Pusa Advisory : खेती में मेहनत तो आप दिन-रात करते हो, लेकिन कभी मौसम की मार, कभी कीड़ों का हमला, तो कभी भंडारण की गलती आपकी फसल को चौपट कर देती है। लेकिन अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं! पूसा के वैज्ञानिकों ने एक खास कृषि एडवाइजरी जारी की है, जो आपकी फसलों को हर मुसीबत से बचाएगी और जेब को नुकसान से दूर रखेगी। चाहे गेहूं की कटाई हो, मूंग की बुवाई हो, या सब्जियों की देखभाल – ये सलाह आपके खेत का रक्षक बनकर आएगी। तो आइए, इसे विस्तार से समझते हैं और अपनी खेती को चमकाते हैं।
खेती में छोटी-छोटी सावधानियाँ बड़ा फर्क लाती हैं। पूसा की ये एडवाइजरी आपके लिए ऐसा ही देसी नुस्खा है, जो फसल को सुरक्षित रखने के साथ-साथ मुनाफा भी बढ़ाएगी। मौसम बदल रहा है, तापमान बढ़ रहा है, ऐसे में सही वक्त पर सही कदम उठाना जरूरी है। चलो, एक-एक सलाह पर नजर डालते हैं, ताकि आपकी मेहनत का पूरा फल मिले।
भंडारण से पहले की तैयारी
किसान भाइयों, फसल काटने के बाद उसे सही रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अनाज को भंडारण से पहले अच्छे से तैयार कर लो। सबसे पहले गोदाम को झाड़ू-पोंछा करके चमका दो। छत या दीवार में दरारें हों, तो मिट्टी या सीमेंट से भर दो, वरना कीड़े अंदर घुस आएँगे। अनाज में नमी 12% से ज्यादा न हो, इसलिए इसे धूप में अच्छे से सुखाओ। बोरियों को 5% नीम के तेल के घोल से ट्रीट करो और फिर धूप में सुखा लो। इससे कीड़ों के अंडे-लार्वा सब मर जाएँगे। कटी फसल को सुरक्षित जगह पर ढककर रखो, ताकि हवा या बारिश नुकसान न करे। ये छोटे कदम आपकी फसल को सालों तक बचाएँगे।
गेहूं की कटाई का सही वक्त
भाइयों, मौसम बदल रहा है, और पकी हुई गेहूं की फसल अब कटाई के लिए तैयार है। पूसा की सलाह है कि इसे जल्दी से काट लो। कटाई के बाद फसल को बाँधकर ढक दो, वरना तेज हवा या तूफान इसे उड़ाकर दूसरे खेत में ले जा सकता है। मड़ाई के बाद अनाज को भंडारण से पहले अच्छे से सुखाओ, ताकि नमी की वजह से सड़न न शुरू हो। गेहूं की बोरियाँ तैयार करो, और गोदाम में साफ-सुथरे ढंग से रखो। ये सावधानी आपकी मेहनत को बेकार नहीं जाने देगी।
खड़ी फसल और सब्जियों की सिंचाई
इस हफ्ते तापमान बढ़ने वाला है, तो खड़ी फसलों और सब्जियों का ध्यान रखना जरूरी है। पूसा कहता है कि जरूरत के हिसाब से हल्की सिंचाई करो। सुबह या शाम का वक्त चुनो, जब हवा धीमी हो, ताकि पानी बर्बाद न हो और पौधों को पूरा फायदा मिले। गर्मी में पौधे प्यासे न रहें, वरना फूल-फल कम होंगे। थोड़ी सी मेहनत से फसल लहलहाती रहेगी।
पछेती गेहूं में खाद का छिड़काव
अगर आपके खेत में पछेती गेहूं की फसल अभी खड़ी है, तो तापमान बढ़ने से उसे बचाना जरूरी है। पूसा की सलाह है कि 2% पोटेशियम नाइट्रेट या 0.2% म्यूरेट ऑफ पोटाश का घोल बनाओ और फसल पर छिड़क दो। ये खाद गर्मी के असर को कम करेगी, और पौधे तंदुरुस्त रहेंगे। ये देसी नुस्खा आपकी फसल को झुलसने से बचाएगा, और बालियाँ भरी रहेंगी।
मिर्च-बैंगन की फसल का ध्यान
गर्मी टमाटर, मिर्च और बैंगन की फसलों के लिए मुसीबत बन सकती है। फल छोटे रह जाएँ या झड़ जाएँ, ऐसा न हो, इसके लिए पूसा कहता है कि 2% नेफ्थलीन एसिटिक एसिड (NAA) का घोल बनाकर छिड़काव करो। ये घोल फलों को बढ़ने में मदद करेगा, और फसल की पैदावार बनी रहेगी। गर्मी में ये छोटा सा उपाय बड़ा कमाल करेगा। अपने नजदीकी कृषि केंद्र से सलाह लो, और फसल को हरा-भरा रखो।
मूंग की उन्नत किस्में और बुवाई
मूंग की बुवाई का वक्त आ गया है, भाइयों। पूसा की सलाह है कि उन्नत किस्में जैसे पूसा विशाल, पूसा रत्न, पूसा-5931, पूसा बैसाखी, पीडीएम-11, एसएमएल-32, एसएमएल-668, या सम्राट का इस्तेमाल करो। बुवाई से पहले बीज को राइजोबियम और फॉस्फोरस घुलनशील जीवाणुओं से ट्रीट करो। खेत में नमी ठीक रखो, ताकि बीज अच्छे से अंकुरित हो। ये किस्में तेजी से बढ़ती हैं, और पैदावार भी जोरदार देती हैं। सही बीज और सही तरीका आपकी जेब भरेगा।
नुकसान से बचाव
किसान भाइयों, पूसा की ये सलाह आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं। भंडारण का सही तरीका, गेहूं की कटाई का वक्त, सिंचाई की तरकीब, खाद का छिड़काव, और मूंग की बुवाई – हर सलाह फसल को बचाने और नुकसान को भगाने के लिए है। गर्मी बढ़ रही है, मौसम बदल रहा है, लेकिन इन उपायों से आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। अपने नजदीकी कृषि केंद्र से संपर्क करो, और इन नुस्खों को आजमाओ। फसल लहलहाएगी, और जेब में मुनाफा आएगा। पूसा आपके साथ है, तो डरने की क्या बात?
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