गेहूं कटाई के तुरंत बाद करें, इन सब्जियों की बुआई मात्र 60 दिनों में होगा, जबरदस्त मुनाफा

किसान भाइयों, अप्रैल-मई में गेहूं की कटाई खत्म होने के बाद खेत खाली रह जाते हैं, लेकिन इसे यूँ ही न छोड़ें, जायद सीजन की सब्जियाँ लगाकर कमाई का सुनहरा मौका पकड़ें, ये सब्जियाँ 60-70 दिन में तैयार हो जाती हैं, कम पानी, कम मेहनत में उगती हैं, और बाजार में अच्छा दाम लाती हैं, गर्मियों में इनकी डिमांड बढ़ती है, जिससे आपकी जेब भरने का रास्ता खुलता है, ये तरीका न सिर्फ आसान है, बल्कि खेत को हरा-भरा रखते हुए सालभर मुनाफा देता है, ये फसलें मिट्टी की सेहत भी सुधारती हैं, और अगली फसल के लिए जमीन तैयार करती हैं, तो तैयार हो जाइए, गेहूं के बाद सब्जियों से कमाई शुरू करें।

खेत की तैयारी – सफलता की नींव

गेहूं कटाई के बाद खेत में हल्की जुताई करें, मिट्टी को भुरभुरा बनाएँ, ताकि जड़ें आसानी से फैल सकें, प्रति एकड़ 4-5 टन गोबर की खाद डालें, 10-15 किलो यूरिया, 20 किलो सुपर फॉस्फेट मिलाएँ, दोमट, रेतीली मिट्टी इन सब्जियों के लिए बेस्ट है, पानी की निकासी का पूरा इंतजाम करें, अगर मिट्टी सूखी हो, तो हल्की सिंचाई करें, फिर बुआई शुरू करें, अप्रैल से जून तक का गर्म, शुष्क मौसम इनके लिए सही है, सही तैयारी से फसल तेजी से बढ़ती है, पैदावार शानदार होती है, और मेहनत का पूरा फल मिलता है, खेत तैयार हो जाए, तो सब्जियों का चयन शुरू करें।

मूंग और टमाटर, दोहरा फायदा

मूंग की फसल 60-65 दिन में तैयार हो जाती है, अप्रैल-मई में बो सकते हैं, ये कम पानी में उगती है, मिट्टी को नाइट्रोजन देती है, जो अगली फसल के लिए फायदेमंद है, प्रति एकड़ 5-6 किलो बीज चाहिए, 1-1.5 क्विंटल दाल मिलती है, 70-100 रुपये किलो बिकती है, टमाटर की नर्सरी अप्रैल में तैयार करें, मई में रोपाई करें, 60-70 दिन में फल देना शुरू करता है, एक एकड़ से 10-15 क्विंटल तक मिलता है, 20-40 रुपये किलो बिकता है, दोनों गर्मियों में सलाद, सब्जी के लिए डिमांड में रहते हैं, इनसे चारा भी मिलता है, जो पशुओं के लिए बेस्ट है।

बैंगन और भिंडी, हर मौसम की जोड़ी

बैंगन की नर्सरी मई में तैयार करें, जून में रोपाई करें, 60-70 दिन में फल शुरू होते हैं, एक एकड़ से 80-100 क्विंटल तक पैदावार हो सकती है, 20-30 रुपये किलो बिकता है, भिंडी की बुआई मई-जून में करें, 50-60 दिन में फल देती है, प्रति एकड़ 40-50 क्विंटल तक मिलता है, 30-50 रुपये किलो बिकती है, दोनों कम पानी, गर्मी सहन करते हैं, और बाजार में सालभर चलते हैं, इनकी देखभाल आसान है, हर घर की जरूरत हैं, जिससे मुनाफा पक्का रहता है, ये सब्जियाँ छोटे किसानों के लिए भी वरदान हैं, और मेहनत को दोगुना फायदा देती हैं।

तरबूज, गर्मी का मीठा खजाना

तरबूज की बुआई अप्रैल-मई में करें, 65-75 दिन में तैयार हो जाता है, प्रति एकड़ 50-70 क्विंटल फल मिलता है, 10-20 रुपये किलो बिकता है, गर्मियों में इसकी डिमांड आसमान छूती है, कम लागत में बंपर कमाई का मौका देता है, हल्की सिंचाई करें, खरपतवार हटाने के लिए 20-25 दिन बाद गुड़ाई करें, ये फसल न सिर्फ ताजगी देती है, बल्कि जेब को भी ठंडक पहुँचाती है, सही समय पर बोएँ, तो बाजार में अच्छा दाम मिलेगा, बीज 2-3 किलो प्रति एकड़ लें, और मेहनत का पूरा फल हाथ में आएगा।

देखभाल और कमाई

इन सब्जियों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं, शुरू में मिट्टी नम रखें, हर 7-10 दिन में हल्की सिंचाई करें, 20-25 दिन बाद गुड़ाई करें, खरपतवार हटाएँ, कीट जैसे फल मक्खी, चेपा दिखें, तो नीम का तेल (5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) छिड़कें, फूल आने पर 10-15 किलो यूरिया डालें, सुबह-शाम पानी दें, सब्जियाँ 60-70 दिन में तैयार होंगी, मूंग से 1-1.5 लाख, टमाटर से 2-3 लाख, बैंगन से 2-2.5 लाख, तरबूज से 1-1.5 लाख, भिंडी से 1.5-2 लाख तक कमाई हो सकती है, लागत 15-20 हजार निकालकर बंपर मुनाफा बचता है, लोकल मार्केट, ऑनलाइन बिक्री से दाम बढ़ाएँ, और खेत से सोना उगाएँ।

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  • Dharmendra

    मै धर्मेन्द्र एक कृषि विशेषज्ञ हूं जिसे खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी साझा करना और नई-नई तकनीकों को समझना बेहद पसंद है। कृषि से संबंधित लेख पढ़ना और लिखना मेरा जुनून है। मेरा उद्देश्य है कि किसानों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचे ताकि वे अधिक उत्पादन कर सकें और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बना सकें।

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