जानें जुमैका मौसम्मी की खेती का तरीका, मात्र 200 दिन में फल तैयार

Sweet lime cultivation : किसान साथियों , अगर आप कम वक्त में अच्छी फसल और मुनाफा चाहते हैं, तो जुमैका मौसम्मी की खेती आपके लिए एकदम सही है। ये मौसम्मी की खास किस्म है, जो सिर्फ 200 दिन में फल देने के लिए तैयार हो जाती है। गाँव में इसे उगाना आसान है, और इसका रसीला, मीठा स्वाद बाजार में सबको पसंद आता है। कम मेहनत में जल्दी फायदा देने वाली ये फसल आपके खेत की शान बढ़ा सकती है। इस लेख में आईये जानते हैं इसकी खेती कैसे करें।

खेत को तैयार करने का आसान ढंग

जुमैका मौसम्मी की खेती(Sweet lime cultivation) शुरू करने के लिए खेत को पहले सही करना पड़ता है। दोमट या बलुई मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी है, जहाँ पानी ज्यादा न रुके। खेत की जुताई कर लें और गोबर की सड़ी खाद डाल दें, करीब 10-15 गट्ठर प्रति बीघा। फरवरी-मार्च या जुलाई का महीना इसके लिए बढ़िया है, क्यूँकि मौसम पौधे को जल्दी बढ़ने में मदद करता है। अगर मिट्टी सूखी लगे, तो हल्का पानी छिड़क दें। गाँव में हम जानते हैं कि अच्छी शुरुआत से फसल जल्दी फल देती है, तो थोड़ा ध्यान रखें कि मिट्टी भुरभुरी हो।

पौधे लगाने का तरीका

इसके लिए नर्सरी से तैयार पौधे लें, जो 6-12 महीने पुराने और तंदुरुस्त हों। खेत में 4×4 मीटर की दूरी पर गड्ढे खोदें, हर गड्ढा डेढ़-दो फीट गहरा हो। गड्ढे में गोबर की खाद और मिट्टी मिलाकर भरें, फिर पौधा बीच में रखकर मिट्टी से ढक दें। रोपाई के बाद हल्का पानी डालें, ताकि जड़ें जम जाएँ। गाँव में बड़े लोग कहते हैं कि पौधे को शुरू में थोड़ा प्यार दो, तो वो जल्दी जवाब देता है। एक बीघे में 60-70 पौधे लग सकते हैं।

देखभाल कैसे करें

जुमैका मौसम्मी, थोड़ी देखभाल से ये जल्दी फल देती है। शुरू के दो महीने हफ्ते में दो बार पानी दें, फिर मौसम के हिसाब से कम करें। बरसात में पानी की जरूरत कम होती है। हर महीने थोड़ा गोबर का घोल डालें, इससे पौधा ताकतवर बनेगा। गर्मी में पेड़ के नीचे सूखी घास डाल दें, ये नमी को बचाएगा। कीड़े-मकोड़े से बचाने के लिए नीम का पानी छिड़कें, पौधे को 4-5 फीट तक बढ़ने दें, ज्यादा छँटाई की जरूरत नहीं।

200 दिन में फल तोड़ने की तैयारी

ये मौसम्मी की खासियत है कि रोपाई के 200 दिन बाद फल तैयार हो जाते हैं। सितंबर-अक्टूबर में अगर पौधे लगाए, तो मार्च-अप्रैल तक फल पकने लगते हैं। जब फल हरे से हल्के पीले हो जाएँ और हल्का दबाने पर नरम लगें, तो तोड़ लें। एक पौधे से 20-30 किलो फल मिल सकता है। बाजार में 30-50 रुपये किलो भाव मिलता है। एक बीघे से 12-15 क्विंटल फल निकल सकता है, यानी 40-50 हज़ार रुपये की कमाई। गाँव में कुछ लोग इसके बीज सुखाकर बेचते हैं, जो छोटी कमाई का जरिया बन सकता है।

गाँव के लिए खास फायदा

जुमैका मौसम्मी की खेती का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये कम वक्त में फल देती है। गाँव में जहाँ पानी कम हो, वहाँ भी इसे उगा सकते हैं। इसके पौधे छोटे होते हैं, तो खेत के किनारे या घर के पास भी लगाए जा सकते हैं। फल के साथ-साथ इसकी पत्तियाँ सेहत के लिए अच्छी हैं, जिनसे गाँव की बहनें चाय बनाती हैं। ये खेती मेहनत कम माँगती है और जल्दी फायदा देती है।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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