उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें आपके शहर में 22 अगस्‍त 2025 को कैसा रहेगा मौसम

किसान भाइयों और स्थानीय लोगों, मॉनसून उत्तर प्रदेश में फिर से अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त 2025 तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। 22 अगस्त को वाराणसी, गोंडा, झांसी, और प्रयागराज जैसे 38 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। 24 और 25 अगस्त को बारिश और तेज होगी, जिससे जलभराव और बिजली गिरने का खतरा बढ़ेगा। लखनऊ में गुरुवार को हल्की बारिश ने मौसम को नम कर दिया, और आज सुबह से बादल छाए हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की नम हवाएँ इस बारिश को और भारी बनाएँगी। आइए, इस मॉनसून से निपटने के लिए जरूरी सलाह और उपाय जानें।

तेज बारिश का अलर्ट, 38 जिले प्रभावित

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 22 अगस्त को वाराणसी, बलिया, गोरखपुर, बरेली, और सोनभद्र समेत 38 जिलों में तेज बारिश होगी। बांदा, चित्रकूट, आजमगढ़, और अयोध्या जैसे इलाकों में भी भारी बौछारें पड़ सकती हैं। लखनऊ के अमौसी मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ 7-12 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। नदियों के किनारे बसे इलाकों में जलभराव का खतरा है। किसान भाइयों को खेतों की सुरक्षा और स्थानीय लोगों को घरों की तैयारी करनी होगी।

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बिजली और तेज हवाओं की आशंका

इस मॉनसून के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का जोखिम भी है। सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बहराइच, और लखीमपुर खीरी में बादल गरजने और बिजली चमकने की संभावना है। जौनपुर, सुल्तानपुर, और मुरादाबाद जैसे जिलों में भी तेज हवाएँ चल सकती हैं, जो पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून की द्रोणी सामान्य स्थिति में लौट रही है, और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएँ बारिश को बढ़ावा देंगी। 26 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता में कमी की उम्मीद है, लेकिन तब तक सतर्कता जरूरी है।

खेतों की मेहनत को बचाएँ

खरीफ फसलों जैसे धान, मक्का, और गन्ना पर इस बारिश का बड़ा असर पड़ सकता है। गोंडा और प्रयागराज में पहले से जलभराव की खबरें हैं। किसान भाइयों को खेतों में पानी निकासी के लिए नालियाँ बनानी चाहिए। धान की फसल में नीम का तेल (5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) या गोमूत्र (10 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें, ताकि फफूंद और कीटों से बचाव हो। गन्ने के पौधों को मिट्टी चढ़ाएँ, ताकि वे तेज हवाओं में न गिरें। अगर फसल को नुकसान हो, तो PMFBY (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) के तहत 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करें।

लखनऊ, आगरा, और वाराणसी जैसे शहरों में जलभराव और सड़क जाम की समस्या हो सकती है। गुरुवार को लखनऊ में हल्की बारिश से कुछ गलियों में पानी जमा हुआ। स्थानीय लोगों को सलाह है कि बारिश के दौरान जरूरी यात्रा ही करें। रेनकोट या छतरी साथ रखें और बिजली गिरने से बचने के लिए पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें। घरों में बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें। बच्चों को गड्ढों और नालियों से दूर रखें। अगर जलभराव या बिजली की समस्या हो, तो जिला प्रशासन या टोल-फ्री नंबर 112 पर तुरंत संपर्क करें।

इस मॉनसून को हराने के लिए सतर्कता और तैयारी जरूरी है। किसान भाई अपने खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करें और फसलों को कीटों से बचाएँ। PMFBY में रजिस्ट्रेशन करवाएँ और e-NAM पर फसल की बिक्री के लिए रजिस्टर करें। स्थानीय लोग घरों में पानी रिसाव की जाँच करें और जरूरी सामान ऊँची जगह रखें।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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