से 70 दिनों में फल देना शुरू कर देती हैं। बैंगन की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी और संतुलित खाद का उपयोग करें। इस फसल की खासियत है कि यह पूरे मौसम में फल देती रहती है, जिससे किसानों को लगातार मुनाफा मिलता है। मंडी में बैंगन की मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे यह छोटे किसानों के लिए भी फायदेमंद है।
लौकी
लौकी की खेती सितंबर में शुरू करना किसानों के लिए फायदेमंद है। यह फसल साल भर उगाई जा सकती है और जलोढ़, काली, रेतीली, या दोमट मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है। यहाँ तक कि जंगली मिट्टी में भी लौकी उगाई जा सकती है। लोकप्रिय किस्मों में अर्का बहार, पूसा समर, प्रोलिफिक लॉन्ग, पूसा नवीन, पूसा मेघदूत, पंजाब लॉन्ग, काशी बहार, और काशी गंगा शामिल हैं। ये किस्में जल्दी फल देती हैं और रोगों के प्रति प्रतिरोधी होती हैं। लौकी की खेती के लिए नर्सरी में पॉली टनल का उपयोग करें, ताकि पौधे बारिश से सुरक्षित रहें। लौकी की मांग गाँव से लेकर शहरों तक रहती है, जिससे यह मुनाफे की फसल है।
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पत्ता गोभी और फूलगोभी
पत्ता गोभी और फूलगोभी की नर्सरी सितंबर में तैयार करना सबसे अच्छा है। ये दोनों फसलें बरसात के बाद के मौसम में शानदार पैदावार देती हैं। पत्ता गोभी की किस्में जैसे गोल्डन एकर और पूसा ड्रमहेड, और फूलगोभी की किस्में जैसे पूसा हिमज्योति और पूसा अर्ली सिंथेटिक सितंबर की नर्सरी के लिए उपयुक्त हैं। इन फसलों के लिए 6 इंच ऊँचे बेड और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का उपयोग करें। पॉली टनल तकनीक से पौधों को नमी और कीटों से बचाएँ। ये फसलें 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती हैं और मंडी में अच्छा दाम दिलाती हैं।
किसानों के लिए सलाह
किसान भाइयों को सलाह है कि सितंबर में अगेती सब्जियों की नर्सरी शुरू करें। खेत में 6 इंच ऊँचे बेड बनाएँ और लो-कॉस्ट पॉली टनल तकनीक का उपयोग करें। शिमला मिर्च, बैंगन, लौकी, पत्ता गोभी, और फूलगोभी की उन्नत किस्में चुनें। अपने नजदीकी कृषि केंद्र से बीज और खाद की जानकारी लें। यह मौसम आपकी मेहनत को मुनाफे में बदल सकता है।
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