प्यारे किसान भाइयों, सूरीनाम चेरी की खेती एक अनोखा मौका है, जो कम मेहनत में मोटी कमाई दे सकती है, ये छोटे, रसीले, खट्टे-मीठे फल सलाद, जूस, जैम, आइसक्रीम में खूब चलते हैं, और बाजार में 200-400 रुपये प्रति किलो बिकते हैं, ये पौधा 2-3 साल में फल देना शुरू करता है, और एक पेड़ से 10-20 किलो फल मिल सकते हैं, भारत के गर्म, आर्द्र इलाकों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गोवा में ये खूब उगता है, ऑर्गेनिक खेती के शौकीनों के लिए ये बेस्ट है, क्योंकि रासायनिक खाद की जरूरत कम पड़ती है, छोटे खेतों, बगीचों में शुरू करें, और इस फल से अपनी जेब भरें।
मिट्टी और जलवायु
सूरीनाम चेरी की खेती के लिए सही मिट्टी, जलवायु जरूरी है, ये दोमट, रेतीली या लैटेराइट मिट्टी में अच्छे से उगता है, जिसमें जल निकासी अच्छी हो, मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए, थोड़ी अम्लीय मिट्टी इसके लिए बेस्ट है, ये उष्णकटिबंधीय, उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपता है, और 20-35 डिग्री तापमान सहन कर लेता है, ज्यादा ठंड (10 डिग्री से कम) या पाला इसे नुकसान पहुँचाता है, अप्रैल-मई या मॉनसून की शुरुआत (जून-जुलाई) में रोपाई करें, खेत की गहरी जुताई करें, 5-6 टन गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर डालें, सही मिट्टी, मौसम से पौधे तेजी से बढ़ते हैं, और फल स्वादिष्ट, रसीले होते हैं।
बीज और रोपण, सही शुरुआत
सूरीनाम चेरी की खेती बीज या पौधों से शुरू कर सकते हैं, ताजे फलों से बीज निकालें, और 24 घंटे पानी में भिगोएँ, बीज को नर्सरी में 1-2 सेमी गहराई पर बोएँ, या कृषि केंद्र, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (जैसे Amazon.in, Agrostar) से स्वस्थ पौधे खरीदें, एक हेक्टेयर में 800-1000 पौधे 2.5×2.5 मीटर की दूरी पर लगाएँ, अप्रैल-मई में नर्सरी शुरू करें, और मॉनसून में रोपाई करें, गड्ढे 45x45x45 सेमी के खोदें, प्रत्येक में 2 किलो गोबर की खाद, 100 ग्राम नीम की खली डालें, बीज को बवेरिया बैसिलस (10 ग्राम प्रति किलो) से उपचारित करें, सही रोपण से पौधे जल्दी जड़ पकड़ते हैं, और उत्पादन बढ़ता है।
देखभाल और सिंचाई, फल का खजाना
सूरीनाम चेरी की देखभाल आसान है, रोपाई के बाद तुरंत हल्की सिंचाई करें, फिर हर 7-10 दिन में पानी दें, ड्रिप सिंचाई से 20-30% पानी बचता है, पहले साल हर 2 महीने में 5 किलो गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट प्रति पौधा डालें, दूसरे साल से जीवामृत (500 मिलीलीटर प्रति पौधा) छिड़कें, कीट जैसे फल मक्खी, एफिड्स से बचाने के लिए नीम का तेल (5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) इस्तेमाल करें, खरपतवार हटाने के लिए 20-25 दिन बाद गुड़ाई करें, फूल आने पर हल्की छँटाई करें, ताकि शाखाएँ फैलें, सही देखभाल से पौधा 2-3 साल में फल देना शुरू करता है, और फल बड़े, रंगदार होते हैं।
कटाई और पैदावार, मेहनत का फल
सूरीनाम चेरी की कटाई तब करें, जब फल हरे से लाल, बैंगनी या काले रंग में बदल जाएँ, ये 60-75 दिन में पक जाते हैं, सुबह के समय फल तोड़ें, ताकि ताजगी बनी रहे, एक पौधे से 10-20 किलो फल मिलते हैं, और एक हेक्टेयर से 8-12 टन पैदावार संभव है, कटाई के बाद फलों को छाया में बंडल करें, और 2-3 दिन में बाजार भेजें, क्योंकि ये जल्दी खराब हो सकते हैं, साल में 2-3 बार फल देता है, खासकर मॉनसून और गर्मियों में, सही कटाई से फल की क्वालिटी बनी रहती है, और बाजार में 200-400 रुपये प्रति किलो तक दाम मिलता है, ये मेहनत को कई गुना फायदा देता है।
मुनाफा और बाजार का हिसाब
सूरीनाम चेरी से मोटी कमाई का रास्ता खुलता है, एक हेक्टेयर में शुरुआती लागत 50-60 हजार रुपये लगती है, और तीसरे साल से 8-12 टन फल मिलते हैं, 200-400 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 16-48 लाख रुपये की कमाई हो सकती है, लागत निकालकर 15-45 लाख मुनाफा बचता है, इसे लोकल मार्केट, सुपरमार्केट, होटल, या ऑनलाइन बेचें, जूस, जैम, ड्रिंक कंपनियाँ बड़े खरीदार हैं, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से दाम 20-30% बढ़ते हैं, सरकार की बागवानी सब्सिडी, प्रशिक्षण का फायदा उठाएँ, छोटे स्तर से शुरू करें, 50-100 पौधों से प्रयोग करें, ये खेती लंबे समय तक फायदा देती है, और मेहनत को सोने में बदलती है।
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