Paddy Procurement: यूपी में धान खरीदी ने लगाई रफ्तार, 51 हजार से ज्यादा किसानों के खाते में पहुंचे पैसे

Paddy Procurement: खरीफ की फसल कटाई के बाद उत्तर प्रदेश के किसान भाई अब राहत की सांस ले रहे हैं, क्योंकि धान खरीदी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। खाद्य एवं रसद विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 नवंबर तक 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीद लिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों पर भुगतान की गति भी कमाल की है किसान को धान बेचने के 48 घंटे के अंदर ही आधार लिंक्ड बैंक खाते में पैसे पहुंच जाते हैं। यह व्यवस्था बिचौलियों को जड़ से उखाड़ने के लिए ई-पॉप डिवाइस से बायोमेट्रिक वैरिफिकेशन पर आधारित है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। प्रदेश में कुल 3,82,997 किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, और 4,139 खरीद केंद्रों पर काम जोरों पर है।

पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से तेज रफ्तार

धान खरीदी का शुभारंभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर से हुआ, जहां मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ संभाग के लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर जैसे जिलों में किसानों ने अच्छा रिस्पॉन्स दिया। पूर्वी हिस्से में 1 नवंबर से शुरूआत के बावजूद अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मिर्जापुर, बस्ती, वाराणसी और लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ में भी खरीदी पटरी पर है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन वाले सभी किसानों को समय पर मौका मिलेगा, और केंद्रों पर स्टाफ की कमी नहीं होने दी जाएगी।

 ग्रेड-ए धान को 20 रुपये एक्स्ट्रा

खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही है, जहां सामान्य धान पर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान पर 2,389 रुपये मिल रहे हैं। केंद्र सरकार की सिफारिशों के मुताबिक यह दर तय की गई है, ताकि किसान भाई को उनकी मेहनत का पूरा हक मिले। ई-पॉप सिस्टम से वजन और क्वालिटी की जांच तुरंत होती है, जिससे कोई विवाद नहीं होता। अब तक के आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर किसानों ने ग्रेड-ए धान बेचा है, जो अतिरिक्त 20 रुपये का फायदा दे रहा है। विभाग ने लक्ष्य से आगे की प्रगति का दावा किया है, लेकिन किसानों से अपील की है कि रजिस्ट्रेशन कराकर जल्द केंद्र पहुंचें।

48 घंटे में पेमेंट की गारंटी

अगर कोई दिक्कत आए, जैसे पेमेंट में देरी या केंद्र पर भीड़, तो टोल-फ्री नंबर 1800-180-0150 पर कॉल करें। विभाग ने हेल्पलाइन को सक्रिय रखा है, जहां 24×7 जानकारी और शिकायत निवारण की सुविधा है। योगी सरकार का फोकस किसान हित पर है, इसलिए बायोमेट्रिक से लेकर डीबीटी तक सब डिजिटल हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पारदर्शिता से खरीदी सुचारू रहेगी और अगले सीजन में रकबा भी बढ़ेगा।

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