गेंदा की खेती: सिर्फ 40–60 दिन में तैयार, सितंबर के आखिरी हफ्ते तक कर दें गेंदा फूल की बीजाई

किसानों के लिए गेंदा की खेती एक नया और मुनाफे का रास्ता बन रही है। यह फसल न सिर्फ कम पानी में तैयार हो जाती है, बल्कि त्योहारों और शादियों के मौसम में अच्छी कमाई भी देती है। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, झज्जर, चरखी दादरी, और भिवानी जैसे जिलों में किसान इसे सहायक खेती के रूप में अपना रहे हैं। सितंबर के आखिरी हफ्ते तक इसकी बुवाई की जा सकती है, और अक्टूबर से मार्च तक इसकी मांग बढ़ने से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है। आइए जानते हैं कि गेंदा की खेती कैसे की जाए और यह किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है।

गेंदा की खेती के लिए अनुकूल मिट्टी और मौसम

दक्षिणी हरियाणा की मिट्टी गेंदा की खेती के लिए बहुत अच्छी है। यहां की मिट्टी का पीएच मान 7 से 7.5 के बीच है, जो इस फसल के लिए एकदम सही है। इसके अलावा, यह फसल कम पानी में भी अच्छी तरह उगती है, जो हरियाणा जैसे इलाकों में बड़ी बात है, जहां भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। सितंबर के अंत तक बुवाई करके किसान नवंबर तक फूलों की उपज ले सकते हैं। यह समय गणेश चतुर्थी, दशहरा, और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के साथ शुरू होता है, जब गेंदे के फूलों की मांग आसमान छूती है। गुरुग्राम और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के नजदीक होने से किसानों को स्थानीय बाजार भी आसानी से मिल जाता है।

ये भी पढ़ें- गुलाब-गेंदा के फूल की जगह करें इस फूल की खेती, 4 महीने में होगा तगड़ा मुनाफा

गेंदा की खेती से मोटी कमाई

गेंदा की खेती का सबसे बड़ा फायदा है इसका मुनाफा। एक एकड़ में औसतन 80 क्विंटल फूलों का उत्पादन होता है। सामान्य दिनों में गेंदे के फूल 100 रुपये प्रति किलो बिकते हैं, लेकिन त्योहारों के समय यह कीमत 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। अगर किसान अक्टूबर से दिसंबर तक 60 दिनों में फूलों की उपज लेते हैं, तो प्रति एकड़ 8 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है।

अगर बुवाई नवंबर तक की जाए, तो मार्च तक भी फूलों की फसल ली जा सकती है। यह फसल न सिर्फ जल्दी तैयार होती है, बल्कि सरसों और गेहूं जैसी फसलों के साथ भी आसानी से उगाई जा सकती है। इससे किसानों को दोहरी कमाई का मौका मिलता है।

गेंदा की बुवाई और देखभाल का आसान तरीका

गेंदा की खेती शुरू करने के लिए खेत को अच्छे से तैयार करना जरूरी है। किसान एक एकड़ में 16 टन गोबर की खाद, 240 किलो यूरिया, 500 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट, और 60 किलो पोटाश डालकर खेत की जुताई करें। जुलाई से सितंबर तक 240 ग्राम बीज से नर्सरी में पौध तैयार करें।

जब पौधे 8 से 10 सेंटीमीटर ऊंचे हो जाएं और उनमें 6 से 8 पत्तियां आ जाएं, तो खेत में 30×40 सेंटीमीटर की दूरी पर क्यारियां बनाकर इन्हें लगाएं। पौधे लगाने के बाद तुरंत सिंचाई करें। गर्म मौसम में हर हफ्ते और ठंड में 15 दिन के अंतर पर 4 से 5 बार पानी देना काफी है। 25 से 30 दिन बाद पौधों की बढ़वार रोकने के लिए ऊपरी हिस्से को छिड़क दें, इससे फूल ज्यादा आएंगे।

ये भी पढ़ें- INCA Orange गेंदे से खिल उठेगा आपका बगीचा, सजावट भी और सुंदरता भी, त्योहारों में लाए रंगों की बहार

गेंदा की किस्में और उनकी खासियत

गेंदा की कई किस्में हैं, जो दक्षिणी हरियाणा में अच्छा प्रदर्शन करती हैं। हिसार ब्यूटी किस्म 40 से 45 दिन में तैयार हो जाती है और प्रति एकड़ 100 क्विंटल तक फूल दे सकती है। वहीं, हिसार जाफरी 60 से 64 दिन में तैयार होती है और 70 से 80 क्विंटल की पैदावार देती है। ये दोनों किस्में किसानों के लिए फायदेमंद हैं, क्योंकि इनका उत्पादन ज्यादा होता है और बाजार में मांग भी अच्छी रहती है। बागवानी विशेषज्ञ राधेश्याम खैरवा का कहना है कि महेंद्रगढ़ में गेंदा की खेती का रकबा अब 300 एकड़ तक पहुंच गया है, और रेवाड़ी, गुरुग्राम, और झज्जर में भी यह बड़े पैमाने पर हो रही है।

किसानों के लिए सुनहरा मौका

गेंदा की खेती दक्षिणी हरियाणा के किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है। यह फसल कम समय और कम पानी में तैयार होती है, जिससे भूजल की बचत होती है। साथ ही, त्योहारों और शादियों के समय इसकी मांग बढ़ने से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है। यह खेती सरसों और गेहूं के साथ भी आसानी से की जा सकती है, जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। अगर आप इस क्षेत्र के किसान हैं, तो अपने नजदीकी कृषि केंद्र से संपर्क करें और गेंदा की खेती शुरू करके इस मौके का फायदा उठाएं।

ये भी पढ़ें- गेंदे की खेती पर किसानों को मिल रही 50 फीसदी तक की सब्सिडी, यहां से करें अप्लाई

Author

  • Rahul

    मेरा नाम राहुल है। मैं उत्तर प्रदेश से हूं और संभावना इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में शिक्षा प्राप्त की है। मैं krishitak.com पर लेखक हूं, जहां मैं खेती-किसानी, कृषि योजनाओं पर केंद्रित आर्टिकल लिखता हूं। अपनी रुचि और विशेषज्ञता के साथ, मैं पाठकों को लेटेस्ट और उपयोगी जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता हूं।

    View all posts

Leave a Comment