उत्तर प्रदेश की एक साधारण ग्रामीण महिला, जिन्हें अब पूरे देश में ‘सोलर दीदी’ के नाम से जाना जाता है, ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति भवन ने उन्हें गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। ये न्योता उनकी उस मेहनत का सम्मान है जिसने सौर ऊर्जा के जरिए न सिर्फ अपने गाँव बल्कि आसपास के कई गाँवों की महिलाओं को सशक्त बनाया। सोलर दीदी ने सोलर पंप, सोलर लाइट और छोटे सोलर उपकरणों से हजारों परिवारों की जिंदगी रोशन की है और आज वो महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
सोलर दीदी की असली नाम है सुनीता देवी, जो उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से हैं। कुछ साल पहले तक उनके गाँव में बिजली की समस्या इतनी थी कि शाम होते ही अंधेरा छा जाता था। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते थे और महिलाओं को घरेलू कामों में बहुत परेशानी होती थी। सुनीता दीदी ने सोचा कि ये समस्या सिर्फ बिजली की नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक भी है।
उन्होंने सौर ऊर्जा को अपना हथियार बनाया। शुरू में उन्होंने खुद के घर में सोलर पैनल लगवाए और छोटे-छोटे सोलर लैंप इस्तेमाल करने लगीं। धीरे-धीरे उन्होंने गाँव की महिलाओं को भी सोलर उत्पादों के बारे में बताया और उन्हें सिखाया कि कैसे ये सस्ते और आसान उपकरण उनकी जिंदगी बदल सकते हैं।
सोलर दीदी ने कैसे बदली महिलाओं की जिंदगी
सुनीता दीदी ने गाँव की महिलाओं को संगठित किया और स्वयं सहायता समूह बनाया। उन्होंने सोलर लाइट, सोलर पंप और छोटे सोलर चार्जर बनाने और बेचने की ट्रेनिंग दी। आज उनके ग्रुप की महिलाएं खुद सोलर उत्पाद बेचती हैं और गाँव-गाँव जाकर अन्य महिलाओं को सिखाती हैं। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई बल्कि घरों में बिजली की समस्या भी खत्म हो गई। कई महिलाओं ने बताया कि सोलर लाइट से बच्चे रात में पढ़ाई कर पाते हैं और घर का काम भी आसान हो गया है।
सोलर दीदी की मेहनत से आज उनके गाँव में 80 प्रतिशत से ज्यादा घर सोलर ऊर्जा से रोशन हैं। उन्होंने सोलर पंप से सिंचाई का काम आसान किया, जिससे फसल की पैदावार बढ़ी और पानी की बचत हुई। उनकी इस पहल से पर्यावरण भी सुरक्षित हुआ क्योंकि डीजल पंपों का इस्तेमाल कम हुआ और प्रदूषण घटा। सरकार ने उनकी इस कोशिश को देखते हुए कई पुरस्कार दिए, और अब राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस का न्योता मिलना उनकी सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
राष्ट्रपति भवन के न्योते का क्या मतलब
राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस पर आमंत्रण उन लोगों को मिलता है जो समाज में असाधारण काम करते हैं। सोलर दीदी को ये सम्मान इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने सौर ऊर्जा को ग्रामीण स्तर पर पहुंचाया और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। ये न्योता न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता है बल्कि पूरे ग्रामीण भारत की महिलाओं की ताकत का प्रतीक है।
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