इस बार रबी में गेहूं का रकबा पिछले साल से ज्यादा है, लेकिन ठंड की शुरुआत के साथ ही खरपतवारों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार बुवाई के 20-25 दिन के अंदर खरपतवारों को नहीं रोका गया तो पैदावार सीधे 20 से 25 प्रतिशत तक गिर सकती है। निदेशक डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी ने ताजा एडवाइजरी में साफ कहा है कि अभी भी मौका है, एक सही छिड़काव से पूरी फसल बचा ली जा सकती है।
अच्छी बात ये है कि सरकार खरपतवारनाशी दवाओं पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। राजकीय बीज भंडारों पर दवा उपलब्ध है, आज ही निकलें और ले आएँ, क्योंकि दिसंबर की ठंड गेहूं के लिए वरदान है, बस खरपतवार न दबा दें।
बुवाई के 0-3 दिन में प्री-इमर्जेंस छिड़काव
सबसे आसान और सबसे असरदार तरीका यही है कि बुवाई के तुरंत बाद यानी 0 से 3 दिन के अंदर पेंडिमिथिलीन 30% EC का 3.3 लीटर प्रति हेक्टेयर छिड़काव कर दें। फ्लैट फैन नोजल वाली स्प्रेयर से आगे चलते हुए छिड़कें ताकि पीछे की परत न टूटे। छिड़काव के बाद हल्की सिंचाई कर दें, दवा मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाएगी। इससे चौड़ी पत्ती और सकरी पत्ती दोनों तरह के खरपतवार 30-40 दिन तक नहीं उगते। ये एक छिड़काव ही काफी है, आगे पोस्ट-इमर्जेंस की जरूरत कम पड़ती है।
बुवाई को 20-25 दिन हो गए तो पोस्ट-इमर्जेंस छिड़काव तुरंत करें
अगर बुवाई को 20-25 दिन हो चुके हैं और खरपतवार दिखने लगे हैं तो सल्फोसल्फ्यूरॉन 75% WG का 33 ग्राम और मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 20% WP का 4 ग्राम दोनों को एक साथ मिलाकर 500 लीटर पानी में घोलें और प्रति हेक्टेयर छिड़क दें। ये चौड़ी पत्ती और सकरी पत्ती दोनों को एक साथ खत्म कर देता है। विकल्प के तौर पर मैट्रीब्यूजिन 70% WP की 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर मात्रा लें। ये खासकर गाजर घास, मोथा और जिद्दी खरपतवारों पर कमाल करता है।
सरकार दवा पर दे रही है 50% सब्सिडी
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने साफ कहा है कि गेहूं के लिए इस्तेमाल होने वाली मुख्य खरपतवारनाशी दवाएँ राजकीय बीज भंडारों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध हैं। पेंडिमिथिलीन, सल्फोसल्फ्यूरॉन, मेटसल्फ्यूरॉन सब मिल जाएँगी। निकटतम बीज भंडार या कृषि केंद्र पर आज ही पहुँचें, स्टॉक खत्म होने से पहले ले आएँ।
इस बार ठंड गेहूं के लिए वरदान
इस बार दिसंबर की ठंड गेहूं के शुरुआती विकास के लिए बहुत फायदेमंद है। अगर खरपतवारों को शुरुआत में ही कंट्रोल कर लिया तो इस साल पैदावार पिछले साल के रिकॉर्ड को भी पार कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ एक सही छिड़काव से 5-8 क्विंटल प्रति एकड़ तक का फायदा हो जाता है।
तुरंत करें ये 3 काम
अगर बुवाई अभी-अभी हुई है तो आज ही पेंडिमिथिलीन का छिड़काव करें। अगर 20-25 दिन हो गए हैं तो सल्फो + मेट या मैट्रीब्यूजिन का छिड़काव तुरंत करें। सब्सिडी वाली दवा निकटतम राजकीय बीज भंडार से अभी ले आएँ। छिड़काव के बाद खेत में पानी न जमने दें। सुबह या शाम को छिड़कें, तेज धूप में न करें।
गेहूं की फसल इस बार रिकॉर्ड तोड़ने वाली है, बस खरपतवारों को रोकना है। अभी मौका है, आज ही खेत में उतरें, दवा छिड़कें और फरवरी-मार्च में मुस्कुराएँ।
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