श्रीराम सुपर 404 गेहूं, 52 क्विंटल उपज देने वाली जबरदस्त नई वैरायटी

DCM Shriram Farm Solutions ने श्रीराम सुपर 404 नाम की नई गेहूँ किस्म विकसित की है, जो किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह उच्च उपज, मोटे चमकदार दाने और ब्राउन रस्ट जैसी बीमारी के प्रति मजबूत सहनशीलता के लिए जानी जाती है। कंपनी इसे खासतौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए सुझाती है। पौधे की ऊँचाई 102 सेंटीमीटर, स्पाइक निकलने में 100 दिन और हजार दाने का वजन 46 ग्राम है। प्रति एकड़ 40 किलो बीज की जरूरत पड़ती है। यह शुरुआती और देर से बुवाई दोनों के लिए लचीली है।

भोजपुर कृषि विश्वविद्यालय (BAU Sabour) की रिपोर्ट में इसने 52.15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज दी, जो चेक वैरायटी से बेहतर है। रबी 2025 में यह किस्म आपके खेत में बंपर मुनाफा दे सकती है। आइए, इसकी बुवाई, खाद, पानी, रोग नियंत्रण और फायदों की पूरी जानकारी जानें।

DCM Shriram की भरोसेमंद किस्म

श्रीराम सुपर 404 को DCM Shriram Farm Solutions ने तैयार किया है। यह रबी मौसम की फसल है, जो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए बेस्ट है। पौधे 102 सेंटीमीटर ऊँचे होते हैं, स्पाइक 100 दिन में निकलता है और हजार दाने का वजन 46 ग्राम है। प्रति एकड़ 40 किलो बीज बोएँ। यह ब्राउन रस्ट के प्रति मजबूत है, जिससे बीमारी का नुकसान कम होता है। शुरुआती या देर से बुवाई में भी अच्छी फसल देती है। किसानों के अनुभव से पता चलता है कि दाने समान आकार के, मोटे और चमकदार होते हैं, कटाई के समय पौधा गिरता नहीं। पूर्वी यूपी में इसकी मांग बढ़ रही है।

उपज क्षमता 50 क्विंटल से ज्यादा

श्रीराम सुपर 404 की उपज 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ज्यादा हो सकती है। BAU Sabour की परीक्षण रिपोर्ट में यह 52.15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुँची, जो अन्य वैरायटी से बेहतर है। लेकिन असली उपज मिट्टी की गुणवत्ता, पानी, खाद और रोग नियंत्रण पर निर्भर करती है। दोमट या मध्यम भारी मिट्टी में सिंचाई सुविधा हो, तो बेस्ट रिजल्ट मिलता है। सही देखभाल से दाने मोटे और बाजार में महंगे बिकते हैं।

ये भी पढ़ें- श्रीराम सुपर 1-SR-14 गेहूं किस्म से होगी 80+ क्विंटल/हेक्टेयर रिकॉर्ड पैदावार, किसान कमा रहे लाखों रुपये

बुवाई और मौसम

श्रीराम सुपर 404 की बुवाई 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक करें। कटाई मार्च के आखिर से अप्रैल की शुरुआत में होती है। दोमट या मध्यम भारी मिट्टी चुनें, जहाँ पानी की सुविधा हो। बीज को थायरम या कैप्टान (3 ग्राम प्रति किलो बीज) से उपचारित करें, ताकि फफूंद रोग न हों। सही समय पर बुवाई से फसल मजबूत बढ़ती है और उपज ज्यादा मिलती है। स्थानीय मौसम के हिसाब से कृषि केंद्र से सलाह लें।

सिंचाई 4-5 बार पानी काफी

इस किस्म के लिए 4-5 सिंचाइयाँ जरूरी हैं। पहली सिंचाई क्राउन रूट फेज पर (बुवाई के 20-25 दिन बाद) करें। फिर जुताई फेज और दूधिया अवस्था पर पानी दें। ज्यादा पानी से बचें, वरना दाने खराब हो सकते हैं। सिंचाई सुविधा वाले खेतों में यह शानदार फसल देती है। मिट्टी की नमी देखकर पानी दें, ताकि पौधा मजबूत रहे।

खाद प्रबंधन

प्रति हेक्टेयर 120 किलो नाइट्रोजन, 60 किलो फॉस्फोरस और 40 किलो पोटाश डालें। आधा नाइट्रोजन और पूरा फॉस्फोरस-पोटाश बुवाई के समय दें। बाकी नाइट्रोजन दो हिस्सों में – पहली सिंचाई पर और दूधिया अवस्था पर। मिट्टी की जाँच करवाकर खाद की मात्रा तय करें। गोबर की खाद (10-15 टन/हेक्टेयर) मिलाने से दाने की गुणवत्ता बढ़ती है। सही खाद से फसल हरी-भरी और उपज बढ़िया होती है।

ये भी पढ़ें- गेहूं की 4 उन्नत किस्में, कम सिंचाई में भी देंगी बंपर उपज और मुनाफा

रोग और कीट नियंत्रण

श्रीराम सुपर 404 ब्राउन रस्ट के प्रति मजबूत है, लेकिन अन्य रोगों पर नजर रखें। पत्तियों पर पीले धब्बे दिखें, तो 2.5 ग्राम/लीटर मैंकोजेब या 1 मिली/लीटर टेबुकोनाजोल छिड़कें। कर्णफूल अवस्था में पाउडरी मिल्ड्यू या ब्लाइट के लिए कार्बेन्डाजिम या हेक्साकोनाजोल का स्प्रे करें। येलो रस्ट या ब्लाइट पर नियमित जाँच करें। फसल चक्र अपनाएँ, जैसे गेहूँ के बाद दाल बोएँ। प्रमाणित बीज लें और खेत की सफाई रखें।

विशेष फायदे

श्रीराम सुपर 404 में 50 क्विंटल से ज्यादा उपज की क्षमता है। यह ब्राउन रस्ट से कम नुकसान देती है। दाने मोटे, चमकदार और बाजार में महंगे बिकते हैं। शुरुआती या देर बुवाई दोनों में काम करती है। DCM Shriram जैसी भरोसेमंद कंपनी का उत्पाद होने से किसान इसे पसंद करते हैं। कटाई के समय पौधा गिरता नहीं, जो मेहनत बचाता है।

ये भी पढ़ें- DW R-162 गेहूं, NSC की नई वैरायटी से 45 क्विंटल तक बंपर उपज, यहाँ से खरीदें बीज

ध्यान देने योग्य बातें

ब्राउन रस्ट के अलावा येलो रस्ट या ब्लाइट पर निगरानी रखें। छोटे स्तर पर ट्रायल करें, ताकि स्थानीय मिट्टी और मौसम के हिसाब से पता चले। प्रमाणित बीज ही लें और समय पर पानी दें। ज्यादा वर्षा वाले इलाकों में सावधानी बरतें। स्थानीय कृषि केंद्र से सलाह लें।

किसानों के अनुभव

कई किसानों ने बताया कि श्रीराम सुपर 404 के दाने समान आकार के और चमकदार होते हैं। कटाई आसान है, क्योंकि पौधा कम गिरता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसकी मांग बढ़ रही है। किसान इसे विश्वसनीय और मुनाफेदार मानते हैं।

श्रीराम सुपर 404 से बंपर उपज

श्रीराम सुपर 404 गेहूँ उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के किसानों के लिए उच्च उपज और ब्राउन रस्ट प्रतिरोध की वजह से बेस्ट है। मोटे दाने और लचीली बुवाई इसे खास बनाती है। सही बुवाई, खाद और पानी से रबी 2025 में बंपर कमाई करें। DCM Shriram की यह किस्म आपकी खेती को नई ताकत देगी।

ये भी पढ़ें- कुफ़री गंगा आलू: सिर्फ 75 दिन में दे रही 300 क्विंटल तक उपज, किसानों की कमाई हुई दोगुनी

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *